{"_id":"6a1b28a82995e6c9c209987e","slug":"10-crore-rupees-will-be-used-to-improve-the-ancient-bhim-tal-sitapur-news-c-102-1-slko1037-156956-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: 10 करोड़ से संवरेगा पौराणिक भीम ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: 10 करोड़ से संवरेगा पौराणिक भीम ताल
विज्ञापन
हरगांव क्षेत्र में परियोजना का शुभारंभ करते कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही। संवाद
हरगांव। नगर पंचायत हरगांव के जहांगीराबाद वार्ड स्थित काशीराम कॉलोनी के सामने भीमताल परियोजना का दस करोड़ से विकास किया जाएगा। कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने पूजन-अर्चन व नारियल फोड़कर परियोजना का शुभारंभ किया।
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरों व ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भीमताल के निर्माण से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे हरगांव की पहचान और मजबूत होगी।
वहीं, नगर पंचायत हरगांव के अध्यक्ष गफ्फार खान ने बताया कि भीमताल परियोजना के लिए प्रदेश शासन से लगभग दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था। इसमें प्रथम चरण में दो करोड़ चालीस लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। निर्माण कार्य तेजी से जारी है। अधिशाषी अधिकारी श्रीश मिश्र ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थल क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश वर्मा, उदित बाजपेई, अलियार खान, धीरेन्द्र सिंह, उमेश कुमार, प्रकाश सिंह, दिनेश मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
महाभारत कालीन पौराणिक है भीमताल
नगर पंचायत अध्यक्ष गफ्फार खां ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने सौंदर्यीकरण के लिए महाभारतकालीन पौराणिक तालाब भीमताल काे चुना है। इस नगरी में राजा विराट का राज हुआ करता था। इसी समय पांडवों ने अपने अज्ञातवास का समय व्यतीत करते हुए राजा विराट के यहां शरण मांगी थी। राजा विराट के यहां पांडव बंधु छद्म वेश में रहकर विभिन्न रूप से कार्य करने लगे।
राजा विराट का एक साला भी था। उसका नाम कीचक था। कीचक राक्षसी प्रवृति का था। कीचक ने द्रौपदी पर कुदृष्टि डाली। इससे नाराज होकर भीम ने कीचक का वध कर शव को तालाब के बीच कुएं में डाल कर एक जाल उस कुएं पर रख दिया। यही भीमताल के नाम से प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरों व ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भीमताल के निर्माण से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे हरगांव की पहचान और मजबूत होगी।
विज्ञापन
वहीं, नगर पंचायत हरगांव के अध्यक्ष गफ्फार खान ने बताया कि भीमताल परियोजना के लिए प्रदेश शासन से लगभग दस करोड़ रुपये का बजट मांगा था। इसमें प्रथम चरण में दो करोड़ चालीस लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। निर्माण कार्य तेजी से जारी है। अधिशाषी अधिकारी श्रीश मिश्र ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थल क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश वर्मा, उदित बाजपेई, अलियार खान, धीरेन्द्र सिंह, उमेश कुमार, प्रकाश सिंह, दिनेश मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
महाभारत कालीन पौराणिक है भीमताल
नगर पंचायत अध्यक्ष गफ्फार खां ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने सौंदर्यीकरण के लिए महाभारतकालीन पौराणिक तालाब भीमताल काे चुना है। इस नगरी में राजा विराट का राज हुआ करता था। इसी समय पांडवों ने अपने अज्ञातवास का समय व्यतीत करते हुए राजा विराट के यहां शरण मांगी थी। राजा विराट के यहां पांडव बंधु छद्म वेश में रहकर विभिन्न रूप से कार्य करने लगे।
राजा विराट का एक साला भी था। उसका नाम कीचक था। कीचक राक्षसी प्रवृति का था। कीचक ने द्रौपदी पर कुदृष्टि डाली। इससे नाराज होकर भीम ने कीचक का वध कर शव को तालाब के बीच कुएं में डाल कर एक जाल उस कुएं पर रख दिया। यही भीमताल के नाम से प्रसिद्ध है।