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पेंशन न मिलने से दो जून की रोटी के लाले
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:06 AM IST
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सीतापुर। जिले की 66 हजार महिलाएं इन दिनों जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही हैं। कारण यह है कि इन्हें कार्यालय की भागदौड़ करते हुए धीरे-धीरे छह माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद इनके खाते में विधवा पेंशन की राशि नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में इन्हें परिवार का भरण पोषण करने में खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। विधवा पेंशनधारकों की मानें तो पेंशन की जानकारी के लिए वे लगातार जिम्मेदारों से संपर्क कर रही हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विभागीय जानकारों की मानें तो सीतापुर जिले में 66 हजार 148 महिलाओं को विधवा पेंशन मिलती है। यह रकम इनके खातों में भेजी जाती है। मगर पिछले छह माह से इनके खाते में पेंशन की रकम नहीं पहुंची है। जिस कारण महिलाएं पेंशन पाने के लिए जिम्मेदार अफसरों की चौखट के चक्कर काट रहीं हैं।
यही नहीं वह पेंशन की अपडेट जानने के लिए बैंक जाकर अपने खाते को चेक कराती हैं तो उन्हेें बताया जाता है कि अभी पेंशन नहीं आई है। इसके बाद वे ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्थित प्रोबेशन दफ्तर आती हैं। मगर यहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
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पेंशन पाने की दौड़भाग में महिलाओं को जितनी पेंशन नहीं मिलेगी, उससे अधिक धनराशि खर्च हो जा रही है। पेंशन न मिलने से महिलाओं को दो जून की रोटी के लाले पड़ हैं। क्योंकि उनका जीवनयापन पेंशन की राशि से ही होता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लगा रही हूं चक्कर
शहर के विजय लक्ष्मीनगर निवासी मंथरा बहुत गरीब हैं। इनको छह माह से विधवा पेंशन नहीं मिली है। मंथरा का कहना है कि एक बार नहीं कई बार प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की चक्कर काट चुकी हूं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
आर्थिक समस्याएं
रेउसा विकासखंड के थानगांव निवासी प्रेमा देवी का कहना है कि छह माह से पेंशन नहीं मिलने से उनके समक्ष आर्थिक समस्याएं आ गई हैं। पेंशन से काफी हद तक समस्याएं दूर हो जाती थीं। अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो रोटी तक का संकट खड़ा हो जाएगा।
भागदौड़ में खर्च हो चुका काफी पैसा
थानगांव की राजवती का कहना है कि जब भी कार्यालय जाओ तो यही बताया जाता है कि जल्द आपके खाते में पैसा आ जाएगा। लेकिन यह कब आएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पेंशन से ज्यादा कार्यालय के चक्कर काटते हुए पैसा खर्च कर चुकी हूं।
नए लाभार्थियों को भी पेंशन के लाले
पुरानी विधवा पेंशन के लाभार्थी जहां परेशान हैं, वहीं जिन विधवाओं की इसी वित्तीय साल मेें पेंशन स्वीकृत हुई है। इन्हें भी अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। विभाग के पटल सहायक के अनुसार 66 हजार 148 विधवाएं पूर्व से पेंशन पा रही हैं। जबकि 3116 महिलाओं की इसी वित्तीय साल में पेंशन स्वीकृत हुई है।
जल्द आएगी पेंशन
शासन स्तर पर वित्त विभाग में तकनीकी खराबी के कारण पेंशन की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। शीघ्र पेंशन की राशि भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी माह रकम महिलाओं के खाते में पहुंच जाएगी।
- अश्वनी कुमार तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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विभागीय जानकारों की मानें तो सीतापुर जिले में 66 हजार 148 महिलाओं को विधवा पेंशन मिलती है। यह रकम इनके खातों में भेजी जाती है। मगर पिछले छह माह से इनके खाते में पेंशन की रकम नहीं पहुंची है। जिस कारण महिलाएं पेंशन पाने के लिए जिम्मेदार अफसरों की चौखट के चक्कर काट रहीं हैं।
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यही नहीं वह पेंशन की अपडेट जानने के लिए बैंक जाकर अपने खाते को चेक कराती हैं तो उन्हेें बताया जाता है कि अभी पेंशन नहीं आई है। इसके बाद वे ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्थित प्रोबेशन दफ्तर आती हैं। मगर यहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
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पेंशन पाने की दौड़भाग में महिलाओं को जितनी पेंशन नहीं मिलेगी, उससे अधिक धनराशि खर्च हो जा रही है। पेंशन न मिलने से महिलाओं को दो जून की रोटी के लाले पड़ हैं। क्योंकि उनका जीवनयापन पेंशन की राशि से ही होता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लगा रही हूं चक्कर
शहर के विजय लक्ष्मीनगर निवासी मंथरा बहुत गरीब हैं। इनको छह माह से विधवा पेंशन नहीं मिली है। मंथरा का कहना है कि एक बार नहीं कई बार प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की चक्कर काट चुकी हूं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
आर्थिक समस्याएं
रेउसा विकासखंड के थानगांव निवासी प्रेमा देवी का कहना है कि छह माह से पेंशन नहीं मिलने से उनके समक्ष आर्थिक समस्याएं आ गई हैं। पेंशन से काफी हद तक समस्याएं दूर हो जाती थीं। अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो रोटी तक का संकट खड़ा हो जाएगा।
भागदौड़ में खर्च हो चुका काफी पैसा
थानगांव की राजवती का कहना है कि जब भी कार्यालय जाओ तो यही बताया जाता है कि जल्द आपके खाते में पैसा आ जाएगा। लेकिन यह कब आएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पेंशन से ज्यादा कार्यालय के चक्कर काटते हुए पैसा खर्च कर चुकी हूं।
नए लाभार्थियों को भी पेंशन के लाले
पुरानी विधवा पेंशन के लाभार्थी जहां परेशान हैं, वहीं जिन विधवाओं की इसी वित्तीय साल मेें पेंशन स्वीकृत हुई है। इन्हें भी अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। विभाग के पटल सहायक के अनुसार 66 हजार 148 विधवाएं पूर्व से पेंशन पा रही हैं। जबकि 3116 महिलाओं की इसी वित्तीय साल में पेंशन स्वीकृत हुई है।
जल्द आएगी पेंशन
शासन स्तर पर वित्त विभाग में तकनीकी खराबी के कारण पेंशन की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। शीघ्र पेंशन की राशि भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी माह रकम महिलाओं के खाते में पहुंच जाएगी।
- अश्वनी कुमार तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी