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Sitapur News: बाढ़ में फंसी 40 हजार आबादी
Thu, 17 Aug 2023 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 17 Aug 2023 12:02 AM IST
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सीतापुर। सरयू का जलस्तर बुधवार को 119.40 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर है। उफनाई सरयू ने गांजरी इलाके में एक बार फिर से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रामपुर मथुरा व रेउसा इलाके में नदी के किनारे बसे लगभग 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यहां की 40 हजार आबादी पानी के बीच फंस गई है। उधर, बैराजों से बुधवार को 4 लाख 2 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी पहुंचने पर गांजर के हालात किस कदर बिगड़ सकते हैं इस आशंका से ग्रामीण बुरी तरह सहमे हुए हैं।
ब्लॉक रेउसा में सरयू नदी की बेकाबू लहरें दायरे से बाहर निकलकर तबाही मचा रही हैं। नदी से पांच किमी दूर तक चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। खेत, रास्ते, घर सब पानी से घिरे हुए हैं। क्षेत्र के पासिनपुरवा, दुर्गापुरवा, लालापुरवा, परमेश्वरपुरवा समेत लगभग 15 गांवों के 750 घरों में पानी भर गया है। बाढ़ से प्रभावित 10 हजार की आबादी जान बचाने की जद्दोजहद कर रही है। बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाके में 3300 लंच पैकेट व स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लड्डू का वितरण किया है।
तख्त व चारपाई पर सिमटी जिंदगी
रामपुर मथुरा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अर्जुनपुरवा व अंगरौरा निवासी रामफल और मंशा ने बताया कि पानी काफी अधिक होने से गृहस्थी का सारा सामान लेकर तटबंध पर जाना मुश्किल है। इसलिए घर की छतों, तख्त व चारपाई पर दिनचर्या सिमट गई है। ग्रामीणों ने नावों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन से अपील की है।
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स्कूलों में भरा पानी, पढ़ाई ठप
रेउसा इलाके में बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती चहलारी, जैतहिया व ठेकेदार पुरवा के स्कूल में पानी भर गया है। रास्ते भी बाढ़ की चपेट में हैं। इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।
लंच पैकेट बांटे जा रहे
सरयू के जलस्तर में 40 सेमी की वृद्धि हुई है। नदी व तटबंध के बीच बसे गांवों के प्रभावित लोगों के अवागमन के लिए 22 नावें लगाई गई हैं। तटबंध से लेकर बाढ़ में फंसे लोगों तक को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे है। हालांकि मौके पर आज जलस्तर कम हो रहा है। निगरानी के लिए लेखपालों की तैनाती भी कर दी गई है।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद
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ब्लॉक रेउसा में सरयू नदी की बेकाबू लहरें दायरे से बाहर निकलकर तबाही मचा रही हैं। नदी से पांच किमी दूर तक चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। खेत, रास्ते, घर सब पानी से घिरे हुए हैं। क्षेत्र के पासिनपुरवा, दुर्गापुरवा, लालापुरवा, परमेश्वरपुरवा समेत लगभग 15 गांवों के 750 घरों में पानी भर गया है। बाढ़ से प्रभावित 10 हजार की आबादी जान बचाने की जद्दोजहद कर रही है। बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाके में 3300 लंच पैकेट व स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लड्डू का वितरण किया है।
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तख्त व चारपाई पर सिमटी जिंदगी
रामपुर मथुरा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अर्जुनपुरवा व अंगरौरा निवासी रामफल और मंशा ने बताया कि पानी काफी अधिक होने से गृहस्थी का सारा सामान लेकर तटबंध पर जाना मुश्किल है। इसलिए घर की छतों, तख्त व चारपाई पर दिनचर्या सिमट गई है। ग्रामीणों ने नावों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन से अपील की है।
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स्कूलों में भरा पानी, पढ़ाई ठप
रेउसा इलाके में बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती चहलारी, जैतहिया व ठेकेदार पुरवा के स्कूल में पानी भर गया है। रास्ते भी बाढ़ की चपेट में हैं। इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।
लंच पैकेट बांटे जा रहे
सरयू के जलस्तर में 40 सेमी की वृद्धि हुई है। नदी व तटबंध के बीच बसे गांवों के प्रभावित लोगों के अवागमन के लिए 22 नावें लगाई गई हैं। तटबंध से लेकर बाढ़ में फंसे लोगों तक को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे है। हालांकि मौके पर आज जलस्तर कम हो रहा है। निगरानी के लिए लेखपालों की तैनाती भी कर दी गई है।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद