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बुखार से सात की मौत, सैकड़ों बीमार
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:04 AM IST
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गोंदलामऊ में नहीं थम रहा प्रकोप, लहरपुर में भी पसारे पांव
औरंगाबाद/लहरपुर। गोंदलामऊ विकासखंड में बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अब इसकी चपेट में अन्य विकासखंड भी आ रहे हैं। गोंदलामऊ में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं लहरपुर में भी एक मरीज की बुखार की चपेट में आकर सांसें थम गईं। प्रभावित गांवों में सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों को दवाएं वितरित की। इलाके में करीब महीनेभर में बुखार से मरने वाली की संख्या 51 से बढ़कर 58 पहुंच गई है। गोंदलामऊ विकासखंड के शेरपुर निवासी दया प्रसाद (24) कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। पहले सिधौली के एक निजी अस्पताल में दिखाया, सुधार न होने पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जोगीहार निवासी जीवन (65) दो दिन से बुखार से ग्रसित थे। जिला अस्पताल से इलाज चल रहा था। इस दौरान उनकी भी मौत हो गई। कोरौना निवासी विकास (17) 10 दिन से बुखार के कारण प्राइवेट अस्पताल से इलाज करा रहे थे। इनकी मौत हो गई। नगवापेड़ी निवासी शिल्पी (19) एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
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फायदा न होने पर जिला अस्पताल से उपचार करा रही थी। इलाज के दौरान ही मौत हो गई। जोगीहार निवासी मोलहे (39) बुखार के कारण पहले गांव आई टीम से दवा ली। जिला अस्पताल में दिखाया फिर भी सुधार न होने पर मौत हो गई। जरिगवां निवासी ज्योति एक साल पांच दिन से उल्टी दस्त से पीड़ित थी। निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं इस विकासखंड में 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। उधर, लहरपुर के ग्राम हजारीपुरवा निवासी रामबेटी (45) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने पहले शाहपुर में दिखाया। जहां पर फायदा न होने पर जिला अस्पताल लखीमपुर के लिए रेफर कर दिया।
उसके बाद मौत हो गई। सूचना पाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर के डॉ. राकेश कुमार व डॉ. मुनीरज लाल ने गांव जाकर बुखार पीड़ित परिवारों को दवाइयां दीं। पीड़ित परिवार के कई बच्चों भी बुखार की चपेट में हैं।
प्रभावित गांवों में रोजाना टीमें जा रही हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों को दवाएं देकर उनकी जांच कराई जा रही है।
-डॉ. आरके नैय्यर, सीएमओ
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औरंगाबाद/लहरपुर। गोंदलामऊ विकासखंड में बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अब इसकी चपेट में अन्य विकासखंड भी आ रहे हैं। गोंदलामऊ में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं लहरपुर में भी एक मरीज की बुखार की चपेट में आकर सांसें थम गईं। प्रभावित गांवों में सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों को दवाएं वितरित की। इलाके में करीब महीनेभर में बुखार से मरने वाली की संख्या 51 से बढ़कर 58 पहुंच गई है। गोंदलामऊ विकासखंड के शेरपुर निवासी दया प्रसाद (24) कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। पहले सिधौली के एक निजी अस्पताल में दिखाया, सुधार न होने पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
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जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जोगीहार निवासी जीवन (65) दो दिन से बुखार से ग्रसित थे। जिला अस्पताल से इलाज चल रहा था। इस दौरान उनकी भी मौत हो गई। कोरौना निवासी विकास (17) 10 दिन से बुखार के कारण प्राइवेट अस्पताल से इलाज करा रहे थे। इनकी मौत हो गई। नगवापेड़ी निवासी शिल्पी (19) एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
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फायदा न होने पर जिला अस्पताल से उपचार करा रही थी। इलाज के दौरान ही मौत हो गई। जोगीहार निवासी मोलहे (39) बुखार के कारण पहले गांव आई टीम से दवा ली। जिला अस्पताल में दिखाया फिर भी सुधार न होने पर मौत हो गई। जरिगवां निवासी ज्योति एक साल पांच दिन से उल्टी दस्त से पीड़ित थी। निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं इस विकासखंड में 100 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। उधर, लहरपुर के ग्राम हजारीपुरवा निवासी रामबेटी (45) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने पहले शाहपुर में दिखाया। जहां पर फायदा न होने पर जिला अस्पताल लखीमपुर के लिए रेफर कर दिया।
उसके बाद मौत हो गई। सूचना पाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर के डॉ. राकेश कुमार व डॉ. मुनीरज लाल ने गांव जाकर बुखार पीड़ित परिवारों को दवाइयां दीं। पीड़ित परिवार के कई बच्चों भी बुखार की चपेट में हैं।
प्रभावित गांवों में रोजाना टीमें जा रही हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों को दवाएं देकर उनकी जांच कराई जा रही है।
-डॉ. आरके नैय्यर, सीएमओ