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आनंद अंग व देहदान कर बने महादानी
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:35 AM IST
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आनंद अंग व देहदान कर बने महादानी
सीतापुर। शहर के मोहल्ला बट्सगंज निवासी आनंद नारायन अंगदान व देहदान कर महादानी बने हैं। उन्होंने मोहन फाउंडेशन नामक संस्था में अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज एनॉटोमी विभाग में देहदान का रजिस्ट्रेशन कराया है। आनंद नारायन ने बताया कि कोई भी किडनी, हार्ट व अन्य अंगों अभाव में न मरे। इस वजह से उन्होंने अंगदान का निर्णय लिया है। मेरे मरने के बाद भी कोई इस दुनिया को देख सके। इसलिए मेरी कॉर्निया काम आएंगी। उन्होंने कहा कि सीतापुर जिला महार्षि दधीचि की नगरी है। महार्षि दधीचि ने लोक कल्याण के लिए देहदान की थी। कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा पाकर डॉक्टर बन सके, इसके लिए मैं देहदान कर रहा हूं।
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सीतापुर। शहर के मोहल्ला बट्सगंज निवासी आनंद नारायन अंगदान व देहदान कर महादानी बने हैं। उन्होंने मोहन फाउंडेशन नामक संस्था में अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज एनॉटोमी विभाग में देहदान का रजिस्ट्रेशन कराया है। आनंद नारायन ने बताया कि कोई भी किडनी, हार्ट व अन्य अंगों अभाव में न मरे। इस वजह से उन्होंने अंगदान का निर्णय लिया है। मेरे मरने के बाद भी कोई इस दुनिया को देख सके। इसलिए मेरी कॉर्निया काम आएंगी। उन्होंने कहा कि सीतापुर जिला महार्षि दधीचि की नगरी है। महार्षि दधीचि ने लोक कल्याण के लिए देहदान की थी। कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा पाकर डॉक्टर बन सके, इसके लिए मैं देहदान कर रहा हूं।