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Siddharthnagar News: सहालग खत्म, सराफा बाजार सूना...अब त्योहारी सीजन का इंतजार
Wed, 22 Jul 2026 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:39 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सहालग का सीजन समाप्त होते ही जिले के प्रमुख बाजारों में सराफा कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। शादी-विवाह के दौरान हुई खरीदारी के बाद अब सोने-चांदी के आभूषणों की मांग में तेजी से गिरावट आई है। बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, उसका बाजार और सिद्धार्थनगर मुख्यालय के सराफा बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की संख्या पहले की अपेक्षा काफी कम दिखाई दे रही है। कारोबारी अब रक्षाबंधन, तीज और धनतेरस जैसे त्योहारों के सीजन से कारोबार में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सराफा कारोबारियों के अनुसार सहालग के दौरान शादी के लिए गहनों की खरीदारी अधिक होती है लेकिन सीजन खत्म होने के बाद ग्राहक जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करते हैं। वहीं सोने के बढ़े भाव ने भी आम ग्राहकों का बजट प्रभावित किया है। इसके चलते भारी आभूषणों की जगह अब हल्के वजन की चेन, अंगूठी, कान के टॉप्स और छोटे डिजाइन के गहनों की मांग अधिक है।
नौगढ़, बांसी और डुमरियागंज के सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस समय नई खरीदारी कम हो गई है। ग्राहक पुराने गहनों को बदलवाने (एक्सचेंज) और पुराने आभूषणों की रीमेकिंग कराने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। कई लोग पुराने डिजाइन बदलवाकर कम वजन और नए डिजाइन के आभूषण तैयार करा रहे हैं। सराफा कारोबार में आई मंदी का असर आभूषण बनाने वाले कारीगरों और दैनिक मजदूरों पर भी पड़ा है। सहालग के समय जहां कारीगरों के पास लगातार काम रहता है। वहीं अब ऑर्डर कम होने से काम सीमित हो गया है। छोटे कारीगरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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त्योहारी सीजन से कारोबारियों को आस
- सराफा कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, तीज, नवरात्र और धनतेरस के दौरान बाजार में फिर रौनक लौटेगी। त्योहारों में सोने-चांदी के सिक्के, छोटे आभूषण और उपहार स्वरूप दिए जाने वाले गहनों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष मिट्ठू कसौधन कहते हैं कि फिलहाल बाजार शांत है लेकिन त्योहारी सीजन शुरू होते ही खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
सराफा कारोबारियों के अनुसार सहालग के दौरान शादी के लिए गहनों की खरीदारी अधिक होती है लेकिन सीजन खत्म होने के बाद ग्राहक जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करते हैं। वहीं सोने के बढ़े भाव ने भी आम ग्राहकों का बजट प्रभावित किया है। इसके चलते भारी आभूषणों की जगह अब हल्के वजन की चेन, अंगूठी, कान के टॉप्स और छोटे डिजाइन के गहनों की मांग अधिक है।
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नौगढ़, बांसी और डुमरियागंज के सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस समय नई खरीदारी कम हो गई है। ग्राहक पुराने गहनों को बदलवाने (एक्सचेंज) और पुराने आभूषणों की रीमेकिंग कराने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। कई लोग पुराने डिजाइन बदलवाकर कम वजन और नए डिजाइन के आभूषण तैयार करा रहे हैं। सराफा कारोबार में आई मंदी का असर आभूषण बनाने वाले कारीगरों और दैनिक मजदूरों पर भी पड़ा है। सहालग के समय जहां कारीगरों के पास लगातार काम रहता है। वहीं अब ऑर्डर कम होने से काम सीमित हो गया है। छोटे कारीगरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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त्योहारी सीजन से कारोबारियों को आस
- सराफा कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, तीज, नवरात्र और धनतेरस के दौरान बाजार में फिर रौनक लौटेगी। त्योहारों में सोने-चांदी के सिक्के, छोटे आभूषण और उपहार स्वरूप दिए जाने वाले गहनों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष मिट्ठू कसौधन कहते हैं कि फिलहाल बाजार शांत है लेकिन त्योहारी सीजन शुरू होते ही खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।