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बारिश से बदला मौमस, कीचड़ से सन गई सड़कें
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बारिश से बदला मौसम, कीचड़ से सनीं सड़कें
बारिश के बाद गांव से शहर तक आवागमन में हुई लोगों को दिक्कत
अच्छी बारिश होने से धान की खेती करने वाले किसानों को मिली सहूलियत
खेतों में नमी होने से अक्षय तृतीय के बाद जुताई कर सकेंगे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम इस बार किसानों के साथ दिख रहा है। पिछले सप्ताह से हर तीन दिन बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार की सुबह जमकर बारिश हुई। बारिश से टूटी सड़कों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई। क्योंकि गांव से नगर तक सड़कें कीचड़ से सन गईं। वहीं इस बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को फायदा हुआ है। क्योंकि नमी होने के कारण वह समय से खेत की जुताई करके तैयार कर लेंगे और धान की नर्सरी डालने में उन्हें मदद मिल जाएगी। मई माह के शुरू होने के साथ ही आंधी, ओला और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। पिछले सप्ताह से तो लग रहा है कि यह मानसून की बारिश है। हर दूसरे दिन बारिश और बूंदाबांदी हो रही है। बुधवार सुबह जिले के सभी हिस्सों ने खूब बारिश हुई। लगभग एक घंटे तक हुई बारिश से सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर गया। वहीं सड़क कीचड़ से सराबोर हो गईं। यह हाल गांव से शहर तक दिखा। कीचड़ की वजह से पैदल, साइकिल और बाइक सवारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। नगर में मंडी जाने वाली मार्ग पर सड़क टूटी होने के कारण पानी भरने से लोगों को दिक्कत हुई। जबकि नगर उसका से जाने वाले मुख्य मार्ग पर 10 मीटर का गड्ढा होने से उसमें पानी भर गया। इससे इस मार्ग पर चलने वाले हजारों राहगीरों को दिक्कत हुई। उन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ा। यह हाल ग्रामीण क्षेत्रों में रहा। कटया-भिटिया मिश्र गांव का जोड़ने वाली सड़क गड्ढों की वजह से कीचड़ से सनी गई। आने-जाने वालों को परेशानियों से जूझना पड़ा। वहीं यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक बताई गई।
खेत तैयार करने में मिलेगी सहूलियत
किसान रुद्रनारायन तिवारी, मनोज, छोटेलाल ने कहा कि यह बारिश खरीफ फसल की तैयारी के लिए काफी लाभदायक होगा, क्योंकि बारिश से खेतों में खूब नमी हो गई है। ऐसे में समय से खरपतवार उग आएंगे और जुताई करके उसे आसानी से खत्म किया जा सकेगा। अक्षय तृतीय होते ही खेती की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
नर्सरी डालने में लिए है लाभदायक
इस बारिश से खेतों में खूब नमी हो गई है। ऐसे में किसान खेती की गुड़ाई करके उसमें निकलने वाले खरपतवार को नष्ट कर देंगे और समय धान की नर्सरी डाल सकेंगे। साथ ही हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई भी कर सकेंगे। क्योंकि पर्याप्त नमी होने से जमाव अच्छा होगा।
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धान की खेती है मुख्य फसल
जिले में किसान प्रमुख रूप से दो फसल लगाते हैं। इसमें धान और गेहूं प्रमुख फसल में है। लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। इस बार मौसम की जो स्थिति है। इससे लग रहा है कि समय से बारिश होने से किसानों को लाभ मिलेगा।
खरीफ फसलों की तैयारी के लि बारिश उपयोगी
बारिश अच्छी हुई है ऐसे में धान की नर्सरी डालने के लिए खेत को तैयार कर सकेंगे। क्योंकि नमी होने के कारण खरपतवार उग आएंगे, जिसकी गुड़ाई करके नष्ट कर सकते हैं। साथ ही हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई भी कर सकते हैं। क्योंकि अच्छी नमी होने से उसका जमाव सही रहेगा। कुल मिलाकर बारिश लाभप्रद है।
