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जिले में मनेगा विश्व स्तनपान सप्ताह
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:02 PM IST
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जिले में मनेगा विश्व स्तनपान सप्ताह
एक से सात अगस्त तक चलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। जिले में अगस्त में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। पहली अगस्त से शुरू यह सप्ताह सात अगस्त तक चलेगा। सीएमओ कार्यालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित कार्यशाला में सीएमओ ने बताया कि मौजूदा वर्ष 2017-18 के स्तनपान सप्ताह का थीम ‘निरंतर स्तनपान एक साझा प्रयास’ है।
सीएमओ डॉ. ध्रुवराज सिंह ने कहा कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर ही स्तनपान करा देना चाहिए। मां का पहले पीले गाढ़े दूध में कोलेस्ट्रम होता है जो प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। बच्चे के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार है जो शिशु का मौलिक अधिकार भी है। मां का दूध शिशु के व्यापक विकास, मानसिक विकास के साथ ही डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने के लिए आवश्यक है। इसलिए शिशु को प्रथम छह माह तक केवल मां का ही दूध दिया जाए। तत्पश्चात मां के दूध के साथ घर पर बना पूरक पोषण आहार की शुरुआत की जाए। कार्यशाला में सीएमओ ने सभी ब्लॉक के अधीक्षकों को निर्देश दिया कि लेबर रूम और पोस्ट नेटल वार्ड में जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने में मां को सहायता दी जाए। सभी चिकित्सा इकाई के अधीक्षक औचक निरीक्षण कर स्तनपान प्रोत्साहन व अपनाए जा रहे व्यवहार का स्वयं आकलन करें। स्तनपान सप्ताह के दौरान एक चिकित्सा इकाई को सर्वाधिक स्तनपान प्रोत्साहन के लिये पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में एक ब्रेस्ट फींडिग चैम्पियन का चयन करके स्तनपान सप्ताह के दौरान सर्टिफिकेट के माध्यम से पुरस्कृत किया जाएगा। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर उत्तर प्रदेश में अभी भी 25.2 प्रतिशत है जो कि काफी कम है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि इस वर्ष हम सभी को व्यक्तिगत रूप से इस स्तनपान सप्ताह में अथक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने जनपद के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित कर विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त को सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह, डॉ. पीसिंह, डॉ. बीसी पंत, डॉ. बीके वर्मा, डॉ. आशाराम, डॉ. रविदास, डॉ. राजेंद्र सिंह, राजकुमार, सुजीत वर्मा व रिजवानुलहक आदि उपस्थित रहे।
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एक से सात अगस्त तक चलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। जिले में अगस्त में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। पहली अगस्त से शुरू यह सप्ताह सात अगस्त तक चलेगा। सीएमओ कार्यालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित कार्यशाला में सीएमओ ने बताया कि मौजूदा वर्ष 2017-18 के स्तनपान सप्ताह का थीम ‘निरंतर स्तनपान एक साझा प्रयास’ है।
सीएमओ डॉ. ध्रुवराज सिंह ने कहा कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर ही स्तनपान करा देना चाहिए। मां का पहले पीले गाढ़े दूध में कोलेस्ट्रम होता है जो प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। बच्चे के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार है जो शिशु का मौलिक अधिकार भी है। मां का दूध शिशु के व्यापक विकास, मानसिक विकास के साथ ही डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने के लिए आवश्यक है। इसलिए शिशु को प्रथम छह माह तक केवल मां का ही दूध दिया जाए। तत्पश्चात मां के दूध के साथ घर पर बना पूरक पोषण आहार की शुरुआत की जाए। कार्यशाला में सीएमओ ने सभी ब्लॉक के अधीक्षकों को निर्देश दिया कि लेबर रूम और पोस्ट नेटल वार्ड में जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने में मां को सहायता दी जाए। सभी चिकित्सा इकाई के अधीक्षक औचक निरीक्षण कर स्तनपान प्रोत्साहन व अपनाए जा रहे व्यवहार का स्वयं आकलन करें। स्तनपान सप्ताह के दौरान एक चिकित्सा इकाई को सर्वाधिक स्तनपान प्रोत्साहन के लिये पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में एक ब्रेस्ट फींडिग चैम्पियन का चयन करके स्तनपान सप्ताह के दौरान सर्टिफिकेट के माध्यम से पुरस्कृत किया जाएगा। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर उत्तर प्रदेश में अभी भी 25.2 प्रतिशत है जो कि काफी कम है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि इस वर्ष हम सभी को व्यक्तिगत रूप से इस स्तनपान सप्ताह में अथक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने जनपद के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित कर विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त को सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह, डॉ. पीसिंह, डॉ. बीसी पंत, डॉ. बीके वर्मा, डॉ. आशाराम, डॉ. रविदास, डॉ. राजेंद्र सिंह, राजकुमार, सुजीत वर्मा व रिजवानुलहक आदि उपस्थित रहे।
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