फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   wheat

केंद्रों पर नहीं बिचौलियों के हाथ चला गया गेहूं

Fri, 28 Jun 2019 09:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 09:54 PM IST
विज्ञापन
wheat
केंद्रों पर नहीं, बिचौलियों के हाथ चला गया गेहूं
विज्ञापन

62 प्रतिशत ही प्रशासन कर सका गेहूं की खरीद
88500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का मिला था जिले को लक्ष्य
जिले के 125 केंद्रों पर होनी थी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। क्रय केंद्रों पर बिकने वाला गेहूं बिचौलियों के हाथ चला गया। मिले लक्ष्य के सापेक्ष महज 62 फीसदी ही गेहूं की खरीदारी हो सकी है। जबकि पिछले साल प्रशासन ने 130 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया था। विभागीय लापरवाही और खरीद में क्रय केंद्र संचालकों द्वारा मनमानी किए जाने से नाराज किसान केंद्रों के बजाए बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचना बेहतर समझा। ऐसे में सरकार की मंशा पर विभाग ने पानी फेर दिया है।
सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए तमाम वायदे कर रही है। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गेहूं खरीद के आंकड़ों पर गौर करें तो 26 जून तक चले गेहूं खरीद का बुरा हाल है। जिले मेें महज 62 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई है। किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाकर परेशान थे। वहीं, क्रय केंद्रों पर कभी गेहूं रखने का अभाव तो कभी बोरा और नंबर पीछे होने का हवाला देकर किसानों को लौट दिया जा रहा था। हाल यह हुआ कि केंद्रों के बजाय गेहूं बिचौलियों के हाथ चला गया। परेशान किसान बिचौलियों के हाथ लूट गए और औने-पौने दाम पर अपनी उपज को बेच दिया। जिम्मेदारों की उदासीनता सरकार की मंशा पर भारी पड़ गई। इससे खरीद लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। जिला विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि जिन किसानों ने आवेदन किया था और क्रय केंद्र पर गए थे। उन लोगों का गेहूं खरीद हुआ है। खरीद पूरी पारदर्शिता से की गई है।
विज्ञापन

जिले में हैं सवा तीन लाख से अधिक किसान
तराई क्षेत्र में गिने जाने वाले इस जिले की आबादी खेती पर निर्भर है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो सवा तीन लाख किसान हैं और लगभग ढाई लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बुवाई हुई थी। पैदावार पर नजर डालें तो आठ लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज का अनुमान है। मगर इतनी जागरूकता के बावजूद 62 प्रतिशत खरीद होना व्यवस्था पर सवाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

88500 मीट्रिक टन था खरीद का लक्ष्य
जिले में विभिन्न संस्थाओं के कुल 125 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन्हें एरिया दे दिया गया था कि अपने क्षेत्र का खरीद करेंगे। जिले के 88500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके सापेक्ष विभाग 55702 मीट्रिक टन गेहूं खरीद पाया। जबकि पिछले साल 67 हजार 900 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसे विभाग ने करीब 87 हजार मीट्रिक टन खरीदारी की थी। जबकि पिछली बार सरकार ने रेट भी नहीं बढ़ाया था। इस बार सरकार ने रेट में बढ़ोत्तरी भी की थी।

9066 किसान सरकारी क्रय केंद्र पर ले गए गेहूं
किसानों की बड़ी आबादी वाले इस जिले में गेहूं बेचने के लिए महज 9066 किसानों ने आवेदन किया था। जबकि खरीद के लिए फरवरी से ही पूरा तंत्र लग गया था। किसानों को जागरूक करने का भी काम किया गया है। मगर किसान क्रय केंद्रों पर मनमानी के चलते बिचौलियों के हाथ लूटने को विवश रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed