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Siddharthnagar News: यूजीसी की नई नीति से विवि में पीएचडी का होगा प्रवेश
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- तीन कैटेगरी में होगी पीएचडी में प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के तहत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु अगले सत्र से पीएचडी में प्रवेश लेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने शोध अध्यादेश में संशोधन करना होगा, जबकि इस वर्ष यूजीसी की परीक्षा 28 जून को होगी।
प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार शोध के लिए प्रवेश फाॅर्म नहीं जारी होगा। यूजीसी के नए नियम के अनुसार छात्रों को परीक्षा देने के बाद तीन कैटेगरी में प्रवेश लिया जाएगा। यदि उसके बाद भी प्रवेश पूर्ण नहीं होता है तो विश्वविद्यालय परीक्षा कराएगी। इसमें नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के नंबर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लेने का निर्देश दिया गया है।
यूजीसी ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया का मानक तय कर दिया है। यूजीसी के इस फैसले के बाद अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पीएचडी में एडमिशन भी यूजीसी नेट स्कोर से मिलेंगे। पीएचडी एडमिशन के लिए कैटेगरी दो व तीन में उम्मीदवारों को मिले नेट स्कोर एक साल की अवधि के लिए मान्य रहेंगे।
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तीन कैटेगरी में घोषित होगा नेट का परिणाम
यूजीसी से मिले पत्र के मुताबिक यूजीसी नेट एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर तीन कैटेगरी रखी जाएगी। कैटेगरी दो और तीन में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को पीएचडी में एडमिशन के लिए टेस्ट स्कोर में 70 नंबर का वेटेज और साक्षात्कार में 30 नंबर वेटेज दिया जाएगा। कैटेगरी एक में वे छात्र रखे जाएंगे जो पीएचडी में एडमिशन, जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर, तीनों रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। कैटेगरी दो में वे छात्र होंगे, जो पीएचडी में एडमिशन और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। जबकि तीसरी कैटेगरी में वे अभ्यर्थी रखे जाएंगे, जो सिर्फ पीएचडी में एडमिशन के लिए पात्र होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के तहत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु अगले सत्र से पीएचडी में प्रवेश लेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने शोध अध्यादेश में संशोधन करना होगा, जबकि इस वर्ष यूजीसी की परीक्षा 28 जून को होगी।
प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार शोध के लिए प्रवेश फाॅर्म नहीं जारी होगा। यूजीसी के नए नियम के अनुसार छात्रों को परीक्षा देने के बाद तीन कैटेगरी में प्रवेश लिया जाएगा। यदि उसके बाद भी प्रवेश पूर्ण नहीं होता है तो विश्वविद्यालय परीक्षा कराएगी। इसमें नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के नंबर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लेने का निर्देश दिया गया है।
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यूजीसी ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया का मानक तय कर दिया है। यूजीसी के इस फैसले के बाद अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पीएचडी में एडमिशन भी यूजीसी नेट स्कोर से मिलेंगे। पीएचडी एडमिशन के लिए कैटेगरी दो व तीन में उम्मीदवारों को मिले नेट स्कोर एक साल की अवधि के लिए मान्य रहेंगे।
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तीन कैटेगरी में घोषित होगा नेट का परिणाम
यूजीसी से मिले पत्र के मुताबिक यूजीसी नेट एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर तीन कैटेगरी रखी जाएगी। कैटेगरी दो और तीन में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को पीएचडी में एडमिशन के लिए टेस्ट स्कोर में 70 नंबर का वेटेज और साक्षात्कार में 30 नंबर वेटेज दिया जाएगा। कैटेगरी एक में वे छात्र रखे जाएंगे जो पीएचडी में एडमिशन, जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर, तीनों रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। कैटेगरी दो में वे छात्र होंगे, जो पीएचडी में एडमिशन और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। जबकि तीसरी कैटेगरी में वे अभ्यर्थी रखे जाएंगे, जो सिर्फ पीएचडी में एडमिशन के लिए पात्र होंगे।