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सड़कों पर सर्दी का ‘कर्फ्यू’
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:45 PM IST
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सर्दी हुई जानलेवा
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सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। ठंड का सितम जारी है। धूप न निकलने से सर्दी चरम पर पहुंच गई है। हांड़ कंपा देने वाली ठंड से जनजीवन बुरी तरह बेहाल हो गया है। हालत यह हो गई है कि लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। बाजारों मे भी चहल पहल कम देखी जा रही है। गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री और अधिकतम 16 डिग्री पर जमा रहा।
कड़ाके की ठंड व शीतलहर से सबसे बुरा हाल दिहाड़ी मजदूरों व रिक्शाचालकों का है। दो जून की रोटी के लिए हड्डी गलाना उनकी मजबूरी है, जिसके लिए वे घरों से निकलने के लिए बेबस हैं। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में ठंड का सितम लगभग एक पखवारे से लगातार जारी है। दिन की शुरुआत घने कोहरे और सर्द हवाओं के चलने के साथ हो रही है। पूरा दिन लोग सूर्य के दर्शन के इंतजार में बिता रहे हैं। ठंड का कहर सबसे ज्यादा सितम रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों को झेलना पड़ रहा है। गलन और शीतलहर के बावजूद दो जून की रोटी के खातिर रिक्शा चालक व मजदूर काम करने को मजबूर है। डुमरियागंज कस्बा सहित क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर गुरुवार को धुंध व कोहरे के बीच धूप न निकलने के चलते सड़क पर कोल्ड कर्फ्यू सरीखा माहौल दिखाई दिया। लोग टोपी, जैकेट, स्वेटर से ढके नजर आए। मौसम का मिजाज बिगड़ने से बाजार में कोयले व ऊनी कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
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कड़ाके की ठंड व शीतलहर से सबसे बुरा हाल दिहाड़ी मजदूरों व रिक्शाचालकों का है। दो जून की रोटी के लिए हड्डी गलाना उनकी मजबूरी है, जिसके लिए वे घरों से निकलने के लिए बेबस हैं। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में ठंड का सितम लगभग एक पखवारे से लगातार जारी है। दिन की शुरुआत घने कोहरे और सर्द हवाओं के चलने के साथ हो रही है। पूरा दिन लोग सूर्य के दर्शन के इंतजार में बिता रहे हैं। ठंड का कहर सबसे ज्यादा सितम रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों को झेलना पड़ रहा है। गलन और शीतलहर के बावजूद दो जून की रोटी के खातिर रिक्शा चालक व मजदूर काम करने को मजबूर है। डुमरियागंज कस्बा सहित क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर गुरुवार को धुंध व कोहरे के बीच धूप न निकलने के चलते सड़क पर कोल्ड कर्फ्यू सरीखा माहौल दिखाई दिया। लोग टोपी, जैकेट, स्वेटर से ढके नजर आए। मौसम का मिजाज बिगड़ने से बाजार में कोयले व ऊनी कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
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