{"_id":"634c38ade6288c755b555700","slug":"two-tile-houses-fell-after-the-flood-water-receded-siddharthnagar-news-gkp454278472","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ का पानी घटने के बाद खपरैल का दो मकान गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ का पानी घटने के बाद खपरैल का दो मकान गिरा
विज्ञापन
इटवा क्षेत्र के नावडीह में मुन्नू यादव का गिरा खपरैल का मकान।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाढ़ का पानी घटने के बाद खपरैल का दो मकान गिरा
इटवा तहसील के बाढ़ प्रभावित बिस्कोहर का है मामला
बिस्कोहर। बाढ़ का पानी घटने के बाद मकान गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। इटवा तहसील के नावडीह गांव में दो खपरैल का घर गिर गया। गनीमत रही कि जन हानि नहीं हुई।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शनिवार को गांव निवासी घूरे व मुन्नू यादव का खपरैल का मकान गिर गया। बताया जाता है कि बलरामपुर जनपद के राप्ती नदी के तट पर स्थित हरिबसपुर गांव के पास बांध कट जाने के बाद बाढ़ का पानी नावडीह गांव के चारों तरफ सिवान के साथ गांव के दक्षिण व पश्चिम में रहने वाले लोगों के घरों में भर गया था। पीड़ित परिवार के घूरे व मुन्नू यादव ने बताया कि परिवार के अन्य लोग घर के दूसरे हिस्से बैठे हुए थे, इसलिए वह बच गए। मकान गिरने से परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी है। परिवार का कहना है कि अगर मदद नहीं मिली तो वह खुले आसमान के नीचे रहने को विवश होंगे। इस संबंध में लेखपाल अमरदीप चौधरी ने बताया कि मकान गिरने की सूचना है। सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
इटवा तहसील के बाढ़ प्रभावित बिस्कोहर का है मामला
बिस्कोहर। बाढ़ का पानी घटने के बाद मकान गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। इटवा तहसील के नावडीह गांव में दो खपरैल का घर गिर गया। गनीमत रही कि जन हानि नहीं हुई।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शनिवार को गांव निवासी घूरे व मुन्नू यादव का खपरैल का मकान गिर गया। बताया जाता है कि बलरामपुर जनपद के राप्ती नदी के तट पर स्थित हरिबसपुर गांव के पास बांध कट जाने के बाद बाढ़ का पानी नावडीह गांव के चारों तरफ सिवान के साथ गांव के दक्षिण व पश्चिम में रहने वाले लोगों के घरों में भर गया था। पीड़ित परिवार के घूरे व मुन्नू यादव ने बताया कि परिवार के अन्य लोग घर के दूसरे हिस्से बैठे हुए थे, इसलिए वह बच गए। मकान गिरने से परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी है। परिवार का कहना है कि अगर मदद नहीं मिली तो वह खुले आसमान के नीचे रहने को विवश होंगे। इस संबंध में लेखपाल अमरदीप चौधरी ने बताया कि मकान गिरने की सूचना है। सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।
विज्ञापन