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390 करोड़ किसानों का दबाएं है चीनी मिलें
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:35 AM IST
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बकाया भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे जिले के गन्ना किसान
सीतापुर। जिले के गन्ना किसानों का करीब 390 करोड़ रुपया चीनी मिलों पर बकाया है। बकाया भुगतान के लिए किसान बैंक व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। फिर भी उनको अपनी मेहनत की कमाई नहीं मिल पा रही है। बकाएदारी में हरगांव चीनी मिल टॉप पर है।
इस मिल पर किसानों का 149 करोड़ रुपया बकाया है। सबसे कम नौ करोड़ रुपया महमूदाबाद चीनी मिल पर बकाया है। बावजूद इसके उन्हें पेमेंट नहीं मिल रहा है। जबकि नया पेराई सत्र एक पखवारा में चालू होने को है। जिले में पांच चीनी मिल चल रही है।
इनमें हरगांव चीनी मिल, बिसवां चीनी मिल, रामगढ़ चीनी मिल, जवाहरपुर चीनी मिल व महमूदाबाद चीनी मिल शामिल हैं। मई माह में चीनी मिलों के चक्के जाम हो गए थे। जिस समय मिले बंद हुई थी। उस समय किसानों का करोड़ों रुपया मिलों पर बकाया चल रहा था।
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मिल बंद हुए करीब पांच माह बीत गए हैं। फिर भी किसानों को पूरा भुगतान नहीं हो सका है। इससे परेशान किसान बैंक व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। जब भी जिम्मेदारों के पास जाते हैं तो वह यह कहकर वापस कर देते हैं कि आपका बकाया भुगतान जल्द आ जाएगा।
इसके कारण उनके सामने आर्थिक समस्याएं आ गई हैं। जिससे जरूरी काम लटक रहे हैं। बकाएदारी में हरगांव मिल पर 149 करोड़, बिसवां चीनी मिल 65 करोड़, रामगढ़ चीनी मिल 78 करोड़, जवाहरपुर चीनी मिल 87 करोड़ व महमूदाबाद चीनी मिल पर नौ करोड़ रुपया बकाया चल रहा है।
कुल मिलाकर करीब 390 करोड़ रुपया अभी भी किसानों का दबा हुआ है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही इसका भुगतान करा दिया जाएगा।
जल्द आई है कमी
चीनी मिल के बंद होने के समय 2190 करोड़ रुपया बकाया था। किसानों को उम्मीद थी कि यह एक माह के अंदर मिल जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे समय गुजरता गया, चीनी मिलें भुगतान करतीं लेकिन वह पूरा नहीं कर सकीं। अब तक 1800 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी भी 390 करोड़ बकाया चल रहा है।
जल्द मिलेगा भुगतान
चीनी मिलों पर बकाया भुगतान के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। पेराई सत्र से पहले सभी किसानों को पूरा भुगतान हो जाएगा।
-दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
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सीतापुर। जिले के गन्ना किसानों का करीब 390 करोड़ रुपया चीनी मिलों पर बकाया है। बकाया भुगतान के लिए किसान बैंक व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। फिर भी उनको अपनी मेहनत की कमाई नहीं मिल पा रही है। बकाएदारी में हरगांव चीनी मिल टॉप पर है।
इस मिल पर किसानों का 149 करोड़ रुपया बकाया है। सबसे कम नौ करोड़ रुपया महमूदाबाद चीनी मिल पर बकाया है। बावजूद इसके उन्हें पेमेंट नहीं मिल रहा है। जबकि नया पेराई सत्र एक पखवारा में चालू होने को है। जिले में पांच चीनी मिल चल रही है।
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इनमें हरगांव चीनी मिल, बिसवां चीनी मिल, रामगढ़ चीनी मिल, जवाहरपुर चीनी मिल व महमूदाबाद चीनी मिल शामिल हैं। मई माह में चीनी मिलों के चक्के जाम हो गए थे। जिस समय मिले बंद हुई थी। उस समय किसानों का करोड़ों रुपया मिलों पर बकाया चल रहा था।
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मिल बंद हुए करीब पांच माह बीत गए हैं। फिर भी किसानों को पूरा भुगतान नहीं हो सका है। इससे परेशान किसान बैंक व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। जब भी जिम्मेदारों के पास जाते हैं तो वह यह कहकर वापस कर देते हैं कि आपका बकाया भुगतान जल्द आ जाएगा।
इसके कारण उनके सामने आर्थिक समस्याएं आ गई हैं। जिससे जरूरी काम लटक रहे हैं। बकाएदारी में हरगांव मिल पर 149 करोड़, बिसवां चीनी मिल 65 करोड़, रामगढ़ चीनी मिल 78 करोड़, जवाहरपुर चीनी मिल 87 करोड़ व महमूदाबाद चीनी मिल पर नौ करोड़ रुपया बकाया चल रहा है।
कुल मिलाकर करीब 390 करोड़ रुपया अभी भी किसानों का दबा हुआ है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही इसका भुगतान करा दिया जाएगा।
जल्द आई है कमी
चीनी मिल के बंद होने के समय 2190 करोड़ रुपया बकाया था। किसानों को उम्मीद थी कि यह एक माह के अंदर मिल जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे समय गुजरता गया, चीनी मिलें भुगतान करतीं लेकिन वह पूरा नहीं कर सकीं। अब तक 1800 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी भी 390 करोड़ बकाया चल रहा है।
जल्द मिलेगा भुगतान
चीनी मिलों पर बकाया भुगतान के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। पेराई सत्र से पहले सभी किसानों को पूरा भुगतान हो जाएगा।
-दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी