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Siddharthnagar News: नदियों व पहाड़ी नालों में उफान, 25 गांव पानी से घिरे, फसल डूबी
Mon, 28 Sep 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:01 AM IST
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खैरी शीतल प्रसाद के नकोलडीह टोले में रास्ते में पानी भरा होने से लोग नाव की सहायता से कर रहे आव
- बूढ़ी राप्ती खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर, बानगंगा भी लाल निशान के पार
- शोहरतगढ़ और इटवा तहसील के कई गांवों में रास्ते बाधित
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश से नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के करीब 15 और इटवा के 10 गांव पानी से घिर गए हैं। कई गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से धान समेत अन्य फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ी नाला घोराही में भी उफान आने से नकोलिहा गांव में पानी घुस गया है। वहीं, इटवा तहसील क्षेत्र में अकरारी, परासी और सीकरी नालों के उफान से करहिया पुल से रामापुर जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। गगवार, लोहटा, हरैया, रामापुर, बरगदवा, पकड़ी, जगजीवनपुर और रमवापुर सीर समेत 10 से अधिक गांवों के सिवान में पानी पहुंच गया है। इससे सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है।
रविवार शाम चार बजे तक बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 86.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 85.65 मीटर से 91 सेंटीमीटर ऊपर है। शनिवार शाम नदी का जलस्तर 85.60 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर करीब 96 सेंटीमीटर बढ़ा। बानगंगा नदी का जलस्तर भी रविवार सुबह खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे हथिवड़ताल गांव का तिवारीडीह टोला चारों तरफ से पानी से घिर गया।
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15 गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा
तुलसियापुर। नदियों और पहाड़ी नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के कारण शोहरतगढ़ तहसील के खैरी शीतल प्रसाद, तौलिहवा, खैरी उर्फ झुंगहवा, तालकुंडा, मटियार उर्फ भुतहवा और बसहिया समेत कई ग्राम पंचायतों में पानी पहुंच गया है। कई रास्ते जलमग्न होने से ग्रामीणों को जरूरी सामान के लिए नाव से गांव से बाहर जाना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। तौलिहवा के बालानगर और लालपुर तथा खैरी उर्फ झुंगहवा क्षेत्र के किसानों की फसल सबसे अधिक प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
लाल निशान के करीब पहुंची राप्ती, बढ़ा खतरा
बांसी। लगातार बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 83.950 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से पांच सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। नदी का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो सोमवार सुबह तक नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच सकती है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में इससे चिंता बढ़ गई है।
बांधों और कटान स्थलों की निगरानी के निर्देश
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग अलर्ट है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सिंचाई विभाग को बांधों और कटान स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष सिंह के अनुसार जिले के सभी बांध सुरक्षित हैं और बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी है। जिला प्रशासन ने 69 बाढ़ चौकियों और 33 बाढ़ शरणालयों पर तैनात कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया है। बाढ़ चौकियों और शरणालयों पर चिकित्सीय टीम के साथ एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में 93 नावों की व्यवस्था की गई है।
एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नाव और स्टीमर उपलब्ध कराने के लिए अयोध्या के नाविकों से भी संपर्क किया गया है।
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नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर रविवार को जलस्तर
राप्ती 84.900 84.040
बूढ़ी राप्ती 85.650 86.560
कूड़ा 83.520 82.040
बानगंगा 93.420 92.300
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- शोहरतगढ़ और इटवा तहसील के कई गांवों में रास्ते बाधित
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश से नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के करीब 15 और इटवा के 10 गांव पानी से घिर गए हैं। कई गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से धान समेत अन्य फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ी नाला घोराही में भी उफान आने से नकोलिहा गांव में पानी घुस गया है। वहीं, इटवा तहसील क्षेत्र में अकरारी, परासी और सीकरी नालों के उफान से करहिया पुल से रामापुर जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। गगवार, लोहटा, हरैया, रामापुर, बरगदवा, पकड़ी, जगजीवनपुर और रमवापुर सीर समेत 10 से अधिक गांवों के सिवान में पानी पहुंच गया है। इससे सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है।
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रविवार शाम चार बजे तक बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 86.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 85.65 मीटर से 91 सेंटीमीटर ऊपर है। शनिवार शाम नदी का जलस्तर 85.60 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर करीब 96 सेंटीमीटर बढ़ा। बानगंगा नदी का जलस्तर भी रविवार सुबह खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे हथिवड़ताल गांव का तिवारीडीह टोला चारों तरफ से पानी से घिर गया।
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15 गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा
तुलसियापुर। नदियों और पहाड़ी नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के कारण शोहरतगढ़ तहसील के खैरी शीतल प्रसाद, तौलिहवा, खैरी उर्फ झुंगहवा, तालकुंडा, मटियार उर्फ भुतहवा और बसहिया समेत कई ग्राम पंचायतों में पानी पहुंच गया है। कई रास्ते जलमग्न होने से ग्रामीणों को जरूरी सामान के लिए नाव से गांव से बाहर जाना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। तौलिहवा के बालानगर और लालपुर तथा खैरी उर्फ झुंगहवा क्षेत्र के किसानों की फसल सबसे अधिक प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
लाल निशान के करीब पहुंची राप्ती, बढ़ा खतरा
बांसी। लगातार बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 83.950 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से पांच सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। नदी का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो सोमवार सुबह तक नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच सकती है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में इससे चिंता बढ़ गई है।
बांधों और कटान स्थलों की निगरानी के निर्देश
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग अलर्ट है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सिंचाई विभाग को बांधों और कटान स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष सिंह के अनुसार जिले के सभी बांध सुरक्षित हैं और बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी है। जिला प्रशासन ने 69 बाढ़ चौकियों और 33 बाढ़ शरणालयों पर तैनात कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया है। बाढ़ चौकियों और शरणालयों पर चिकित्सीय टीम के साथ एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में 93 नावों की व्यवस्था की गई है।
एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नाव और स्टीमर उपलब्ध कराने के लिए अयोध्या के नाविकों से भी संपर्क किया गया है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर रविवार को जलस्तर
राप्ती 84.900 84.040
बूढ़ी राप्ती 85.650 86.560
कूड़ा 83.520 82.040
बानगंगा 93.420 92.300