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Siddharthnagar News: इलाज के दौरान युवक की मौत, इमरजेंसी में दो घंटे अफरा-तफरी
Fri, 04 Oct 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 04 Oct 2024 04:15 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में युवक की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में बृहस्पतिवार को उस वक्त हंगामा शुरू हो गया, जब एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार के लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इससे लगभग दो घंटे इमरजेंसी में अफरा-तफरी रही। विवाद बढ़ता हुआ देखकर लगभग आधा घंटे तक स्टाफ इमरजेंसी छोड़कर इधर-उधर हो गया था। तहसीलदार, शहर कोतवाल और सीएमएस पहुंचे और मामले में शिकायत करने की बात आई तो परिवार के लोग लाश लेकर चले गए।
मोहाना थाना क्षेत्र के महथावल गांव निवासी रंजय तिवारी (19) रामकरन तिवारी की आठ दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। बहन के मुताबिक वहीं, बगल के एक निजी डॉक्टर के यहां इलाज करवा रही थी। बृहस्पतिवार को हालत बिगड़ी तो माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां कुछ देर चले इलाज चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। साथ में आई मृतक की बहन ने शोर शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद इमरजेंसी पर हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता हुआ देखकर इमरजेंसी स्टाफ इधर-उधर हो गया। जानकारी मिलते ही सीएमएस डॉ. एके झा, तहसीलदार सदर और शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर मामले को शांत करवाया। इसके बाद कार्रवाई की बात की तो परिवार के लोगों ने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया और न ही पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। लाश को लेकर घर चले गए।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि मरीज का लीवर फेल हो चुका था। इसलिए उसकी मौत हो गई। वहीं, शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही माैके पर पहुंच गए थे। मामले को शांत करवाया गया। परिवार के लोग लाश लेकर घर चले गए।
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मोहाना थाना क्षेत्र के महथावल गांव निवासी रंजय तिवारी (19) रामकरन तिवारी की आठ दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। बहन के मुताबिक वहीं, बगल के एक निजी डॉक्टर के यहां इलाज करवा रही थी। बृहस्पतिवार को हालत बिगड़ी तो माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां कुछ देर चले इलाज चले इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। साथ में आई मृतक की बहन ने शोर शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद इमरजेंसी पर हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता हुआ देखकर इमरजेंसी स्टाफ इधर-उधर हो गया। जानकारी मिलते ही सीएमएस डॉ. एके झा, तहसीलदार सदर और शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर मामले को शांत करवाया। इसके बाद कार्रवाई की बात की तो परिवार के लोगों ने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया और न ही पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। लाश को लेकर घर चले गए।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि मरीज का लीवर फेल हो चुका था। इसलिए उसकी मौत हो गई। वहीं, शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही माैके पर पहुंच गए थे। मामले को शांत करवाया गया। परिवार के लोग लाश लेकर घर चले गए।
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