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Siddharthnagar News: ट्रांसफाॅर्मर और तारों का जाल, खतरे की जद में सिद्धार्थ चौक
Mon, 21 Sep 2026 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:35 AM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर के मुख्य चौराहा सिद्धार्थ चौक पर शाम होते ही भीड़ बढ़ जाती है लेकिन यहां असुविधाओं का अंबार है। चौक के बीच में स्थापित महात्मा बुद्ध के युवा अवस्था सिद्धार्थ की प्रतिमा के दक्षिण रोड से सटे ही बिजली ट्रांसफाॅर्मर लगा है।
तारों के मकड़जाल, बिजली ट्रांसफाॅर्मर और पोल से पूरी तरह सकरे हो गए। सड़क पर वाहनों के आवागमन के दौरान हादसे का खतरा रहता है।
यहां न तो कोई शौचालय है और न ही बस आदि वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के बैठने के लिए कोई छाजन की ही व्यवस्था है। ऐसे में लोगों को धूप और बारिश में खुले में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। यहां लगे वाटर कूलर भी कई दिन से खराब पड़े हैं। सिद्धार्थ चौराहे पर शौचालय की सुविधा न होने से सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को होती है।
वहीं यहां लगा वाटर कूलर कई दिनों से खराब पड़े रहने से गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। चौराहे पर कोई छाजन या पेड़ नहीं होने से तपती धूप में इस चौराहे पर पहुंचने वाले लोगों को छांव के लिए भटकना पड़ता है। साथ ही यात्री सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। चौराहे पर पौधरोपण और यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था होने से बाजार आने वालों व यात्रियों की समस्या कम हो सकती है।
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तारों के मकड़जाल, बिजली ट्रांसफाॅर्मर और पोल से पूरी तरह सकरे हो गए। सड़क पर वाहनों के आवागमन के दौरान हादसे का खतरा रहता है।
यहां न तो कोई शौचालय है और न ही बस आदि वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के बैठने के लिए कोई छाजन की ही व्यवस्था है। ऐसे में लोगों को धूप और बारिश में खुले में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। यहां लगे वाटर कूलर भी कई दिन से खराब पड़े हैं। सिद्धार्थ चौराहे पर शौचालय की सुविधा न होने से सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को होती है।
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वहीं यहां लगा वाटर कूलर कई दिनों से खराब पड़े रहने से गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। चौराहे पर कोई छाजन या पेड़ नहीं होने से तपती धूप में इस चौराहे पर पहुंचने वाले लोगों को छांव के लिए भटकना पड़ता है। साथ ही यात्री सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। चौराहे पर पौधरोपण और यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था होने से बाजार आने वालों व यात्रियों की समस्या कम हो सकती है।
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