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कटान के डर से 13 परिवारों ने छोड़ा घर

Thu, 17 Jun 2021 11:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 11:37 PM IST
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13 families left home due to fear of flood
रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में उफनाई शारदा व सरयू नदी ने ग्रामीणों के लिए मुसीबतें पैदा कर दी है। जलस्तर बढ़ने से तीन गांवों के 90 घर कटान के मुहाने पर आ गए है। इन गांवों के बाहर नदी का पानी पहुंच गया है। कटान शुरू हो गई है। सहमे 13 परिवारों ने गुरुवार को गांव से पलायन कर दिया है। एक ग्रामीण का घर नदी में समा गया। इससे ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर दहशत फैल गई है। एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करके राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिया है।
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दो दिन से लगातार बैराजों से छोड़ जाने वाले पानी से शारदा व सरयू का जलस्तर काफी बढ़ गया है। दो किलोमीटर दूर बहने वाली नदी अब फौजदारपुरवा गांव के पास पहुंच गई है। इससे यहां के 50 घर कटान के मुहाने पर आ गए हैं। गुरुवार को नदी का दायरा बढ़ाकर करीब एक किलोमीटर दूर परमेश्वरपुरवा व चौकीपुरवा तक पहुंच गया है। इन दोनों गांव के पड़ोस में नदी का पानी पहुंचने से यहां के ग्रामीण बाढ़ को लेकर भयभीत है। यहां के 40 घरों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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गुरुवार को परमेश्वरपुरवा के रामनरेश, गोधनी, निर्मल, रमेश, धनीराम, चंदर व सकटू ने गांव से पलायन कर दिया। चौकीपुरवा के पुत्तीसेठ, कैलाश, दूभर, राजू व सुरेश ने भी गांव छोड़ दिया है। परमेश्वरपुरवा के पेशकार ने एक दिन पहले ही कटान की आशंका से गांव छोड़ दिया था। गुरुवार को इनका मकान कटान में समा गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेजी से कटान हो रही है। पता नहीं कब घर पानी में ही समा जाए। इसलिए अब परिवार की खातिर सुरक्षित स्थान की तरफ रुख कर लिया है।
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गुरुवार को एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा व तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परमेश्वरपुरवा, चौकीपुरवा व फौजदारपुरवा जाकर नदी की कटान देखाी। वहां पर मौजूद अफसरों को बाढ़ के राहत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने लेखपालों को गांव में ही रुककर बराबर नजर बनाए रखने को कहा।
एसडीएम ने फौजदारपुरवा में चल रहे स्टड निर्माण कार्य को देखा तो वह बंद मिला। इस पर ठेकेदार व जेई से जानकारी लेनी चाही तो वह नदारद मिले। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से काम बंद है। अगर समय से काम पूरा हो जाता है तो शायद आज यह कटान नहीं होती। इसके बाद एसडीएम ने फोन पर जेई मनोज सिंह से बात की। बोले, तत्काल काम शुरू करा दें। अगर लापरवाही हुई तो कार्रवाई के लिए पत्र लिख दूंगा।
गांव में नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
फौजदारपुरवा के भिखारी लाल ने एसडीएम से शिकायत किया कि पत्नी इंद्रावती बीमार है। गांव में कोई डॉक्टर नहीं है, और भी कई लोग बीमार हैं। कोई अभी तक देखने नहीं आया है। इस पर एसडीएम ने सीएचसी अधीक्षक को गांव में तत्काल टीम भेजने के निर्देश दिए। भिखारी लाल को सीएचसी पर भेजकर इलाज करवाने का भरोसा दिया।
10 स्कूलों में ठहरेंगे बाढ़ पीड़ित
फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा व परमेश्वरपुरवा में कटान तेजी से हो रही है। इस पर इन गांवों के लोगों के लिए 10 स्कूलों को रिजर्व किया गया है। फौजदारपुरवा, हरिहरपुर नेवादा, मारूबेहड़ सहित अन्य जगहों के स्कूलों में अब बाढ़ पीड़ित ठहरेंगे। एसडीएम ने लेखपालों को इन स्कूलों में टेंट व चारपाई का इंतजाम करने के निर्देश दिए। सप्लाई इंस्पेक्टर को भोजन का इंतजाम करने को कहा है। एसडीएम ने पलायन करने पर गांव के लोगों के लिए ट्रॉली व नावें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

गांव में बीमार हो रहे मवेशी
कटान बढ़ने के साथ ही अब गांवों में बीमारियों ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। परमेश्वरपुरवा व चौकीपुरवा में कई पशु बीमार हैं। अभी तक न तो इनका टीकाकरण हो सका है, न ही इलाज के लिए कोई पशु चिकित्सक गांव पहुंचा है। गांव के लोगों ने पशुओं के बीमार होने की एसडीएम से शिकायत की तो उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी को गांव में पहुंचकर टीकाकरण करने के निर्देश दिए।
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