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आगरा विश्वविद्यालय के बीएड डिग्री की होगी जांच
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:46 PM IST
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आगरा विश्विद्यालय की बीएड डिग्रियों की होगी जांच
परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों का जांच जाएगा ब्यौरा
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेखों की गहनता से जांच होगी। इस जांच दायरे में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004 में बीएड की डिग्री लेने वाले शिक्षक आएंगे। कारण यह है विश्वविद्यालय में निर्धारित सीट से अधिक विद्यार्थियों को उस समय फर्जी तरीके से बीएड की डिग्री बांट दी गई थीं। अब यह विद्यार्थी परिषदीय में शिक्षक बन चुके हैं। इस जांच से फर्जी शिक्षकों की शिनाख्त हो सकेगी। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग डिग्री जांचने में जुट गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2004 में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएड की करीब साढ़े आठ हजार सीटें थीं। लेकिन प्रवेश 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए गए थे। इसमें फर्जी तरीके से करीब चार हजार विद्यार्थियों को बीएड की डिग्री दे दी गई थीं। अब यह विद्यार्थी परिषदीय विद्यालय में शिक्षक बन चुके हैं। वह लगातार वेतन भी उठा रहे हैं। इसका खुलासा शासन स्तर की उच्चस्तरीय जांच में हुआ। इस पर शासन ने इन सभी विद्यार्थियों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को मुहैया कराई है। अब विभाग इस सूची में से जनपद में तैनात शिक्षकों का ब्यौरा जुटा रहा है। इस ब्यौरे के मिलने के बाद उनके अभिलेखों की जांच होगी। तभी पता चल सकेगा आखिर जनपद में कितने फर्जी शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है।
(वर्जन)
आगरा विश्वविद्यालय द्वारा बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची शासन ने मुहैया कराई है। इस सूची की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
- अजय कुमार, बीएसए
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परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों का जांच जाएगा ब्यौरा
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेखों की गहनता से जांच होगी। इस जांच दायरे में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004 में बीएड की डिग्री लेने वाले शिक्षक आएंगे। कारण यह है विश्वविद्यालय में निर्धारित सीट से अधिक विद्यार्थियों को उस समय फर्जी तरीके से बीएड की डिग्री बांट दी गई थीं। अब यह विद्यार्थी परिषदीय में शिक्षक बन चुके हैं। इस जांच से फर्जी शिक्षकों की शिनाख्त हो सकेगी। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग डिग्री जांचने में जुट गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2004 में भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएड की करीब साढ़े आठ हजार सीटें थीं। लेकिन प्रवेश 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए गए थे। इसमें फर्जी तरीके से करीब चार हजार विद्यार्थियों को बीएड की डिग्री दे दी गई थीं। अब यह विद्यार्थी परिषदीय विद्यालय में शिक्षक बन चुके हैं। वह लगातार वेतन भी उठा रहे हैं। इसका खुलासा शासन स्तर की उच्चस्तरीय जांच में हुआ। इस पर शासन ने इन सभी विद्यार्थियों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को मुहैया कराई है। अब विभाग इस सूची में से जनपद में तैनात शिक्षकों का ब्यौरा जुटा रहा है। इस ब्यौरे के मिलने के बाद उनके अभिलेखों की जांच होगी। तभी पता चल सकेगा आखिर जनपद में कितने फर्जी शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है।
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आगरा विश्वविद्यालय द्वारा बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची शासन ने मुहैया कराई है। इस सूची की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
- अजय कुमार, बीएसए