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Siddharthnagar News: जेल में लगेगा विपश्यना शिविर, कैदी करेंगे ध्यान
Fri, 06 Dec 2024 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 06 Dec 2024 12:13 AM IST
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जिला जेल में विपश्यना के तहत कैदियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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सिद्धार्थनगर। जिला कारागार में कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विपश्यना ध्यान कराया जाएगा। तथागत बुद्ध की धरती पर पहली बार उनके विपश्यना ध्यान को कैदियों में जीवन में बदलाव के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
500 से अधिक पुरुष महिला कैदियों-बंदियों को विपश्यना ध्यान कराया जाएगा। जनवरी माह में 10 दिन का शिविर आयोजित किया जाएगा, जबकि जल्द ही जेल परिसर में विपश्यना केंद्र बनाने की आधार शिला रखी जाएगी।
जेल अधीक्षक सचिन वर्मा की अध्यक्षता में दस दिवसीय विपश्यना ध्यान कार्यक्रम की नींव तैयार की गई है। बृहस्पतिवार को विपश्यना ध्यान की प्रशिक्षिका पुष्पा सिंह ने बंदियों को ‘’अनापान’’ की शिक्षा दी। उन्होंने बताया कि विपश्यना ध्यान क्रोध, हताश, और अपराध-बोध जैसी भावनाओं को प्रबंधित करने में मदद करता है।
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यह ध्यान पद्धति आपको अपने कर्मों के प्रति जागरूक बनाती है। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने कहा कि यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में से पहली बार सिद्धार्थनगर जेल से इस प्राचीन विद्या का शुभारंभ किया जा रहा है।
यह प्रदेश के साथ-साथ सिद्धार्थनगर जनपद के लिए गर्व की बात है। अन्य प्रदेशों की जेलों में यह अभ्यास सफल रहा है। आगे मुख्यालय से अनुमति के आधार पर सिद्धार्थनगर जेल में विपश्यना ध्यान केंद्र भी बनाया जाएगा।
विपश्यना के जरिए जेल में निरुद्ध बंदी भाई अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। जो उनके जीवन और समाज दोनों के लिए लाभदायक है।
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले बंदी भाईयों ने बताया कि वे स्वयं को तनाव मुक्त, हल्का, ऊर्जा से परिपूर्ण एवं शांत महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान अजय कुमार गौतम, मुकेश प्रकाश, अजीत कुमार चंद, अभिषेक पांडेय उपस्थित रहे।त
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500 से अधिक पुरुष महिला कैदियों-बंदियों को विपश्यना ध्यान कराया जाएगा। जनवरी माह में 10 दिन का शिविर आयोजित किया जाएगा, जबकि जल्द ही जेल परिसर में विपश्यना केंद्र बनाने की आधार शिला रखी जाएगी।
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जेल अधीक्षक सचिन वर्मा की अध्यक्षता में दस दिवसीय विपश्यना ध्यान कार्यक्रम की नींव तैयार की गई है। बृहस्पतिवार को विपश्यना ध्यान की प्रशिक्षिका पुष्पा सिंह ने बंदियों को ‘’अनापान’’ की शिक्षा दी। उन्होंने बताया कि विपश्यना ध्यान क्रोध, हताश, और अपराध-बोध जैसी भावनाओं को प्रबंधित करने में मदद करता है।
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यह ध्यान पद्धति आपको अपने कर्मों के प्रति जागरूक बनाती है। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने कहा कि यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में से पहली बार सिद्धार्थनगर जेल से इस प्राचीन विद्या का शुभारंभ किया जा रहा है।
यह प्रदेश के साथ-साथ सिद्धार्थनगर जनपद के लिए गर्व की बात है। अन्य प्रदेशों की जेलों में यह अभ्यास सफल रहा है। आगे मुख्यालय से अनुमति के आधार पर सिद्धार्थनगर जेल में विपश्यना ध्यान केंद्र भी बनाया जाएगा।
विपश्यना के जरिए जेल में निरुद्ध बंदी भाई अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। जो उनके जीवन और समाज दोनों के लिए लाभदायक है।
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले बंदी भाईयों ने बताया कि वे स्वयं को तनाव मुक्त, हल्का, ऊर्जा से परिपूर्ण एवं शांत महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान अजय कुमार गौतम, मुकेश प्रकाश, अजीत कुमार चंद, अभिषेक पांडेय उपस्थित रहे।त