{"_id":"697907f3315d3d870d0bcee5","slug":"vikas-singh-accused-in-cuff-syrup-scandal-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-152462-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: नेपाल बॉर्डर से दबोचा गया कफ सिरप कांड का आरोपी विकास सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: नेपाल बॉर्डर से दबोचा गया कफ सिरप कांड का आरोपी विकास सिंह
Wed, 28 Jan 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मोहाना थाना क्षेत्र के एक गांव से किया गया गिरफ्तार, नेपाल फरार होने की फिराक में था
- वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
- पूछताछ के लिए आरोपी को वाराणसी ले जाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। कफ सिरप कांड में फरार चल रहा इनामी आरोपी आजमगढ़ के नरवे निवासी विकास सिंह नरवे को मंगलवार भोर में मोहाना थाना क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, तभी टीम ने उसे दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान सूचना लीक होने से बचने के लिए स्थानीय पुलिस को भी सीमित जानकारी दी गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए वाराणसी ले जाया गया। इस संगठित सिंडिकेट में शामिल लंबे समय से विकास सिंह नरवे वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और अन्य टीमें लगी हुई थीं। आरोपी को भगोड़ा और इनामी घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी की जिले के मोहाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्तेदारी है, जहां वह कई दिनों से शरण लिए हुए था। जिस परिसर में उसकी मौजूदगी बताई जा रही थी, वहां के लोगों ने कोई जानकारी देने से इनकार किया। गिरफ्तारी की सूचना दिनभर जिले में चर्चा का विषय बनी रही, हालांकि ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी काफी समय से कानून की पकड़ से दूर था। इस बार भी वह मोहाना थाना क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के यहां रूका हुआ था। जैसे ही एसटीएफ को उसके नेपाल भागने की पुख्ता सूचना मिली, वाराणसी कमिश्नरी पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने बिना किसी स्थानीय हलचल के गांव की घेराबंदी कर सही समय पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, जिस गांव में आरोपी के छिपे होने की बात सामने आई थी, वहां के लोग रिश्तेदारी के सवाल पर पूरी तरह चुप्पी साधे रहे।
विज्ञापन
- वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
- पूछताछ के लिए आरोपी को वाराणसी ले जाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। कफ सिरप कांड में फरार चल रहा इनामी आरोपी आजमगढ़ के नरवे निवासी विकास सिंह नरवे को मंगलवार भोर में मोहाना थाना क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, तभी टीम ने उसे दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान सूचना लीक होने से बचने के लिए स्थानीय पुलिस को भी सीमित जानकारी दी गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए वाराणसी ले जाया गया। इस संगठित सिंडिकेट में शामिल लंबे समय से विकास सिंह नरवे वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, वाराणसी कमिश्नरी पुलिस और अन्य टीमें लगी हुई थीं। आरोपी को भगोड़ा और इनामी घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी की जिले के मोहाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्तेदारी है, जहां वह कई दिनों से शरण लिए हुए था। जिस परिसर में उसकी मौजूदगी बताई जा रही थी, वहां के लोगों ने कोई जानकारी देने से इनकार किया। गिरफ्तारी की सूचना दिनभर जिले में चर्चा का विषय बनी रही, हालांकि ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, आरोपी काफी समय से कानून की पकड़ से दूर था। इस बार भी वह मोहाना थाना क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के यहां रूका हुआ था। जैसे ही एसटीएफ को उसके नेपाल भागने की पुख्ता सूचना मिली, वाराणसी कमिश्नरी पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने बिना किसी स्थानीय हलचल के गांव की घेराबंदी कर सही समय पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, जिस गांव में आरोपी के छिपे होने की बात सामने आई थी, वहां के लोग रिश्तेदारी के सवाल पर पूरी तरह चुप्पी साधे रहे।