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जीवन में योग और सप्ताह में एक दिन उपवास जरूरी- प्राचार्य
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जीवन में योग और उपवास जरुरी : प्राचार्य
रतनसेन महाविद्यालय में दो दिवसीय योग शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। रतनसेन महाविद्यालय बांसी में मंगलवार को दो दिवसीय योग शिविर की शुरुआत हुई। प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मन और शरीर की शुद्धता का समन्वय योग क्रियाओं द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने योग शिविर में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को अपने जीवन में योग को अपनाने एवं सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की सलाह दी। बीएड विभाग के प्राध्यापक और योग शिविर के योग प्रशिक्षक डॉ. रामबाबू पाल ने वर्तमान परिस्थितियों में योग को स्कूल एवं कॉलेजों में अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को ताड़ासन, वज्रासन, तितली आसन, भूखासन एवं कपालभारती, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ आदि आसन प्राणायामों का अभ्यास करवाया। कपालभारती अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ आदि को विद्यार्थियों को प्रतिदिन करने की सलाह दी। भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजेश यादव ने योग के व्यावहारिक पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। शिविर में डॉ. निर्मला त्रिपाठी, डॉ. ब्रह्म सिंह, डॉ. अर्चना मिश्र, डॉ. शरीफुद्दीन, डॉ. किरन, डॉ. अरविंद मौर्य, डॉ. हंसराज कुशवाहा, डॉ. देवराज सिंह, डॉ. देवेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. रंजीता शुक्ल, सुरेश कुमार, हरप्रीत और ज्ञानमती आदि मौजूद रहीं।
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रतनसेन महाविद्यालय में दो दिवसीय योग शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। रतनसेन महाविद्यालय बांसी में मंगलवार को दो दिवसीय योग शिविर की शुरुआत हुई। प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मन और शरीर की शुद्धता का समन्वय योग क्रियाओं द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने योग शिविर में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को अपने जीवन में योग को अपनाने एवं सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की सलाह दी। बीएड विभाग के प्राध्यापक और योग शिविर के योग प्रशिक्षक डॉ. रामबाबू पाल ने वर्तमान परिस्थितियों में योग को स्कूल एवं कॉलेजों में अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को ताड़ासन, वज्रासन, तितली आसन, भूखासन एवं कपालभारती, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ आदि आसन प्राणायामों का अभ्यास करवाया। कपालभारती अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ आदि को विद्यार्थियों को प्रतिदिन करने की सलाह दी। भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजेश यादव ने योग के व्यावहारिक पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। शिविर में डॉ. निर्मला त्रिपाठी, डॉ. ब्रह्म सिंह, डॉ. अर्चना मिश्र, डॉ. शरीफुद्दीन, डॉ. किरन, डॉ. अरविंद मौर्य, डॉ. हंसराज कुशवाहा, डॉ. देवराज सिंह, डॉ. देवेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. रंजीता शुक्ल, सुरेश कुमार, हरप्रीत और ज्ञानमती आदि मौजूद रहीं।