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Siddharthnagar News: अल्ट्रासाउंड जांच ठप, परेशान हो रहे मरीज
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मेंडिकल कालेज के एमसीएच विंग में स्थित अल्ट्रासाउंड बंद पड़ा।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को समस्याओं से छुटकारा नहीं मिल रहा है। पिछले दिनों से खराब अल्ट्रासाउंड मशीन बनी तो लेकिन जांच करने वाले डॉक्टर के न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीज आते हैं, लेकिन बिना जांच कराए लाैट जाते हैं। इससे मरीजों को निजी में जाना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले डॉक्टर ने 10 दिन पहले नाैकरी छाेड़ दी है। ऐसे में डॉक्टर जांच तो लिखते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के बाहर ताला लगा होने से मरीज मायूस होकर चले जा रहे हैं। अल्ट्रासाउंड पर प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों की जांच होती थी, लेकिन वर्तमान में मशीन सही होने के बाद भी वापस जाना पड़ रहा है।
मरीजों को मजबूरी में अल्ट्रासाउंड जांच बाहर करानी पड़ रही है, जिससे मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पेट दर्द होने पर शहर के घनश्याम काे डाॅक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा, लेकिन जांच करने वाले डॉक्टर के न होने से उन्हें निजी जांच केंद्र में जाना पड़ा। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए पांच सौ रुपया देने पड़े, जबकि मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड मुफ्त में किया जाता है।
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महिला मरीज आरती ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके पर्चे पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा है। जांच करने वाले डॉक्टर के न होने के कारण उन्हें भी बाहर जाना पड़ा। जहां अल्ट्रासाउंड कराया उसने 800 रुपये लिए, लेकिन मरीजों की इस परेशानी से मेडिकल कॉलेज प्रशासन बेफिक्र है। हालात यह हैं कि मशीन तो बन गई, लेकिन जांच की व्यवस्था ठप है। इससे मरीज को आर्थिक, शारीरिक व मानसिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले डॉक्टर ने 10 दिन पहले नाैकरी छाेड़ दी है। ऐसे में डॉक्टर जांच तो लिखते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के बाहर ताला लगा होने से मरीज मायूस होकर चले जा रहे हैं। अल्ट्रासाउंड पर प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों की जांच होती थी, लेकिन वर्तमान में मशीन सही होने के बाद भी वापस जाना पड़ रहा है।
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मरीजों को मजबूरी में अल्ट्रासाउंड जांच बाहर करानी पड़ रही है, जिससे मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को पेट दर्द होने पर शहर के घनश्याम काे डाॅक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा, लेकिन जांच करने वाले डॉक्टर के न होने से उन्हें निजी जांच केंद्र में जाना पड़ा। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए पांच सौ रुपया देने पड़े, जबकि मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड मुफ्त में किया जाता है।
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महिला मरीज आरती ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके पर्चे पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा है। जांच करने वाले डॉक्टर के न होने के कारण उन्हें भी बाहर जाना पड़ा। जहां अल्ट्रासाउंड कराया उसने 800 रुपये लिए, लेकिन मरीजों की इस परेशानी से मेडिकल कॉलेज प्रशासन बेफिक्र है। हालात यह हैं कि मशीन तो बन गई, लेकिन जांच की व्यवस्था ठप है। इससे मरीज को आर्थिक, शारीरिक व मानसिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।