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हैंड हेल्ड डिवाइस बताएगी दमकल वाहन की लोकेशन
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
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जीपीएस से लैस होंगी दमकल वाहन, समय पर मिलेगी मदद
सीतापुर। अब यूपी-100 की तर्ज पर दमकल वाहनों को भी ‘हाईटेक’ किया जा रहा है। जिले के पांच फायर स्टेशनों पर ‘कंट्रोल रूम’ बनाए गए हैं।
हर फायर स्टेशन पर एक ‘हैंड हेल्ड डिवाइस’ मुहैया कराई जा रही है। इस डिवाइस की मदद से दमकल वाहन को घटनास्थल पहुंचने में मदद मिलेगी।
कंट्रोल रूम में वाहन की लोकेशन बताने के अलावा हैंड हेल्ड डिवाइस मौके का फीड बैक भी कंट्रोल रूम को भेजता रहेगा। इसका सफल ट्रॉयल किया जा चुका है। हालांकि इसे अभी लागू नहीं किया गया है।
यूपी-100 में जीपीएस के जरिये लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम में यह आसानी से पता चल जाता है, कि घटनास्थल के सबसे करीब कौन सी गाड़ी है।
वह कितनी देर में घटनास्थल पर मदद पहुंचा सकती है। कंट्रोल रूम से निर्देश मिलते ही यूपी-100 की गाड़ी जीपीएस की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए घटनास्थल तक पहुंच जाती है।
जिसके बाद घटनास्थल की लोकेशन और की गई कार्रवाई से कंट्रोल रूम को तत्काल अवगत कराया जाता है। इसी तर्ज पर अब फायर ब्रिगेड विभाग को भी हाईटेक कर दिया गया है।
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जिला मुख्यालय के अलावा सिधौली, महमूदाबाद, बिसवां और लहरपुर में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इन्हें जीपीएस से जोड़ा गया है।
हर कंट्रोल रूम में एक हैंड हेल्ड डिवाइस मुहैया कराई गई है। आग लगने की सूचना पर दमकल वाहन के साथ हैंड हेल्ड डिवाइस भी भेजी जाएगी।
यह हैंड हेल्ड डिवाइस दमकल वाहन को घटनास्थल पर पहुंचाने में मदद करेगी। घटनास्थल का रोड मैप व पहुंचने में लगने वाला समय भी पता लगाया जा सकेगा।
इस तकनीक की मदद से दमकल टीम कम समय में आसानी से घटनास्थल पर पहुंच सकेगी। इधर, कंट्रोल रूम में हैंड हेल्ड के जरिए दमकल वाहन की लोकेशन मिलती रहेगी।
यही नहीं, घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हैंड हेल्ड वहां के हालातों, होने वाले नुकसान का ब्यौरा और राहत-बचाव की कार्रवाई की जानकारी कंट्रोल रूम को लगातार अपडेट करती रहेगी।
जिले में इस तकनीक का ट्रायल किया जा चुका है। हालांकि अभी इसे लागू नहीं किया गया है। उम्मीद है जल्द यह तकनीक लोगों को मदद पहुंचाएगी।
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सीतापुर। अब यूपी-100 की तर्ज पर दमकल वाहनों को भी ‘हाईटेक’ किया जा रहा है। जिले के पांच फायर स्टेशनों पर ‘कंट्रोल रूम’ बनाए गए हैं।
हर फायर स्टेशन पर एक ‘हैंड हेल्ड डिवाइस’ मुहैया कराई जा रही है। इस डिवाइस की मदद से दमकल वाहन को घटनास्थल पहुंचने में मदद मिलेगी।
कंट्रोल रूम में वाहन की लोकेशन बताने के अलावा हैंड हेल्ड डिवाइस मौके का फीड बैक भी कंट्रोल रूम को भेजता रहेगा। इसका सफल ट्रॉयल किया जा चुका है। हालांकि इसे अभी लागू नहीं किया गया है।
यूपी-100 में जीपीएस के जरिये लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम में यह आसानी से पता चल जाता है, कि घटनास्थल के सबसे करीब कौन सी गाड़ी है।
वह कितनी देर में घटनास्थल पर मदद पहुंचा सकती है। कंट्रोल रूम से निर्देश मिलते ही यूपी-100 की गाड़ी जीपीएस की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए घटनास्थल तक पहुंच जाती है।
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जिसके बाद घटनास्थल की लोकेशन और की गई कार्रवाई से कंट्रोल रूम को तत्काल अवगत कराया जाता है। इसी तर्ज पर अब फायर ब्रिगेड विभाग को भी हाईटेक कर दिया गया है।
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जिला मुख्यालय के अलावा सिधौली, महमूदाबाद, बिसवां और लहरपुर में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इन्हें जीपीएस से जोड़ा गया है।
हर कंट्रोल रूम में एक हैंड हेल्ड डिवाइस मुहैया कराई गई है। आग लगने की सूचना पर दमकल वाहन के साथ हैंड हेल्ड डिवाइस भी भेजी जाएगी।
यह हैंड हेल्ड डिवाइस दमकल वाहन को घटनास्थल पर पहुंचाने में मदद करेगी। घटनास्थल का रोड मैप व पहुंचने में लगने वाला समय भी पता लगाया जा सकेगा।
इस तकनीक की मदद से दमकल टीम कम समय में आसानी से घटनास्थल पर पहुंच सकेगी। इधर, कंट्रोल रूम में हैंड हेल्ड के जरिए दमकल वाहन की लोकेशन मिलती रहेगी।
यही नहीं, घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हैंड हेल्ड वहां के हालातों, होने वाले नुकसान का ब्यौरा और राहत-बचाव की कार्रवाई की जानकारी कंट्रोल रूम को लगातार अपडेट करती रहेगी।
जिले में इस तकनीक का ट्रायल किया जा चुका है। हालांकि अभी इसे लागू नहीं किया गया है। उम्मीद है जल्द यह तकनीक लोगों को मदद पहुंचाएगी।