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दोपहर बाद हड्डी टूटी, तो अगले दिन हो पाएगा एक्स-रे
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जिला अस्पताल के एक्स-रे वार्ड में लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दोपहर बाद हड्डी टूटी, तो अगले दिन हो पाएगा एक्स-रे
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं है। दोपहर बाद यदि हादसा हुआ और हड्डी टूट गई या सिर फट गया तो मरीज को झेलना पड़ जा रहा है। ऐसे गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है या दर्द की दवा देकर उन्हें अगले दिन एक्स-रे सेंटर में भेजा जाता है। यदि अगले दिन अवकाश है तो उसे तीसरे दिन एक्स-रे की सुविधा मिल पाती है। इस कारण मरीजों के इलाज में देर होती है और उन्हें ज्यादा दर्द सहन करना पड़ता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बावजूद संयुक्त जिला अस्पताल में इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं शुरू हो सकी है। ओपीडी के समय यानी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ही एक्स-रे की सुविधा है। दोपहर दो बजे के बाद लहूलुहान मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं तो उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एक्स-रे कराने के लिए अगले दिन बुलाया जाता है,।
तत्काल एक्स-रे की सुविधा नहीं होने के कारण तीमारदार आए दिन हंगामा करते हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। इमरजेंसी वाले मरीज अगले दिन ओपीडी के समय में एक्स-रे कराने पहुंचते हैं तो भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मंगलवार को 169 लोगों का एक्स-रे हुआ। औसतन प्रतिदिन 120 से 150 मरीजों का एक्स-रे होता है।
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चार टेक्नीशियन की है आवश्यकता
जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉ.राजीव रंजन तैनात हैं। वह महराजगंज और गोरखपुर में पदस्थ रहे हैं। इस कारण उन्हें तीन जिलों में न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने भी जाना पड़ता है। यही कारण है कि जरूरतमंद मरीजों को मेडिकोलीगल एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त करने में दिक्कत होती है। एक टेक्नीशियन विभागीय हैं, जबकि दो टेक्नीशियन मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग एजेंसी से प्राप्त हुए हैं। टेक्नीशियन एसपी मणि त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटे एक्स-रे की सुविधा के लिए और चार टेक्नीशियन की आवश्यकता है।
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का अगले दिन एक्स-रे
जोगिया थाना क्षेत्र में 14 अगस्त की शाम कुछ लोगों के हमले में गंभीर रूप से घायल विजय गुप्ता को लेकर परिजन इमरजेंसी में पहुंचे। परिजनों ने तत्काल एक्स-रे कराकर बेहतर इलाज की गुहार लगाई। ऐसा नहीं हो पाने पर मौजूद लोगों ने विरोध भी किया। परिजन ने प्रभारी सीएमएस डॉ. एके झा से गुजारिश की तो अगले दिन 15 अगस्त को एक्स-रे जांच हो सकी। परिजनों का कहना था सीएमएस हस्तक्षेप नहीं करते तो एक्स-रे 16 अगस्त को होता। मरीज के शरीर में जख्मों की संख्या अधिक होने से 16 अंगों का एक्स-रे करना पड़ा।
ट्राली पलटने से घायलों का दूसरे दिन हुआ एक्स-रे
गोल्हौरा थाना क्षेत्र में सोमवार को ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 15 से अधिक लोग घायल हुए थे। उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, लेकिन मरीजों का एक्स-रे मंगलवार को हुआ। घायलों में ऋषभ, मीना, सागर, पूजा, फूलकुमारी, दुर्गेश, आरती, इंद्रावती के एक्स-रे के बाद प्लॉस्टर की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि मेडिकल कॉलेज होने के कारण रात में ही गंभीर सर्जरी या प्लास्टर लगाने की सुविधा होनी चाहिए।
रेडियोलॉजी विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन की संख्या कम है। इस कारण इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं है। आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी है। जल्द ही टेक्नीशियन की भर्ती हो जाएगी। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं है। दोपहर बाद यदि हादसा हुआ और हड्डी टूट गई या सिर फट गया तो मरीज को झेलना पड़ जा रहा है। ऐसे गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है या दर्द की दवा देकर उन्हें अगले दिन एक्स-रे सेंटर में भेजा जाता है। यदि अगले दिन अवकाश है तो उसे तीसरे दिन एक्स-रे की सुविधा मिल पाती है। इस कारण मरीजों के इलाज में देर होती है और उन्हें ज्यादा दर्द सहन करना पड़ता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बावजूद संयुक्त जिला अस्पताल में इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं शुरू हो सकी है। ओपीडी के समय यानी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ही एक्स-रे की सुविधा है। दोपहर दो बजे के बाद लहूलुहान मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं तो उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एक्स-रे कराने के लिए अगले दिन बुलाया जाता है,।
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तत्काल एक्स-रे की सुविधा नहीं होने के कारण तीमारदार आए दिन हंगामा करते हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। इमरजेंसी वाले मरीज अगले दिन ओपीडी के समय में एक्स-रे कराने पहुंचते हैं तो भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मंगलवार को 169 लोगों का एक्स-रे हुआ। औसतन प्रतिदिन 120 से 150 मरीजों का एक्स-रे होता है।
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चार टेक्नीशियन की है आवश्यकता
जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉ.राजीव रंजन तैनात हैं। वह महराजगंज और गोरखपुर में पदस्थ रहे हैं। इस कारण उन्हें तीन जिलों में न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने भी जाना पड़ता है। यही कारण है कि जरूरतमंद मरीजों को मेडिकोलीगल एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त करने में दिक्कत होती है। एक टेक्नीशियन विभागीय हैं, जबकि दो टेक्नीशियन मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग एजेंसी से प्राप्त हुए हैं। टेक्नीशियन एसपी मणि त्रिपाठी ने बताया कि 24 घंटे एक्स-रे की सुविधा के लिए और चार टेक्नीशियन की आवश्यकता है।
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का अगले दिन एक्स-रे
जोगिया थाना क्षेत्र में 14 अगस्त की शाम कुछ लोगों के हमले में गंभीर रूप से घायल विजय गुप्ता को लेकर परिजन इमरजेंसी में पहुंचे। परिजनों ने तत्काल एक्स-रे कराकर बेहतर इलाज की गुहार लगाई। ऐसा नहीं हो पाने पर मौजूद लोगों ने विरोध भी किया। परिजन ने प्रभारी सीएमएस डॉ. एके झा से गुजारिश की तो अगले दिन 15 अगस्त को एक्स-रे जांच हो सकी। परिजनों का कहना था सीएमएस हस्तक्षेप नहीं करते तो एक्स-रे 16 अगस्त को होता। मरीज के शरीर में जख्मों की संख्या अधिक होने से 16 अंगों का एक्स-रे करना पड़ा।
ट्राली पलटने से घायलों का दूसरे दिन हुआ एक्स-रे
गोल्हौरा थाना क्षेत्र में सोमवार को ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से 15 से अधिक लोग घायल हुए थे। उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, लेकिन मरीजों का एक्स-रे मंगलवार को हुआ। घायलों में ऋषभ, मीना, सागर, पूजा, फूलकुमारी, दुर्गेश, आरती, इंद्रावती के एक्स-रे के बाद प्लॉस्टर की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि मेडिकल कॉलेज होने के कारण रात में ही गंभीर सर्जरी या प्लास्टर लगाने की सुविधा होनी चाहिए।
रेडियोलॉजी विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन की संख्या कम है। इस कारण इमरजेंसी एक्स-रे की सुविधा नहीं है। आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी है। जल्द ही टेक्नीशियन की भर्ती हो जाएगी। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज