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ब्लाॅकों में महिलाओं का दबदबा रहा
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 07 Feb 2016 11:52 PM IST
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जिले के ब्लाॅकों में महिलाओं का दबदबा होगा। चौदह में से आठ ब्लाकों में महिलाओं ने जीत का परचम लहराया है। सबसे अधिक पढ़े-लिखे प्रमुख में भी महिलाओं के ही नाम हैं।
शोहरतगढ़ और भनवापुर ब्लाक ब्लाक से नवनिर्वाचित प्रमुख की योग्यता परास्नातक है। पुरुषों में सबसे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले प्रमुख बांसी के सुरेन्द्र यादव हैं, जिन्होंने स्नातक तक की शिक्षा हासिल की है।
जिले के चौदह ब्लाकों में रविवार को संपन्न हुए प्रमुख पद के चुनाव के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसने पढ़ाई के मामले में महिलाओं के पीछे रहने की धारणाओं को बदल दिया है। पढ़ी-लिखी महिलाएं जिले की राजनीति में सक्रिय हो रही हैं। ब्लाक प्रमुख चुने गए प्रत्याशियों की शैक्षणिक स्थिति भी इसे स्पष्ट कर रही है।
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शोहरतगढ़ की नीलिमा सिंह और भनवापुर की रीना चौधरी ने परास्नातक (एमए) तक की शिक्षा ली है। हालांकि जनता-जनार्दन ने नौ ब्लाकों में ऐसे हाथों में विकास की बागडोर सौंपी हैं, जो आठवीं पास भी नहीं है। नारी सशक्तीकरण की अवधारणा को मजबूती करती महिलाएं अब जिले के गांवों के विकास का खाका खींचने में तेजी से आगे आ रही हैं।
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शोहरतगढ़ और भनवापुर ब्लाक ब्लाक से नवनिर्वाचित प्रमुख की योग्यता परास्नातक है। पुरुषों में सबसे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले प्रमुख बांसी के सुरेन्द्र यादव हैं, जिन्होंने स्नातक तक की शिक्षा हासिल की है।
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जिले के चौदह ब्लाकों में रविवार को संपन्न हुए प्रमुख पद के चुनाव के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसने पढ़ाई के मामले में महिलाओं के पीछे रहने की धारणाओं को बदल दिया है। पढ़ी-लिखी महिलाएं जिले की राजनीति में सक्रिय हो रही हैं। ब्लाक प्रमुख चुने गए प्रत्याशियों की शैक्षणिक स्थिति भी इसे स्पष्ट कर रही है।
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शोहरतगढ़ की नीलिमा सिंह और भनवापुर की रीना चौधरी ने परास्नातक (एमए) तक की शिक्षा ली है। हालांकि जनता-जनार्दन ने नौ ब्लाकों में ऐसे हाथों में विकास की बागडोर सौंपी हैं, जो आठवीं पास भी नहीं है। नारी सशक्तीकरण की अवधारणा को मजबूती करती महिलाएं अब जिले के गांवों के विकास का खाका खींचने में तेजी से आगे आ रही हैं।