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सड़क का निर्माण रुकवाया
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:28 PM IST
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बांसी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत जिगनिहवां-होरिल्लापुर मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 11 किमी. लंबी सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितता को देखकर मालीजोत में ग्रामीणों ने कार्य को रुकवाकर प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क के बनने के बाद गिट्टियां उखड़ रही हैं। सड़क के निर्माण का कोई उपयोग नहीं है।
ग्रामीणों के प्रदर्शन के घंटों बाद भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। बताते चलें कि उक्त सड़क का निर्माण कार्य मानक के विपरीत हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कमीशनखोरी के चलते विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। इस सड़क का निर्माण कार्य एपी एसोसिएट से 4 करोड़ 52 लाख रुपये से कराया जा रहा है। इस कार्य अवधि अक्टूबर 2014 में ही पूरी हो गई थी। दो वर्ष बाद इस सड़क का निर्माण कार्य अब शुरु हुआ।
ऐसे में भी ठेकेदार सड़क निर्माण कार्य में घोर अनियमितता कर रहा है। जिस पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीण अजय शुक्ला का कहना है कि सड़क निर्माण में सबसे बड़ा खेल यह हो रहा है कि इस योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़को की जिमेदारी पांच वर्षो तक संबंधित फर्म की होती है। अब जब तीन साल का समय निर्माण में ही बीत चूका है तो फिर जिम्मेदारी का क्या मतलब। ग्रामीण हरीश चौरसिया ने कहा कि पहले ही तीन वर्षो से बड़े-बड़े गिट्टियों पर चल कर लोग चोटिल हो रहे हैं और अब जब सड़क बनते ही गिट्टियां उखड़ने लगी।
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राकेश गुप्ता का कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़क के निर्माण के समय विभागीय जिम्मेदार अधिकारी का होना जरूरी है ताकि मानक के अनुरूप सड़क का निर्माण हो। इस तरह मानक के विपरीत सड़क न बने कि निर्माण के दो दिनों में ही टूट जाए और सरकारी धन का सही प्रयोग न हो।
ग्रामीण दामोदर शुक्ला, चंद्रशेखर प्रसाद, रामकरन, पुल्लू बाबा, राम प्रसाद, रमेश वर्मा, रामाज्ञा चौरसिया, युनूस प्रधान आदि लोगों ने विभागीय अधिकारियों से जांच कर मानक के अनुसार सड़क निर्माण कार्य करवाने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीण अभियंत्रण खंड सिद्धार्थनगर आरपी राम ने बताया कि मानक के विपरीत सड़क निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों के प्रदर्शन के घंटों बाद भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। बताते चलें कि उक्त सड़क का निर्माण कार्य मानक के विपरीत हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कमीशनखोरी के चलते विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। इस सड़क का निर्माण कार्य एपी एसोसिएट से 4 करोड़ 52 लाख रुपये से कराया जा रहा है। इस कार्य अवधि अक्टूबर 2014 में ही पूरी हो गई थी। दो वर्ष बाद इस सड़क का निर्माण कार्य अब शुरु हुआ।
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ऐसे में भी ठेकेदार सड़क निर्माण कार्य में घोर अनियमितता कर रहा है। जिस पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीण अजय शुक्ला का कहना है कि सड़क निर्माण में सबसे बड़ा खेल यह हो रहा है कि इस योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़को की जिमेदारी पांच वर्षो तक संबंधित फर्म की होती है। अब जब तीन साल का समय निर्माण में ही बीत चूका है तो फिर जिम्मेदारी का क्या मतलब। ग्रामीण हरीश चौरसिया ने कहा कि पहले ही तीन वर्षो से बड़े-बड़े गिट्टियों पर चल कर लोग चोटिल हो रहे हैं और अब जब सड़क बनते ही गिट्टियां उखड़ने लगी।
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राकेश गुप्ता का कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़क के निर्माण के समय विभागीय जिम्मेदार अधिकारी का होना जरूरी है ताकि मानक के अनुरूप सड़क का निर्माण हो। इस तरह मानक के विपरीत सड़क न बने कि निर्माण के दो दिनों में ही टूट जाए और सरकारी धन का सही प्रयोग न हो।
ग्रामीण दामोदर शुक्ला, चंद्रशेखर प्रसाद, रामकरन, पुल्लू बाबा, राम प्रसाद, रमेश वर्मा, रामाज्ञा चौरसिया, युनूस प्रधान आदि लोगों ने विभागीय अधिकारियों से जांच कर मानक के अनुसार सड़क निर्माण कार्य करवाने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीण अभियंत्रण खंड सिद्धार्थनगर आरपी राम ने बताया कि मानक के विपरीत सड़क निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।