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Siddharthnagar News: विश्व ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों का जलवा
Mon, 24 Aug 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:48 PM IST
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विश्व ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हैदराबाद में स्वर्ण व एक रजत पदक के साथ जिले खिलाड़ी। स्रोत वि
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- हैदराबाद में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर चार खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान
सिद्धार्थनगर। हैदराबाद में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित प्रथम विश्व मुक्त ताइक्वांडो प्रतियोगिता-2026 में सिद्धार्थनगर के चार खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बेहतर खेल दिखाते हुए उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर जनपद, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से शोहरतगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता में सौम्य प्रताप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अपने मुकाबलों में जिम्बाब्वे और कनाडा के खिलाड़ियों को पराजित किया। लगभग 12 वर्षों से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रहे सौम्य ने अपने अनुभव, अनुशासन और कड़ी मेहनत का बेहतरीन परिचय दिया। वहीं, प्रिंस ने रूस और मलेशिया के खिलाड़ियों को मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। कठिन आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद प्रिंस ने अपने खेल अभ्यास को जारी रखा और अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया।
शोहरतगढ़ की होनहार खिलाड़ी महक चौधरी ने दक्षिण कोरिया और नेपाल के खिलाड़ियों को हराकर स्वर्ण पदक जीता। कम समय में ताइक्वांडो में अपनी विशेष पहचान बनाने वाली महक की इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में भी प्रसन्नता है। अंकिता कन्नौजिया ने बांग्लादेश की खिलाड़ी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। सीमित संसाधनों के बीच निरंतर अभ्यास और मेहनत करने वाली अंकिता ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। इन चारों खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षक बजरंगी राजपूत का वर्षों का कठिन परिश्रम और समर्पण रहा है।
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साधारण परिवार से आने वाले बजरंगी राजपूत ने कम उम्र में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शुरू किया था। आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपना सपना पूरा नहीं कर सके लेकिन उन्होंने क्षेत्र के बच्चों को प्रशिक्षित कर उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने सीमित संसाधनों और अनेक कठिनाइयों के बावजूद खिलाड़ियों को लगातार प्रशिक्षण दिया और जरूरतमंद प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। आज उनके मार्गदर्शन में तैयार खिलाड़ी विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा और प्रशिक्षक के प्रयासों को समझते हुए उन्हें निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया।
सौम्य प्रताप सिंह, प्रिंस, महक चौधरी और अंकिता कन्नौजिया की सफलता ने सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है।
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सिद्धार्थनगर। हैदराबाद में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित प्रथम विश्व मुक्त ताइक्वांडो प्रतियोगिता-2026 में सिद्धार्थनगर के चार खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बेहतर खेल दिखाते हुए उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर जनपद, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से शोहरतगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता में सौम्य प्रताप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अपने मुकाबलों में जिम्बाब्वे और कनाडा के खिलाड़ियों को पराजित किया। लगभग 12 वर्षों से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रहे सौम्य ने अपने अनुभव, अनुशासन और कड़ी मेहनत का बेहतरीन परिचय दिया। वहीं, प्रिंस ने रूस और मलेशिया के खिलाड़ियों को मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। कठिन आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद प्रिंस ने अपने खेल अभ्यास को जारी रखा और अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया।
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शोहरतगढ़ की होनहार खिलाड़ी महक चौधरी ने दक्षिण कोरिया और नेपाल के खिलाड़ियों को हराकर स्वर्ण पदक जीता। कम समय में ताइक्वांडो में अपनी विशेष पहचान बनाने वाली महक की इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में भी प्रसन्नता है। अंकिता कन्नौजिया ने बांग्लादेश की खिलाड़ी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। सीमित संसाधनों के बीच निरंतर अभ्यास और मेहनत करने वाली अंकिता ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। इन चारों खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षक बजरंगी राजपूत का वर्षों का कठिन परिश्रम और समर्पण रहा है।
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साधारण परिवार से आने वाले बजरंगी राजपूत ने कम उम्र में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शुरू किया था। आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अपना सपना पूरा नहीं कर सके लेकिन उन्होंने क्षेत्र के बच्चों को प्रशिक्षित कर उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने सीमित संसाधनों और अनेक कठिनाइयों के बावजूद खिलाड़ियों को लगातार प्रशिक्षण दिया और जरूरतमंद प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। आज उनके मार्गदर्शन में तैयार खिलाड़ी विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा और प्रशिक्षक के प्रयासों को समझते हुए उन्हें निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया।
सौम्य प्रताप सिंह, प्रिंस, महक चौधरी और अंकिता कन्नौजिया की सफलता ने सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है।