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दो साल में ही क्षतिग्रस्त हो गया रपटा पुल
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थानगांव (सीतापुर)। रेउसा विकासखंड में बना रपटा पुल दो साल में ही जर्जर हो गया है। इस समय पुल की रेलिंग टूट चुकी है। बीच में गड्ढ़े हो गए है। पुल के दोनों सिरे जोड़ने के लिए एक तरफ की मिट्टी कट चुकी है।
इससे यह अब किसी खतरे से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है अगर जल्द इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो कुछ समय बाद बाढ़ आने वाली है तो हालात और खराब होंगे।
करीब 15 गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग यही पुल बना हुआ है। ऐसे में लोगों को आवागमन की भारी दुश्वारी उठानी पड़ेगी। रेउसा विकासखंड की ग्राम पंचायत थौरा के मजरा कुमियनपुरवा में 2016 में रपटा पुल बनवाया गया था।
यह पुल गोगरहिया नदी पर बना हुआ है। इस पुल का निर्माण जिला पंचायत की तरफ से कराया गया था। इससे 15 गांवों का संपर्क मार्ग सुलभ हो गया था।
लेकिन यह अधिक दिन नहीं टिक सका। पुल बनने के दो साल के अंदर ही यह टूटने लगे। इस समय हालात यह है पुल के बीच में गड्ढ़े हो गए है। पुल की एक तरफ की रेलिंग टूट चुकी है।
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पुल को सड़क से जोडने के लिए एक तरफ की मिट्टी कट चुकी है। इससे जब वाहन एक तरफ पुल पर चढ़कर दूसरी तरफ उतरते है तो वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।
जबकि यह 15 गांवों का संपर्क मार्ग बना हुआ है। छोटे से लेकर भारी वाहन तक इस पुल से होकर गुजरते है। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून आने वाला है।
कुछ दिन बाद बाढ़ के हालात उत्पन्न हो जाएंगे। ऐसे में पुल पर पानी आ जाएगा तो पूरी तरह से संपर्क मार्ग टूट जाएगा। इससे ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों का कहना है अगर जल्द इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो हालात बहुत ही खराब हो जाएंगे।
इन गांवों का बना है संपर्क मार्ग
कुमियनपुरवा में बने रपटा पुल से होकर मिश्रनपुरवा, दसवांनगर, टपरा, पासिनपुरवा, लोधपुरवा सहित 15 गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग बना हुआ है।
इस पुल से होकर लोग रामपुर मथुरा को जाते है। साथ ही थानगांव बाजार, चकदहा बाजार व पुलिस चौकी शंकरपुर झिसनी जाने के लिए इसी पुल का इस्तेमाल करतेे है।
भेजा जाएगा प्रस्ताव
रपटा पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। इस बार प्रस्ताव बनवाकर जिला पंचायत को भेजा जाएगा। पुल की मरम्मत कराकर चलने लायक बनाया जाएगा।
- डॉ. सुधांशु सिंह, बीडीओ, रेउसा
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इससे यह अब किसी खतरे से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है अगर जल्द इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो कुछ समय बाद बाढ़ आने वाली है तो हालात और खराब होंगे।
करीब 15 गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग यही पुल बना हुआ है। ऐसे में लोगों को आवागमन की भारी दुश्वारी उठानी पड़ेगी। रेउसा विकासखंड की ग्राम पंचायत थौरा के मजरा कुमियनपुरवा में 2016 में रपटा पुल बनवाया गया था।
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यह पुल गोगरहिया नदी पर बना हुआ है। इस पुल का निर्माण जिला पंचायत की तरफ से कराया गया था। इससे 15 गांवों का संपर्क मार्ग सुलभ हो गया था।
लेकिन यह अधिक दिन नहीं टिक सका। पुल बनने के दो साल के अंदर ही यह टूटने लगे। इस समय हालात यह है पुल के बीच में गड्ढ़े हो गए है। पुल की एक तरफ की रेलिंग टूट चुकी है।
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पुल को सड़क से जोडने के लिए एक तरफ की मिट्टी कट चुकी है। इससे जब वाहन एक तरफ पुल पर चढ़कर दूसरी तरफ उतरते है तो वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।
जबकि यह 15 गांवों का संपर्क मार्ग बना हुआ है। छोटे से लेकर भारी वाहन तक इस पुल से होकर गुजरते है। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून आने वाला है।
कुछ दिन बाद बाढ़ के हालात उत्पन्न हो जाएंगे। ऐसे में पुल पर पानी आ जाएगा तो पूरी तरह से संपर्क मार्ग टूट जाएगा। इससे ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों का कहना है अगर जल्द इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो हालात बहुत ही खराब हो जाएंगे।
इन गांवों का बना है संपर्क मार्ग
कुमियनपुरवा में बने रपटा पुल से होकर मिश्रनपुरवा, दसवांनगर, टपरा, पासिनपुरवा, लोधपुरवा सहित 15 गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग बना हुआ है।
इस पुल से होकर लोग रामपुर मथुरा को जाते है। साथ ही थानगांव बाजार, चकदहा बाजार व पुलिस चौकी शंकरपुर झिसनी जाने के लिए इसी पुल का इस्तेमाल करतेे है।
भेजा जाएगा प्रस्ताव
रपटा पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। इस बार प्रस्ताव बनवाकर जिला पंचायत को भेजा जाएगा। पुल की मरम्मत कराकर चलने लायक बनाया जाएगा।
- डॉ. सुधांशु सिंह, बीडीओ, रेउसा