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40 आवास लाभार्थियों से की गई ठगी
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:18 AM IST
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प्रधान व रोजगार सेवक पर राशि हड़पने का आरोप
सीतापुर। पीएम आवास ग्रामीण के नाम पर गरीबों से जिम्मेदार ठगी कर रहे हैं। मकान बनाने को आवंटित राशि को हजम किया जा रहा है। इससे आवास अधूरे पड़े हैं। लाभार्थी के खाते में मजदूरी का पैसा न भेजकर दूसरे जॉब कार्डधारकों के खाते में राशि भेजी गई है। एसडीएम सदर के निर्देश पर बीडीओ की जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रकरण ब्लॉक एलिया की ग्राम सभा मलिकापुर का है। यहां पीएम आवास योजना के 40 लाभार्थियों ने तीन अक्टूबर को तहसील दिवस में एसडीएम पूर्णिमा सिंह ने शिकायत की थी। इसके मार्फत आरोप लगाया कि प्रधान व पंचायत मित्र ने आवास की किश्त से 20-20 हजार रुपये ले लिए हैं।
मनरेगा से मजदूरी की राशि का कुछ को भुगतान नहीं किया गया है। जबकि कुछ की राशि दूसरे जॉब कार्डधारकों के खाते में भेजकर ले ली गई है। इससे आवास अधूरे पड़े हैं। एसडीएम के निर्देश पर बीडीओ एलिया ने पांच अक्टूबर को गांव जाकर जांच की। इसके बाद सभी से ब्लाक पर छह व आठ अक्टूबर को बयान लिए।
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इसमें मामला सही पाया गया। लाभार्थियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बयान देने के बाद बीडीओ ने कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही है। राजनीतिक दबाव के चलते मामले को दबाया जा रहा है।
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सीतापुर। पीएम आवास ग्रामीण के नाम पर गरीबों से जिम्मेदार ठगी कर रहे हैं। मकान बनाने को आवंटित राशि को हजम किया जा रहा है। इससे आवास अधूरे पड़े हैं। लाभार्थी के खाते में मजदूरी का पैसा न भेजकर दूसरे जॉब कार्डधारकों के खाते में राशि भेजी गई है। एसडीएम सदर के निर्देश पर बीडीओ की जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रकरण ब्लॉक एलिया की ग्राम सभा मलिकापुर का है। यहां पीएम आवास योजना के 40 लाभार्थियों ने तीन अक्टूबर को तहसील दिवस में एसडीएम पूर्णिमा सिंह ने शिकायत की थी। इसके मार्फत आरोप लगाया कि प्रधान व पंचायत मित्र ने आवास की किश्त से 20-20 हजार रुपये ले लिए हैं।
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मनरेगा से मजदूरी की राशि का कुछ को भुगतान नहीं किया गया है। जबकि कुछ की राशि दूसरे जॉब कार्डधारकों के खाते में भेजकर ले ली गई है। इससे आवास अधूरे पड़े हैं। एसडीएम के निर्देश पर बीडीओ एलिया ने पांच अक्टूबर को गांव जाकर जांच की। इसके बाद सभी से ब्लाक पर छह व आठ अक्टूबर को बयान लिए।
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इसमें मामला सही पाया गया। लाभार्थियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बयान देने के बाद बीडीओ ने कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही है। राजनीतिक दबाव के चलते मामले को दबाया जा रहा है।