फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Women of small village

छोटे से गांव की महिलाएं बन रही नजीर

Sun, 19 Nov 2017 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sun, 19 Nov 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
Women of small village
टेलेंट हंट प्रत‌ियो‌ग‌िता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बर्डपुर। जिले के एक छोटे से गांव की महिलाओं ने कुछ नया करने की ठानी है। बर्डपुर ब्लॉक के ग्राम सलसालवा की महिलाओं ने स्वावलंबी बनने की राह पकड़ ली है। उद्योग विहीन जिले के लिए नजीर बन कुटीर उद्योग लगाने की राह पर कदम बढ़ा दिया है। एकता में बल है... की कहावत को चरितार्थ करते हुए अगरबत्ती बनाने का हुनर सीख रही हैं। तैयारी अंतिम चरण में है, जल्द ही इनके हाथों से बनी अगरबत्ती घरों को सुगंधित करेंगी। 
विज्ञापन

बर्डपुर के लुंबिनी मार्ग पर स्थित ग्राम सलसालवा की महिलाएं जिले में नजीर बन रही हैं। यहां ग्रामीण महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह गठित कर जीवन को बेहतर बनाना शुरू कर दिया है। सेल्फ हेल्प नाम से समिति का गठन किया। डेढ़ दर्जन महिलाएं इसकी सदस्य बनीं। रुपये इकट्ठा कर पूंजी बनाई। इस पूंजी से लोगों को आवश्यकतानुसार सहयोग भी देना शुरू किया। इसी पैसों से बैंक खाता भी खोला गया। अब गांव की महिलाएं अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। राजकुमारी देवी की अगुवाई में महिलाओं ने अगरबत्ती बनाने की शुरुआत कर दिया है।
विज्ञापन

इन्होंने प्रशासन से इसकी ब्राडिंग करने की पहल की मांग की है। राजकुमारी देवी कहती हैं कि संगठित होने से आर्थिक व सामाजिक स्तर पर लाभ मिल रहा है। लोगों के सामने अपनी बातों को रखने की कला का ज्ञान हुआ है। ग्रामीण महिलाओं की स्वाभाविक हिचकिचाहट भी कम हुई है। बेधड़क लोगों से बात कर रही है। किरण देवी कहती है कि संगठित होने के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई है। चंद्रमति कहती हैं कि समूह बनाने के बाद किसी भी समय रुपये की जरूरत होने पर उपलब्ध हो जाता है। ब्याज पर रुपये लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। बीडीओ विजय कुमार पांडेय ने कहा कि महिलाओं ने प्रेरणादायक पहल शुरू किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना व निस्तारित किया जाता है। जल्द ही यहां कुटीर उद्योग के रूप में अगरबत्ती बनाने का काम शुरू हो जाएगा। फील्ड अफसर राजीव गांधी महिला विकास परियोजना रमेश यादव कहते हैं कि करीब 50 महिलाएं अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। जल्द ही उनके उत्पाद को बाजार में उतारा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed