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दादी की तेरहवीं में शामिल होने आ रहा था घर: मां की मौत से अभी उभरा भी नहीं, बेटे की मौत से दहल उठे जगराम
Tue, 20 Jun 2023 04:56 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी सिद्धार्थनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Jun 2023 04:56 PM IST
सार
जगराम गौतम की मां की मौत हो गई। 26 जून को पड़ने वाली तेरहवीं में शामिल होने के लिए उसका बेटा दीपक महाराष्ट्र से घर आ रहा था। जिसकी लाश रविवार को ललितपुर रेलवे स्टेशन के कुछ दूरी पर बयाना नाला के पास सिद्धन डाउन रेलवे लाइन के पास मिली।
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गांव में युवक का शव पहुंचने के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सिद्धार्थनगर जिले में त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बिस्कोहर के अशोक नगर वार्ड निवासी जगराम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अभी मां की मौत से उबर नहीं पाया था कि मुंबई से तेरहवीं में शामिल होने के लिए आ रहे बेटे की मौत ने उसे दहला दिया।
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ललितपुर रेलवे स्टेशन के पास उसकी लाश मिली थी जो मंगलवार को गांव में पहुंची तो लोग रो पड़े। बेटे की मौत से जगराम और उनके परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोपहर में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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क्षेत्र के अशोक नगर वार्ड निवासी दीपक गौतम (23) पुत्र जगराम गौतम अपने पूरे परिवार के साथ महाराष्ट्र के वसई में रहकर भंगार का व्यापार करते हैं। बताया जा रहा है कि सात जून को जगराम गौतम के भाई की नातिन की शादी थी। जगराम दीपक को दुकान सौंपकर पूरे परिवार को लेकर घर चले आए थे।
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शादी के एक सप्ताह बाद जगराम गौतम की मां की मौत हो गई। 26 जून को पड़ने वाली तेरहवीं में शामिल होने के लिए उसका बेटा दीपक महाराष्ट्र से घर आ रहा था। जिसकी लाश रविवार को ललितपुर रेलवे स्टेशन के कुछ दूरी पर बयाना नाला के पास सिद्धन डाउन रेलवे लाइन पर खम्मा नंबर 1039/29ए नई रेलवे लाइन के पास रेलवे पुलिस को मिली।
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जेब में पड़े आधार कार्ड, मोबाइल व पर्स से दीपक के घर वालों को सूचना रेलवे पुलिस ने दी। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सूचना पर घर वाले ललितपुर पहुंच गए। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मंगलवार सुबह दीपक का शव घर पर पहुंचा। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जगराम गौतम के दो बेटों व तीन बेटियों में दीपक सबसे बड़ा बेटा था। दीपक के मौत पर पिता जगराम और मां निर्मला व मृतक के छोटे भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौत के बाद पत्नी बदहवास
मृतक दीपक की शादी दो वर्ष पूर्व बलरामपुर के पचपेड़वा थाना क्षेत्र के सिरसिहवा गांव में हुई थी। उसके कोई बच्चे नहीं है। पत्नी मैना गौतम यहीं कहकर रो रही थी कि अब मुझे कौन संभालेगा। मौत की खबर मिलने के बाद वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी।
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जेब में पड़े आधार कार्ड, मोबाइल व पर्स से दीपक के घर वालों को सूचना रेलवे पुलिस ने दी। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सूचना पर घर वाले ललितपुर पहुंच गए। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मंगलवार सुबह दीपक का शव घर पर पहुंचा। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जगराम गौतम के दो बेटों व तीन बेटियों में दीपक सबसे बड़ा बेटा था। दीपक के मौत पर पिता जगराम और मां निर्मला व मृतक के छोटे भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौत के बाद पत्नी बदहवास
मृतक दीपक की शादी दो वर्ष पूर्व बलरामपुर के पचपेड़वा थाना क्षेत्र के सिरसिहवा गांव में हुई थी। उसके कोई बच्चे नहीं है। पत्नी मैना गौतम यहीं कहकर रो रही थी कि अब मुझे कौन संभालेगा। मौत की खबर मिलने के बाद वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी।