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Sitapur News: रजबहे का किनारा कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न
Sat, 04 Jan 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 04 Jan 2025 12:00 AM IST
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खेत में भरा रजबहे का पानी।
कुंवरगड्डी(सीतापुर)। अटरिया इलाके के खेमपुर में मुज्जफरपुर रजबहा का किनारा कटने से 50 बीघा सरसों व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। शिकायत के बाद भी नहर विभाग का कोई जिम्मेदार क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत के लिए नहीं पहुंचा। इससे किसानों में गहरा रोष है।
अटरिया क्षेत्र के खेमपुर मजरा रनुवापारा में उफनाई नहर का किनारा कट जाने से किसान प्यारेलाल की 10 बीघा गेहूं, पप्पू कुमार की तीन बीघा गेहूं, छोटे लाल की दो बीघा गेहूं, रमाकांत की दो बीघा गेहूं, रामचंद्र व गुड्डू की एक-एक बीघा सरसों सहित खेमपुर गांव के अन्य कई किसानों की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने नहर विभाग व 1076 पर नहर पटरी कट जाने की शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बावजूद इसकी मरम्मत के लिए नहर विभाग का कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
किसानों ने आरोप लगाया कि नहर सिल्ट सफाई के नाम खानापूर्ति के कारण ही रजबहा में पानी बढ़ते ही किनारा कट जाने से उनके खेतों में पानी भर गया है। इससे चौपट होने वाली फसल का खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ेगा।
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उधर, नहर विभाग सिधौली के एसडीओ तरुण त्रिवेदी ने बताया कि खेमपुर में नहर का किनारा कटने की जानकारी के बाद अटरिया के अवर अभियंता को मौके पर भेजकर नहर कटान को सही करवाया गया है।
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अटरिया क्षेत्र के खेमपुर मजरा रनुवापारा में उफनाई नहर का किनारा कट जाने से किसान प्यारेलाल की 10 बीघा गेहूं, पप्पू कुमार की तीन बीघा गेहूं, छोटे लाल की दो बीघा गेहूं, रमाकांत की दो बीघा गेहूं, रामचंद्र व गुड्डू की एक-एक बीघा सरसों सहित खेमपुर गांव के अन्य कई किसानों की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने नहर विभाग व 1076 पर नहर पटरी कट जाने की शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बावजूद इसकी मरम्मत के लिए नहर विभाग का कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
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किसानों ने आरोप लगाया कि नहर सिल्ट सफाई के नाम खानापूर्ति के कारण ही रजबहा में पानी बढ़ते ही किनारा कट जाने से उनके खेतों में पानी भर गया है। इससे चौपट होने वाली फसल का खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ेगा।
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उधर, नहर विभाग सिधौली के एसडीओ तरुण त्रिवेदी ने बताया कि खेमपुर में नहर का किनारा कटने की जानकारी के बाद अटरिया के अवर अभियंता को मौके पर भेजकर नहर कटान को सही करवाया गया है।