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दो बहनों की तालाब में डूबकर मौत
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:34 AM IST
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छोटी बहन को बचाने के चक्कर में बड़ी ने लगा दी छलांग
औरंगाबाद (सीतापुर)। संदना थाना क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर दो बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताते हैं कि पहले छोटी बहन तालाब में गिर गई थी। यह देख उसकी बड़ी बहन ने उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी मगर उसे तैरना नहीं आता था। इससे दोनों बहनों की तालाब में डूबकर मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। आननफानन परिवारीजनों समेत ग्रामीणों ने दोनों के शवों को तालाब से बाहर निकला। संदना के ग्राम सरैंया निवासी श्यामू की पुत्री गोल्डी (13) अपनी छोटी बहन मोहिनी (9) के साथ गुरुवार की दोपहर खेत पर गई थी। खेत में फसल देखने के बाद दोनों बहनें पैदल ही वापस घर के लिए चल दीं।
बताते हैं कि रास्ते में एक बड़ा तालाब पड़ता है। इसके बीच से होकर पगडंडी निकली है। वापस आते समय जब दोनों बहने पगडंडी पर चल रही थीं। इसी बीच मोहिनी का पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गई। अपनी छोटी बहन को डूबता देख गोल्डी ने तालाब में छलांग लगा दी। लेकिन तैरना गोल्डी को भी नहीं आता था।
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नतीजा दोनों बहनें तालाब की गहराई में डूब गईं। तालाब के किनारे ही गांव की फूल केसरी खड़ी थी। उसने दोनों बहनों को डूबते देख शोर मचाया और गांव में खबर की। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बहनों को तलाश कर तालाब से बाहर निकाला।
लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। एक ही घर में दो-दो बेटियों की मौत से श्यामू के घर कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। घटना के बाद से सरैंया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
फूल केसरी भी डूबते हुए बची
सरैंया निवासी फूल केसरी की उम्र 13 वर्ष के करीब है। फूल केसरी ने बताया कि पहले तो वह समझी की दोनों बहनें तालाब में नहा रही हैं। लेकिन जब वे डूबी, तो उसे आभास हुआ कि वे धोखे से गिर गईं और डूब रही हैं। फूल केसरी ने दोनों बहनों को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगाई। लेकिन जब वह गहराई में पहुंची तो वह भी डूबने लगी।
जैसे-तैसे वह तालाब के बाहर निकली, तब उसने गांव के लोगों को दोनों बहनों के डूबने की खबर दी। घटना से फूल केसरी भी आहत है। वह भी दोनों बहनों की मौत को लेकर बिलख रही थी। फूल केसरी का कहना था कि गोल्डी तो उसकी सहेली थी लेकिन जब वक्त पड़ा, तब वह अपनी सहेली की मदद नहीं कर पाई। उसे रोता देख गांव के लोग भावुक हो रहे थे।
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औरंगाबाद (सीतापुर)। संदना थाना क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर दो बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताते हैं कि पहले छोटी बहन तालाब में गिर गई थी। यह देख उसकी बड़ी बहन ने उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी मगर उसे तैरना नहीं आता था। इससे दोनों बहनों की तालाब में डूबकर मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। आननफानन परिवारीजनों समेत ग्रामीणों ने दोनों के शवों को तालाब से बाहर निकला। संदना के ग्राम सरैंया निवासी श्यामू की पुत्री गोल्डी (13) अपनी छोटी बहन मोहिनी (9) के साथ गुरुवार की दोपहर खेत पर गई थी। खेत में फसल देखने के बाद दोनों बहनें पैदल ही वापस घर के लिए चल दीं।
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बताते हैं कि रास्ते में एक बड़ा तालाब पड़ता है। इसके बीच से होकर पगडंडी निकली है। वापस आते समय जब दोनों बहने पगडंडी पर चल रही थीं। इसी बीच मोहिनी का पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गई। अपनी छोटी बहन को डूबता देख गोल्डी ने तालाब में छलांग लगा दी। लेकिन तैरना गोल्डी को भी नहीं आता था।
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नतीजा दोनों बहनें तालाब की गहराई में डूब गईं। तालाब के किनारे ही गांव की फूल केसरी खड़ी थी। उसने दोनों बहनों को डूबते देख शोर मचाया और गांव में खबर की। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बहनों को तलाश कर तालाब से बाहर निकाला।
लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। एक ही घर में दो-दो बेटियों की मौत से श्यामू के घर कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। घटना के बाद से सरैंया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
फूल केसरी भी डूबते हुए बची
सरैंया निवासी फूल केसरी की उम्र 13 वर्ष के करीब है। फूल केसरी ने बताया कि पहले तो वह समझी की दोनों बहनें तालाब में नहा रही हैं। लेकिन जब वे डूबी, तो उसे आभास हुआ कि वे धोखे से गिर गईं और डूब रही हैं। फूल केसरी ने दोनों बहनों को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगाई। लेकिन जब वह गहराई में पहुंची तो वह भी डूबने लगी।
जैसे-तैसे वह तालाब के बाहर निकली, तब उसने गांव के लोगों को दोनों बहनों के डूबने की खबर दी। घटना से फूल केसरी भी आहत है। वह भी दोनों बहनों की मौत को लेकर बिलख रही थी। फूल केसरी का कहना था कि गोल्डी तो उसकी सहेली थी लेकिन जब वक्त पड़ा, तब वह अपनी सहेली की मदद नहीं कर पाई। उसे रोता देख गांव के लोग भावुक हो रहे थे।