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सब्जी मंडी में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
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तोड़ी गई 50 दुकानें, ढहाए गए पक्के निर्माण, करीब तीन घंटे तक मची रही अफरातफरी
सीतापुर। जिला प्रशासन ने गुरुवार को कैंची पुल के निकट सब्जी मंडी से अतिक्रमण हटवाया। इस अभियान में करीब 50 व्यापारियों की स्थाई व अस्थाई दुकानें बुलडोजर से ढहा दिए गये। पुलिस बल की मौजूदगी होने के कारण कोई विरोध भी नहीं कर सका। करीब तीन घंटे की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
व्यापारी अपना सामान बटोरने में ही लगे रहे। प्रशासन के मुताबिक, यह जमीन पीडब्ल्यूडी की थी। करीब एक साल पहले व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने की की चेतावनी दी गई थी। शहर के कैंची पुल के पास दशकों से सब्जी मंडी लगती आ रही हैं। जिस जमीन पर सब्जी मंडी लगती हैं।
वह पीडब्ल्यूडी की जमीन हैं। पहले यहां पर पीडब्ल्यूडी का कार्यालय हुआ करता था। उसके बाद कार्यालय का नया भवन पुल के उस पार बन गया हैं। इससे खाली जमीन पर व्यापारियों ने अतिक्रमण करते हुए रोजगार कर लिए। इससे पहले पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी दी थी। जब व्यापारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो इसे जबरदस्ती हटवा दिया गया।
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गुरुवार को एसडीएम सदर पूर्णिमा सिंह, ईओ सुरेंद्र प्रताप व इंस्पेक्टर हरमीत सिंह पूरे दलबल के साथ यहां पर पहुंचे। सीधे व्यापारियों को कहा कि आप सामान हटाओ वरना इसे ढहा दिया जाएगा। इस पर व्यापारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस मिलनी चाहिए थी।
इतनी जल्दी कैसे सामान पैक करें। लेकिन अफसरों ने उनकी एक न सुनी। कुछ समय का अल्टीमेटम दे दिया। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कोई ऑटो से सामान ढोने लगा तो कोई सामान पैक करने में जुट गया। करीब आधा घंटा बाद बुलडोजर ने अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई शुरु कर दी।
करीब तीन घंटे के अंदर 50 व्यापारियों के अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण ढहा दिए गए। इससे आसपड़ोस के व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। फोर्स अधिक होने की वजह से कोई विरोध भी नहीं कर सका।
70 साल में दूसरा नहीं कर सकते रोजगार
विनीत अग्रवाल की उम्र करीब 70 साल हैं। यह यहां एक खोखा रखकर कपड़े बेचकर किसी तरह घर चलाते थे। इनके पास रोजगार का कोई साधन भी नहीं बचा हैं। इतनी अधिक उम्र होने पर वह कोई दूसरा काम भी नहीं कर सकते हैं। गुरुवार को जब बुलडोजर चला तो उनकी आंखों में आंसू आ गए।
अफसरों से दुकान हटाने की मोहलत मांगी, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी। विनीत का कहना है कि अब दुकान कहां पर रखें, मेरे पास एक भी फिट जगह नहीं बची हैं। घर में कमाने वाला कोई दूसरा नहीं हैं। अब कैसे परिवार चलाएंगे। यह समझ में नहीं आ रहा है।
जिला प्रशासन ने अगर दुकान हटवा दी हैं तो उसे कहीं रखवाने की व्यवस्था भी करवा दें। माया व गया प्रसाद का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले न तो कोई नोटिस दी गई थी। न ही एनाउंस कराकर चेतावनी। सीधे अतिक्रमण हटवा दिया गया हैं। अब रोजगार के अवसर ठप हो गए हैं। सब्जी बेचकर काम चलाते थे। अब क्या करें।
‘साहब इधर क्यों नहीं करते नजर’
आंख अस्पताल पर कई शॉपिग मॉल व रेस्टोरेंट बने हुए हैं। इनके पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। रोड के किनारे सामान रखकर व्यापार करते हैं। इसकी वजह से हर समय जाम लगा रहता हैं। इससे शहरवासियों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।
यहां पर अतिक्रमण हटवाने की सबसे अधिक जरुरत हैं। लेकिन जिला प्रशासन शॉपिंग मॉल्स के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका हैं। जब कभी अभियान चला तो नोटिस के आगे कार्रवाई बंद हो जाती हैं। वहीं जिला अस्पताल, पुराने सीतापुर जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण फैला हुआ था।
इधर भी प्रशासन की नजर नहीं पड़ती हैं। जिला प्रशासन की अतिक्रमण के खिलाफ यह भेदभावपूर्ण नीति किसी के गले नहीं उतर रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई करना है तो पहले बड़ों पर करें। फिर छोटों पर आएं। लेकिन यहां पर केवल गरीब और कमजोर पर ही कार्रवाई हो रही हैं।
पीडब्ल्यूडी की है जमीन
यह जमीन पीडब्ल्यूडी की है। उनकी तरफ से नोटिस जारी किया जा चुका है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा भी दो बार जाकर चेतावनी दी जा चुकी थी। अब नगर पालिका की तरफ से इनको बसाने की कवायद शुरू होगी।
