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Siddharthnagar News: नम आंखों के साथ ताजिया सुपुर्द ए खाक
Sun, 06 Jul 2025 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:33 PM IST
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-मुहर्रम की 10वीं पर हल्लौर में निकाला गया मातमी जुलूस, अकीदतमंदों ने किया जंजीर व कमा से किया मातम
- इमाम हुसैन की शहादत की याद में पूरी अकीदत मनाया गया मुहर्रम
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में त्याग, बलिदान का प्रतीक मुहर्रम रविवार को शिया बहुल कस्बा हल्लौर सहित शहरों और गांवों में अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर मरसिया मजलिस हुई और अलम, ताबूत, हजरत इमाम हुसैन की सवारी का प्रतीक (जुलजनाह), ताजिया का जुलूस निकाला गया। कर्बला पर ताजियों को पूरे एहेतराम के साथ आंसुओं के सैलाब और हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा के बीच सुपुर्द ए खाक किया गया। इसमें अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) ने पूरे जोश-खरोश के साथ नौहा पढ़कर मातम किया। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नजराने अकीदत (श्रद्धा सुमन) पेश किया।
मुहर्रम की नौंवी शनिवार की रात हल्लौर कस्बे में स्थित इमामबाड़ा और लोगों के घरों पर छोटे बड़े सैकड़ों ताजिया बिठाए गए। मरसिया व मजलिस के साथ नौहा और मातम का दौर भी जारी रहा। ताजिया को देखने और नियाज फातिहा कराने के लिए सारी रात हर समुदाय के लोगों की भीड़ लगी रही।
रविवार की सुबह लगभग पांच बजे दरगाह प्रांगण में आग पर मातम किया गया, जिसमें शिया श्रद्धालुओं ने हाथ में अलम लेकर और लब पर या हुसैन या अली या अब्बास की सदा के बीच आग के दहकते शोलों को राख में तब्दील कर दिया। आग के मातम के बाद बड़े इमामबाड़े में मजलिस-ए-आशूरा आयोजित की गई, जिसमें मौलाना अमजद हुसैन रिजवी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को विस्तार से बयां किया। मजलिस के बाद इमामबाड़े से अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम-ताबूत और जुलजनाह का मातमी जुलूस निकाला गया, जो कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सुबह 10 बजे हल्लौर मुख्य चौराहे पर पहुंचा। जहां पर आशूरा (10वीं मुहर्रम) पर जाकिर जमाल हैदर, अजीम हैदर ,मौलाना महफूज, मौलाना अमजद हुसैन रिजवी ने तकरीर के जरिए हजरत इमाम हुसैन की शहादत और उनकी ओर से हक, सच्चाई, इंसाफ, मानवता-इंसानियत के लिए दिए गए पैगाम पर प्रकाश डाला।
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जाकिरों ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का बलिदान किसी एक धर्म जाति विशेष के लिए नहीं बल्कि समस्त मानव जाति के हित और हक इंसाफ पसंद के लिए आदर्श और मिसाल है। तकरीर के बाद नौहा पढ़कर मातम का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें इमाम हुसैन की शहादत और आशूरा पर आधारित दर्द भरा नौहा पढ़ा गया। अकीदतमंदों ने जंजीर कमा और हाथ से जोरदार मातम किया। पूरी सड़क खून से लाल हो गई। जुलूस सड़क के बाद कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कस्बा स्थित कर्बला पर पहुंचा। जहां पर दोपहर तीन बजे सभी छोटे बड़े ताजियों को लोगों ने नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम राजेश कुमार, एएसपी प्रशांत कुमार, सीओ बृजेश कुमार वर्मा, डुमरियागंज थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, एसआई मनोज कुमार पटेल, एसआई मनोज सिंह, योगेन्द्र प्रसाद सहित पुलिस और पीएसी के जवान भारी संख्या में मौजूद रहे।
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आकर्षण का केंद्र रहे वक्फ शाह आलमगीर के बडे़ ताजिया
मुहर्रम की नौवीं को शनिवार की देर रात शिया बहुल कस्बा हल्लौर मे छोटे बड़े सैकड़ों ताजिया इमाम बारगाह और लोगों के घरों पर रखे गए थे। मुख्य आकर्षण का केंद्र हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी के चौक पर रखे गए 27 फीट ऊंचे बडे़ ताजिया रहे। इसको चौक पर रखने के साथ ही उसकी जियारत और नजर नियाज कराने के लिए सभी समुदाय के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सारी रात मर्सिया मजलिस और नौहा-मातम का सिलसिला चलता रहा।
