{"_id":"5dac8cf68ebc3e01656ea266","slug":"waqf-siddharthnagar-news-gkp3262870146","type":"story","status":"publish","title_hn":"वक्फ संपत्तियों का होगा विकास, निगम ने मांगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वक्फ संपत्तियों का होगा विकास, निगम ने मांगा प्रस्ताव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वक्फ संपत्तियों का होगा विकास, निगम ने मांगा प्रस्ताव
जनपद की 2618 वक्फ संपत्तियों की होगी जांच-पड़ताल
डीएमओ ने सभी एसडीएम को भेजा पत्र, मांगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त वक्फ संपत्तियों को विकसित करने का शासन स्तर से निर्णय लेने के बाद जिले की 2618 संपत्तियों की गहना से जांच-पड़ताल करते हुए उपजिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए सहायक सर्वे कमिश्नर वक्फ ने पत्र भेजा है। प्रस्ताव मिलने के बाद इसे जिलाधिकारी उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम को भेजेंगे।
जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी व सहायक सर्वे कमिश्नर वक्फ विजय प्रताप यादव ने उपजिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि उप्र वक्फ विकास निगम ने जिले में स्थित व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त वक्फ संपत्तियों को विकसित करने का निर्णय लिया है। अधिकांश वक्फ संपत्तियां धन के अभाव तथा समुचित देखभाल न होने के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। अनाधिकृत कब्जे व अतिक्रमण भी हो रहे हैं, जिस कारण इनकी आय इतनी कम हो गई है कि अपेक्षानुसार इनकी देखभाल, रखरखाव, प्रबंधन व संचालन कठिन हो गया है। ऐसे में जनपद में कुल 2618 वक्फ संपत्तियों की नए सिरे से छानबीन करने की आवश्यकता है। इनमें नौगढ़ तहसील में 1150, शोहरतगढ़ में 456, बांसी में 331, इटवा में 253, डुमरियागंज में 428 वक्फ संपत्तियां है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि विकास की दृष्टिकोण से शहरी क्षेत्रों, कस्बों, चौराहों व सड़क किनारे स्थित वक्फ संपत्तियों का प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव भेजने की अपेक्षा की गई है।
विज्ञापन
जनपद की 2618 वक्फ संपत्तियों की होगी जांच-पड़ताल
डीएमओ ने सभी एसडीएम को भेजा पत्र, मांगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त वक्फ संपत्तियों को विकसित करने का शासन स्तर से निर्णय लेने के बाद जिले की 2618 संपत्तियों की गहना से जांच-पड़ताल करते हुए उपजिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए सहायक सर्वे कमिश्नर वक्फ ने पत्र भेजा है। प्रस्ताव मिलने के बाद इसे जिलाधिकारी उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम को भेजेंगे।
जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी व सहायक सर्वे कमिश्नर वक्फ विजय प्रताप यादव ने उपजिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि उप्र वक्फ विकास निगम ने जिले में स्थित व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयुक्त वक्फ संपत्तियों को विकसित करने का निर्णय लिया है। अधिकांश वक्फ संपत्तियां धन के अभाव तथा समुचित देखभाल न होने के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। अनाधिकृत कब्जे व अतिक्रमण भी हो रहे हैं, जिस कारण इनकी आय इतनी कम हो गई है कि अपेक्षानुसार इनकी देखभाल, रखरखाव, प्रबंधन व संचालन कठिन हो गया है। ऐसे में जनपद में कुल 2618 वक्फ संपत्तियों की नए सिरे से छानबीन करने की आवश्यकता है। इनमें नौगढ़ तहसील में 1150, शोहरतगढ़ में 456, बांसी में 331, इटवा में 253, डुमरियागंज में 428 वक्फ संपत्तियां है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि विकास की दृष्टिकोण से शहरी क्षेत्रों, कस्बों, चौराहों व सड़क किनारे स्थित वक्फ संपत्तियों का प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव भेजने की अपेक्षा की गई है।
विज्ञापन