-पूर्णिमा सिंह, एसडीएम सदर
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सीतापुर। जिला प्रशासन ने गुरुवार को कैंची पुल के निकट सब्जी मंडी से अतिक्रमण हटवाया। इस अभियान में करीब 50 व्यापारियों की स्थाई व अस्थाई दुकानें बुलडोजर से ढहा दिए गये। पुलिस बल की मौजूदगी होने के कारण कोई विरोध भी नहीं कर सका। करीब तीन घंटे की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
व्यापारी अपना सामान बटोरने में ही लगे रहे। प्रशासन के मुताबिक, यह जमीन पीडब्ल्यूडी की थी। करीब एक साल पहले व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने की की चेतावनी दी गई थी। शहर के कैंची पुल के पास दशकों से सब्जी मंडी लगती आ रही हैं। जिस जमीन पर सब्जी मंडी लगती हैं।
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वह पीडब्ल्यूडी की जमीन हैं। पहले यहां पर पीडब्ल्यूडी का कार्यालय हुआ करता था। उसके बाद कार्यालय का नया भवन पुल के उस पार बन गया हैं। इससे खाली जमीन पर व्यापारियों ने अतिक्रमण करते हुए रोजगार कर लिए। इससे पहले पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी दी थी। जब व्यापारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो इसे जबरदस्ती हटवा दिया गया।
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गुरुवार को एसडीएम सदर पूर्णिमा सिंह, ईओ सुरेंद्र प्रताप व इंस्पेक्टर हरमीत सिंह पूरे दलबल के साथ यहां पर पहुंचे। सीधे व्यापारियों को कहा कि आप सामान हटाओ वरना इसे ढहा दिया जाएगा। इस पर व्यापारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस मिलनी चाहिए थी।
इतनी जल्दी कैसे सामान पैक करें। लेकिन अफसरों ने उनकी एक न सुनी। कुछ समय का अल्टीमेटम दे दिया। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कोई ऑटो से सामान ढोने लगा तो कोई सामान पैक करने में जुट गया। करीब आधा घंटा बाद बुलडोजर ने अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई शुरु कर दी।
करीब तीन घंटे के अंदर 50 व्यापारियों के अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण ढहा दिए गए। इससे आसपड़ोस के व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। फोर्स अधिक होने की वजह से कोई विरोध भी नहीं कर सका।
70 साल में दूसरा नहीं कर सकते रोजगार
विनीत अग्रवाल की उम्र करीब 70 साल हैं। यह यहां एक खोखा रखकर कपड़े बेचकर किसी तरह घर चलाते थे। इनके पास रोजगार का कोई साधन भी नहीं बचा हैं। इतनी अधिक उम्र होने पर वह कोई दूसरा काम भी नहीं कर सकते हैं। गुरुवार को जब बुलडोजर चला तो उनकी आंखों में आंसू आ गए।
अफसरों से दुकान हटाने की मोहलत मांगी, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी। विनीत का कहना है कि अब दुकान कहां पर रखें, मेरे पास एक भी फिट जगह नहीं बची हैं। घर में कमाने वाला कोई दूसरा नहीं हैं। अब कैसे परिवार चलाएंगे। यह समझ में नहीं आ रहा है।
जिला प्रशासन ने अगर दुकान हटवा दी हैं तो उसे कहीं रखवाने की व्यवस्था भी करवा दें। माया व गया प्रसाद का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले न तो कोई नोटिस दी गई थी। न ही एनाउंस कराकर चेतावनी। सीधे अतिक्रमण हटवा दिया गया हैं। अब रोजगार के अवसर ठप हो गए हैं। सब्जी बेचकर काम चलाते थे। अब क्या करें।
‘साहब इधर क्यों नहीं करते नजर’
आंख अस्पताल पर कई शॉपिग मॉल व रेस्टोरेंट बने हुए हैं। इनके पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। रोड के किनारे सामान रखकर व्यापार करते हैं। इसकी वजह से हर समय जाम लगा रहता हैं। इससे शहरवासियों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।
यहां पर अतिक्रमण हटवाने की सबसे अधिक जरुरत हैं। लेकिन जिला प्रशासन शॉपिंग मॉल्स के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका हैं। जब कभी अभियान चला तो नोटिस के आगे कार्रवाई बंद हो जाती हैं। वहीं जिला अस्पताल, पुराने सीतापुर जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण फैला हुआ था।
इधर भी प्रशासन की नजर नहीं पड़ती हैं। जिला प्रशासन की अतिक्रमण के खिलाफ यह भेदभावपूर्ण नीति किसी के गले नहीं उतर रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई करना है तो पहले बड़ों पर करें। फिर छोटों पर आएं। लेकिन यहां पर केवल गरीब और कमजोर पर ही कार्रवाई हो रही हैं।
पीडब्ल्यूडी की है जमीन
यह जमीन पीडब्ल्यूडी की है। उनकी तरफ से नोटिस जारी किया जा चुका है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा भी दो बार जाकर चेतावनी दी जा चुकी थी। अब नगर पालिका की तरफ से इनको बसाने की कवायद शुरू होगी।
-पूर्णिमा सिंह, एसडीएम सदर