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ड्रोन कैमरे से मोहर्रम के जुलूस की, की गई निगरानी
मोहर्रम पर रविवार की सुबह हल्लौर में निकाले गए ऐतिहासिक मातमी जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तहसील प्रशासन काफी चौकस रहा। पुलिस ने हल्लौर चौराहा और कर्बला के पास ड्रोन कैमरा उड़ाकर जुलूस की निगरानी की। मुहर्रम हल्लौर सहित पूरे डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में सकुशल संपन्न हो गया।
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अकीदत के साथ मनाया मुहर्रम
लोटन। शहादत की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम रविवार को ब्लॉक क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। क्षेत्र के धरनिहवां, कोल्हुआ, एकडेग्वा, नेतवर सहित विभिन्न स्थानों पर तजिया मिलान किया गया। सबसे खास बात रही कि मुहर्रम हिन्दू-मुसलमान सभी लोगों ने भाईचारा के साथ पर्व मनाने में मदद की। इसके अलावा क्षेत्र के सभी गांव के लोगों ने मुस्लिम व हिन्दू दोनों समुदाय के लोगों ने भी मुहर्रम पर मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धा व्यक्त की। क्षेत्र के सभी लोग ताजिया को कर्बला पर दफना कर लौट गए। कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रशासन ने संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बलों की तैनाती की थी। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज स्वयं फोर्स के साथ गश्त करते रहे।
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अकीदत के साथ मनाया मुहर्रम
महदेवा बाजार। लोटन क्षेत्र के सेमरा कर्बला पर मुहर्रम की 10वीं को ढोल-ताशा बजाते हुए गदहमरवा, मोतीपुर सेमरा, रमवापुर, रातेखांवा, सिबरन जोत के ताजियादार जुलूस लेकर पहुंचे सेमरा के नौजवानों ने सबील लगा कर मेले में आए हुए लोगों को शरबत पिलाया। मुहर्रम पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में लोटन थाने की फोर्स मुस्तैद रही।
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गमगीन माहौल में दफन हुए ताजिए
इटवा। स्थानीय कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर स्थित चौक पर रखे ताजियों को गमगीन माहौल में इटवा कस्बे के राजपुर डिहवा स्थित कर्बला में ले जाकर दफन किया गया। रविवार को इस दौरान दर्जनों की संख्या में महिलाएं-पुरुष और बच्चे ताजियादारों के साथ चल रहे थे। इस दौरान इटवा पुलिस की भी मौजूदगी रही।
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- इमाम हुसैन की शहादत की याद में पूरी अकीदत मनाया गया मुहर्रम
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में त्याग, बलिदान का प्रतीक मुहर्रम रविवार को शिया बहुल कस्बा हल्लौर सहित शहरों और गांवों में अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर मरसिया मजलिस हुई और अलम, ताबूत, हजरत इमाम हुसैन की सवारी का प्रतीक (जुलजनाह), ताजिया का जुलूस निकाला गया। कर्बला पर ताजियों को पूरे एहेतराम के साथ आंसुओं के सैलाब और हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा के बीच सुपुर्द ए खाक किया गया। इसमें अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) ने पूरे जोश-खरोश के साथ नौहा पढ़कर मातम किया। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को नजराने अकीदत (श्रद्धा सुमन) पेश किया।
मुहर्रम की नौंवी शनिवार की रात हल्लौर कस्बे में स्थित इमामबाड़ा और लोगों के घरों पर छोटे बड़े सैकड़ों ताजिया बिठाए गए। मरसिया व मजलिस के साथ नौहा और मातम का दौर भी जारी रहा। ताजिया को देखने और नियाज फातिहा कराने के लिए सारी रात हर समुदाय के लोगों की भीड़ लगी रही।
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रविवार की सुबह लगभग पांच बजे दरगाह प्रांगण में आग पर मातम किया गया, जिसमें शिया श्रद्धालुओं ने हाथ में अलम लेकर और लब पर या हुसैन या अली या अब्बास की सदा के बीच आग के दहकते शोलों को राख में तब्दील कर दिया। आग के मातम के बाद बड़े इमामबाड़े में मजलिस-ए-आशूरा आयोजित की गई, जिसमें मौलाना अमजद हुसैन रिजवी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को विस्तार से बयां किया। मजलिस के बाद इमामबाड़े से अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम-ताबूत और जुलजनाह का मातमी जुलूस निकाला गया, जो कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सुबह 10 बजे हल्लौर मुख्य चौराहे पर पहुंचा। जहां पर आशूरा (10वीं मुहर्रम) पर जाकिर जमाल हैदर, अजीम हैदर ,मौलाना महफूज, मौलाना अमजद हुसैन रिजवी ने तकरीर के जरिए हजरत इमाम हुसैन की शहादत और उनकी ओर से हक, सच्चाई, इंसाफ, मानवता-इंसानियत के लिए दिए गए पैगाम पर प्रकाश डाला।
