{"_id":"59c545ac4f1c1b26688b6077","slug":"191506100652-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से दीवार गिरी, दो सगी बहनों की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से दीवार गिरी, दो सगी बहनों की गई जान
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश से ढही दीवार, दो बहनों की मौत
हरगांव (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में बारिश की वजह से गुुरुवार रात एक छप्पर दीवार समेत गिर गया। इससे छप्पर के नीचे सो रहे परिवार मलबे में दब गया।
घटना में दो बहनों की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आईं हैं। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा निधि से आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है।
हरगांव के बरोसा निवासी अंजुम खां ने कच्ची दीवार पर छप्पर डाल रखा है। इसी छप्पर के नीचे उसका परिवार रहता है। गुरुवार रात अंजुम खां अपने परिवार समेत छप्पर के नीचे सो रहा था।
देर रात बारिश के दौरान चली हवा से छप्पर दीवार समेत गिर गया। इससे अंजुम खां की पुत्री नाजरीन (18) व महेसिव (10), निगार व नरगिस मलबे में दब गईं।
उधर, आवाज सुनकर ग्रामीणों की भी नींद खुल गई लोग उसके घर पहुंचे तो पूरा परिवार मलबे में दबा था। ग्रामीणों ने करीब आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर पूरे परिवार को बाहर निकाला लेकिन तब तक नाजरीन व महेसिव की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
वहीं अंजुम व उसकी अन्य बेटियां निगार व नरगिस को मामूली चोटें आई हैं। परिवार का कहना है कि बारिश की वजह से दीवार कमजोर हो गई थी।
उस दौरान तेज हवा के कारण दीवार छप्पर समेत ढह गई। वहीं घटना की जानकारी पाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें दैवीय आपदा निधि से 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद का भरोसा दिया।
विज्ञापन
हरगांव (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में बारिश की वजह से गुुरुवार रात एक छप्पर दीवार समेत गिर गया। इससे छप्पर के नीचे सो रहे परिवार मलबे में दब गया।
घटना में दो बहनों की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आईं हैं। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा निधि से आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है।
हरगांव के बरोसा निवासी अंजुम खां ने कच्ची दीवार पर छप्पर डाल रखा है। इसी छप्पर के नीचे उसका परिवार रहता है। गुरुवार रात अंजुम खां अपने परिवार समेत छप्पर के नीचे सो रहा था।
विज्ञापन
देर रात बारिश के दौरान चली हवा से छप्पर दीवार समेत गिर गया। इससे अंजुम खां की पुत्री नाजरीन (18) व महेसिव (10), निगार व नरगिस मलबे में दब गईं।
उधर, आवाज सुनकर ग्रामीणों की भी नींद खुल गई लोग उसके घर पहुंचे तो पूरा परिवार मलबे में दबा था। ग्रामीणों ने करीब आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर पूरे परिवार को बाहर निकाला लेकिन तब तक नाजरीन व महेसिव की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
वहीं अंजुम व उसकी अन्य बेटियां निगार व नरगिस को मामूली चोटें आई हैं। परिवार का कहना है कि बारिश की वजह से दीवार कमजोर हो गई थी।
उस दौरान तेज हवा के कारण दीवार छप्पर समेत ढह गई। वहीं घटना की जानकारी पाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें दैवीय आपदा निधि से 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद का भरोसा दिया।