- एसके मिश्र कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सोहना
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बारिश के बाद गांव से शहर तक आवागमन में हुई लोगों को दिक्कत
अच्छी बारिश होने से धान की खेती करने वाले किसानों को मिली सहूलियत
खेतों में नमी होने से अक्षय तृतीय के बाद जुताई कर सकेंगे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम इस बार किसानों के साथ दिख रहा है। पिछले सप्ताह से हर तीन दिन बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार की सुबह जमकर बारिश हुई। बारिश से टूटी सड़कों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई। क्योंकि गांव से नगर तक सड़कें कीचड़ से सन गईं। वहीं इस बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को फायदा हुआ है। क्योंकि नमी होने के कारण वह समय से खेत की जुताई करके तैयार कर लेंगे और धान की नर्सरी डालने में उन्हें मदद मिल जाएगी। मई माह के शुरू होने के साथ ही आंधी, ओला और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। पिछले सप्ताह से तो लग रहा है कि यह मानसून की बारिश है। हर दूसरे दिन बारिश और बूंदाबांदी हो रही है। बुधवार सुबह जिले के सभी हिस्सों ने खूब बारिश हुई। लगभग एक घंटे तक हुई बारिश से सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर गया। वहीं सड़क कीचड़ से सराबोर हो गईं। यह हाल गांव से शहर तक दिखा। कीचड़ की वजह से पैदल, साइकिल और बाइक सवारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। नगर में मंडी जाने वाली मार्ग पर सड़क टूटी होने के कारण पानी भरने से लोगों को दिक्कत हुई। जबकि नगर उसका से जाने वाले मुख्य मार्ग पर 10 मीटर का गड्ढा होने से उसमें पानी भर गया। इससे इस मार्ग पर चलने वाले हजारों राहगीरों को दिक्कत हुई। उन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ा। यह हाल ग्रामीण क्षेत्रों में रहा। कटया-भिटिया मिश्र गांव का जोड़ने वाली सड़क गड्ढों की वजह से कीचड़ से सनी गई। आने-जाने वालों को परेशानियों से जूझना पड़ा। वहीं यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक बताई गई।
खेत तैयार करने में मिलेगी सहूलियत
किसान रुद्रनारायन तिवारी, मनोज, छोटेलाल ने कहा कि यह बारिश खरीफ फसल की तैयारी के लिए काफी लाभदायक होगा, क्योंकि बारिश से खेतों में खूब नमी हो गई है। ऐसे में समय से खरपतवार उग आएंगे और जुताई करके उसे आसानी से खत्म किया जा सकेगा। अक्षय तृतीय होते ही खेती की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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नर्सरी डालने में लिए है लाभदायक
इस बारिश से खेतों में खूब नमी हो गई है। ऐसे में किसान खेती की गुड़ाई करके उसमें निकलने वाले खरपतवार को नष्ट कर देंगे और समय धान की नर्सरी डाल सकेंगे। साथ ही हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई भी कर सकेंगे। क्योंकि पर्याप्त नमी होने से जमाव अच्छा होगा।
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धान की खेती है मुख्य फसल
जिले में किसान प्रमुख रूप से दो फसल लगाते हैं। इसमें धान और गेहूं प्रमुख फसल में है। लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। इस बार मौसम की जो स्थिति है। इससे लग रहा है कि समय से बारिश होने से किसानों को लाभ मिलेगा।
खरीफ फसलों की तैयारी के लि बारिश उपयोगी
बारिश अच्छी हुई है ऐसे में धान की नर्सरी डालने के लिए खेत को तैयार कर सकेंगे। क्योंकि नमी होने के कारण खरपतवार उग आएंगे, जिसकी गुड़ाई करके नष्ट कर सकते हैं। साथ ही हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई भी कर सकते हैं। क्योंकि अच्छी नमी होने से उसका जमाव सही रहेगा। कुल मिलाकर बारिश लाभप्रद है।
- एसके मिश्र कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सोहना