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जाकिरों ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का बलिदान किसी एक धर्म जाति विशेष के लिए नहीं बल्कि समस्त मानव जाति के हित और हक इंसाफ पसंद के लिए आदर्श और मिसाल है। तकरीर के बाद नौहा पढ़कर मातम का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें इमाम हुसैन की शहादत और आशूरा पर आधारित दर्द भरा नौहा पढ़ा गया। अकीदतमंदों ने जंजीर कमा और हाथ से जोरदार मातम किया। पूरी सड़क खून से लाल हो गई। जुलूस सड़क के बाद कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कस्बा स्थित कर्बला पर पहुंचा। जहां पर दोपहर तीन बजे सभी छोटे बड़े ताजियों को लोगों ने नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम राजेश कुमार, एएसपी प्रशांत कुमार, सीओ बृजेश कुमार वर्मा, डुमरियागंज थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, एसआई मनोज कुमार पटेल, एसआई मनोज सिंह, योगेन्द्र प्रसाद सहित पुलिस और पीएसी के जवान भारी संख्या में मौजूद रहे।
आकर्षण का केंद्र रहे वक्फ शाह आलमगीर के बडे़ ताजिया
मुहर्रम की नौवीं को शनिवार की देर रात शिया बहुल कस्बा हल्लौर मे छोटे बड़े सैकड़ों ताजिया इमाम बारगाह और लोगों के घरों पर रखे गए थे। मुख्य आकर्षण का केंद्र हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी के चौक पर रखे गए 27 फीट ऊंचे बडे़ ताजिया रहे। इसको चौक पर रखने के साथ ही उसकी जियारत और नजर नियाज कराने के लिए सभी समुदाय के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सारी रात मर्सिया मजलिस और नौहा-मातम का सिलसिला चलता रहा।
ड्रोन कैमरे से मोहर्रम के जुलूस की, की गई निगरानी
मोहर्रम पर रविवार की सुबह हल्लौर में निकाले गए ऐतिहासिक मातमी जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तहसील प्रशासन काफी चौकस रहा। पुलिस ने हल्लौर चौराहा और कर्बला के पास ड्रोन कैमरा उड़ाकर जुलूस की निगरानी की। मुहर्रम हल्लौर सहित पूरे डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में सकुशल संपन्न हो गया।
अकीदत के साथ मनाया मुहर्रम
लोटन। शहादत की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम रविवार को ब्लॉक क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। क्षेत्र के धरनिहवां, कोल्हुआ, एकडेग्वा, नेतवर सहित विभिन्न स्थानों पर तजिया मिलान किया गया। सबसे खास बात रही कि मुहर्रम हिन्दू-मुसलमान सभी लोगों ने भाईचारा के साथ पर्व मनाने में मदद की। इसके अलावा क्षेत्र के सभी गांव के लोगों ने मुस्लिम व हिन्दू दोनों समुदाय के लोगों ने भी मुहर्रम पर मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धा व्यक्त की। क्षेत्र के सभी लोग ताजिया को कर्बला पर दफना कर लौट गए। कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रशासन ने संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बलों की तैनाती की थी। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज स्वयं फोर्स के साथ गश्त करते रहे।
अकीदत के साथ मनाया मुहर्रम
महदेवा बाजार। लोटन क्षेत्र के सेमरा कर्बला पर मुहर्रम की 10वीं को ढोल-ताशा बजाते हुए गदहमरवा, मोतीपुर सेमरा, रमवापुर, रातेखांवा, सिबरन जोत के ताजियादार जुलूस लेकर पहुंचे सेमरा के नौजवानों ने सबील लगा कर मेले में आए हुए लोगों को शरबत पिलाया। मुहर्रम पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में लोटन थाने की फोर्स मुस्तैद रही।
गमगीन माहौल में दफन हुए ताजिए
इटवा। स्थानीय कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर स्थित चौक पर रखे ताजियों को गमगीन माहौल में इटवा कस्बे के राजपुर डिहवा स्थित कर्बला में ले जाकर दफन किया गया। रविवार को इस दौरान दर्जनों की संख्या में महिलाएं-पुरुष और बच्चे ताजियादारों के साथ चल रहे थे। इस दौरान इटवा पुलिस की भी मौजूदगी रही।