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Siddharthnagar News: जमीन बेचने को तैयार न होने पर ईंट से सिर कूंचकर की थी नानी की हत्या
Wed, 23 Oct 2024 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 23 Oct 2024 02:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जमीन बेचने के लिए तैयार न होने पर नाती और उसकी पत्नी ने नानी को मौत के घाट उतार दिया था। उसके सिर पर सीमेंट की ईंट से वार कर हत्या की गई थी। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी नाती माता प्रसाद पाठक और उसकी पत्नी संध्या पाठक को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल सीमेंट की ईंट को बरामद कर लिया।
सीओ सिटी सत्येंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों ने कबूल किया है कि नानी जमीन बेचने की बात करने पर धमकी देती थी कि वह अपने देवर को बैनामा कर देगी। इसलिए साजिश के तहत बुलाकर हत्या की गई। दोनों को न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के पड़िया की रहने वाली राधिका देवी की बेटी की शादी शहरकोतवाली क्षेत्र के अमरुतहिया में हुई थी। यहां उसका नाती माता प्रसाद पाठक 16 अक्तूबर को अपनी नानी को सेवा करने के लिए लाया था।
18 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में राधिका देवी की मौत हो गई थी। माता प्रसाद पाठक राधिका देवी के देवर परागदत्त को फोन पर सूचना दी कि नानी आंगन में फिसलकर गिर गई थीं। इससे उनकी मृत्यु हो गई है। जानकारी मिलने पर मृतका के देवर व अन्य लोग आए और शव लेकर सिद्धार्थनगर चले गए। वहां सिर में गंभीर चोट देखकर उन लोगों को संदेह हुआ तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें भारी चीज से प्रहार करने से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद त्रिलोकपुर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश करने की जिम्मेदारी बस्ती कोतवाली को दी गई।
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सीओ के मुताबिक घटना स्थल के निरीक्षण व फॉरेंसिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर घटना में मृतका राधिका देवी के नाती माता प्रसाद पाठक, उसकी पत्नी संध्या पाठक और दामाद अष्टभुजा पाठक का नाम प्रकाश में आया। कोतवाल ने संदेह के आधार पूछताछ करने के लिए माता प्रसाद पाठक व उसकी पत्नी संध्या पाठक को थाने पर बुलाया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राधिका देवी के कोई पुत्र नहीं था। उन्होंने अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति अपनी बेटी के बेटे माता प्रसाद के नाम रजिस्टर्ड वसीयत कर दिया गया था। इसके बाद से माता प्रसाद बार-बार उस जमीन को बेचने के लिए नानी राधिका से कहता था। मगर, वह इसके लिए तैयार नहीं हुईं। कहती थीं कि तुम ज्यादा परेशान करोगे तो मैं अपनी सारी जमीन पति के भाइयों को लिख दूंगी। क्योंकि मैं उनके साथ ही रहती हूं।
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सीओ सिटी सत्येंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों ने कबूल किया है कि नानी जमीन बेचने की बात करने पर धमकी देती थी कि वह अपने देवर को बैनामा कर देगी। इसलिए साजिश के तहत बुलाकर हत्या की गई। दोनों को न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के पड़िया की रहने वाली राधिका देवी की बेटी की शादी शहरकोतवाली क्षेत्र के अमरुतहिया में हुई थी। यहां उसका नाती माता प्रसाद पाठक 16 अक्तूबर को अपनी नानी को सेवा करने के लिए लाया था।
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18 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में राधिका देवी की मौत हो गई थी। माता प्रसाद पाठक राधिका देवी के देवर परागदत्त को फोन पर सूचना दी कि नानी आंगन में फिसलकर गिर गई थीं। इससे उनकी मृत्यु हो गई है। जानकारी मिलने पर मृतका के देवर व अन्य लोग आए और शव लेकर सिद्धार्थनगर चले गए। वहां सिर में गंभीर चोट देखकर उन लोगों को संदेह हुआ तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें भारी चीज से प्रहार करने से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद त्रिलोकपुर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश करने की जिम्मेदारी बस्ती कोतवाली को दी गई।
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सीओ के मुताबिक घटना स्थल के निरीक्षण व फॉरेंसिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर घटना में मृतका राधिका देवी के नाती माता प्रसाद पाठक, उसकी पत्नी संध्या पाठक और दामाद अष्टभुजा पाठक का नाम प्रकाश में आया। कोतवाल ने संदेह के आधार पूछताछ करने के लिए माता प्रसाद पाठक व उसकी पत्नी संध्या पाठक को थाने पर बुलाया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राधिका देवी के कोई पुत्र नहीं था। उन्होंने अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति अपनी बेटी के बेटे माता प्रसाद के नाम रजिस्टर्ड वसीयत कर दिया गया था। इसके बाद से माता प्रसाद बार-बार उस जमीन को बेचने के लिए नानी राधिका से कहता था। मगर, वह इसके लिए तैयार नहीं हुईं। कहती थीं कि तुम ज्यादा परेशान करोगे तो मैं अपनी सारी जमीन पति के भाइयों को लिख दूंगी। क्योंकि मैं उनके साथ ही रहती हूं।