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Siddharthnagar News: विकास हत्याकांड के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
Wed, 11 Oct 2023 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 11 Oct 2023 01:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय चंद्रमणि ने हत्या के दो दोषियों पिंटू पाल एवं अतुल उर्फ विपिन दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब ढाई वर्ष पहले इटवा क्षेत्र में किशोर विकास की हुई बहुचर्चित हत्या के दोषियों पर 50-50 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं, तीसरे आरोपी का विचारण न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में किया जा रहा है। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अंतिम बार देखने वाले गवाहों के बयान मजबूत साक्ष्य साबित हुए, जिसके आधार पर कोर्ट ने दो अभियुक्तों को सजा सुनाई।
इटवा क्षेत्र में हुए विकास हत्याकांड के केस में ढाई साल के अंदर फैसला हुआ है। निर्माणाधीन आईटीआई में 17 साल के विकास का शव मिला था। उसका गला रेता हुआ था। इस केस में पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्जकर विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान इटवा से बिस्कोहर रोड स्थित अग्रहरि इंटरप्राइजेज, फैशन माल व पप्पू ज्वेलर्स के यहां लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 22 जनवरी को तीन लड़कों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बीयर की कैन, चप्पलें एवं हत्या में प्रयुक्त ब्लेड एवं ग्लब्स बरामद हुए थे। अभियुक्त पिंटू पाल के कपड़ों पर मानव रक्त के धब्बे भी पाए गए थे। पुलिस ने गवाहों का बयान दर्ज करते हुए थाना ढेबरुआ के ग्राम पचमोहनी निवासी पिंटू पाल व पंकज कुमार गौतम, इटवा थानाक्षेत्र के ग्राम गनवारिया निवासी अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे को अभियुक्त बनाते हुए न्यायालय में आठ अप्रैल 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया।
यह है घटना
ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम पचमोहनी निवासिनी सोनमती पत्नी अयोध्या प्रसाद गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी कि उनका पुत्र विकास कुमार गुप्ता (17) माता प्रसाद इंटर काॅलेज इटवा में पढ़ता है। 18 जनवरी 2021 को घर से बिना बताए शाम 4 बजे घर से निकला था, जिसे उसके गांव के लोगों ने इटवा में देखा था। जब शाम तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 19 जनवरी 2021 को सुबह कुछ लोगों से सूचना मिली कि एक लड़के की लाश नहर के पास निर्माणाधीन आईटीआई इटवा के प्रथम तल पर पड़ी है। मौके पर परिजन पहुंचे तो देखा कि विकास कुमार गुप्ता का गला रेता शव पड़ा था।
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न्यायालय से नहीं मिली थी जमानत
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले का संज्ञान लेते हुए उसे 22 अप्रैल 2021 को सत्र न्यायालय को सुपुर्द कर दिया। सत्र न्यायालय ने पत्रावली को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनकर निर्णय के लिए तिथि मुकर्रर की। न्यायालय ने विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य सुसंगत दस्तावेजों व घटना के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर अभियुक्त पिंटू पाल एवं अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे को हत्या का दोषी करार दिया। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार त्रिपाठी एवं वादिनी की ओर से नियुक्त अधिवक्ता त्रिपाठी सहोदर भाई ने की। आरोपियों को न्यायालय से जमानत नहीं मिली थी, वे जेल से पेशी पर लाए जाते थे।
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अंतिम चश्मदीद और सीसीटीवी फुटेज में मिला साम्य
कठेला बाजार निवासी संतोष कुमार ने इटवा से बिस्कोहर रोड पर एक बाइक पर पिंटू पाल, विकास गुप्ता, अतुल दुबे व पंकज गौतम को बैठकर 18 जनवरी चार से पांच बजे शाम के बीच जाते हुए देखा था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज इटवा बिस्कोहर रोड पर स्थित दुकानों अग्रहरि इंटरप्राइजेज, फैशन माल तथा पप्पू ज्वेलर्स से प्राप्त हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में बाइक का आगे का मडगार्ड टूटा हुआ था। जिस पर विकास गुप्ता को बैठाकर आरोपी इटवा से बिस्कोहर रोड की तरफ ले जाते हुए दिखे थे। इसकी पुष्टि पंचमोहनी निवासी रामू ने करते हुए सबका नाम पता बताया था।
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अभियोजन पक्ष ने कराई 15 गवाहों की गवाही
कोर्ट में मृतक की माता, चाचा, पिता, टेंपो चलक, अंतिम बार देखने वाले सहित परिस्थितिजन्य साक्षियाें, दुकानदारों, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक व विवेचक सहित 15 गवाहों का अभियोजन पक्ष ने परीक्षण करावाया, जिसके आधार पर न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराया।
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इटवा क्षेत्र में हुए विकास हत्याकांड के केस में ढाई साल के अंदर फैसला हुआ है। निर्माणाधीन आईटीआई में 17 साल के विकास का शव मिला था। उसका गला रेता हुआ था। इस केस में पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्जकर विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान इटवा से बिस्कोहर रोड स्थित अग्रहरि इंटरप्राइजेज, फैशन माल व पप्पू ज्वेलर्स के यहां लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 22 जनवरी को तीन लड़कों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बीयर की कैन, चप्पलें एवं हत्या में प्रयुक्त ब्लेड एवं ग्लब्स बरामद हुए थे। अभियुक्त पिंटू पाल के कपड़ों पर मानव रक्त के धब्बे भी पाए गए थे। पुलिस ने गवाहों का बयान दर्ज करते हुए थाना ढेबरुआ के ग्राम पचमोहनी निवासी पिंटू पाल व पंकज कुमार गौतम, इटवा थानाक्षेत्र के ग्राम गनवारिया निवासी अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे को अभियुक्त बनाते हुए न्यायालय में आठ अप्रैल 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया।
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यह है घटना
ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम पचमोहनी निवासिनी सोनमती पत्नी अयोध्या प्रसाद गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी कि उनका पुत्र विकास कुमार गुप्ता (17) माता प्रसाद इंटर काॅलेज इटवा में पढ़ता है। 18 जनवरी 2021 को घर से बिना बताए शाम 4 बजे घर से निकला था, जिसे उसके गांव के लोगों ने इटवा में देखा था। जब शाम तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 19 जनवरी 2021 को सुबह कुछ लोगों से सूचना मिली कि एक लड़के की लाश नहर के पास निर्माणाधीन आईटीआई इटवा के प्रथम तल पर पड़ी है। मौके पर परिजन पहुंचे तो देखा कि विकास कुमार गुप्ता का गला रेता शव पड़ा था।
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न्यायालय से नहीं मिली थी जमानत
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले का संज्ञान लेते हुए उसे 22 अप्रैल 2021 को सत्र न्यायालय को सुपुर्द कर दिया। सत्र न्यायालय ने पत्रावली को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनकर निर्णय के लिए तिथि मुकर्रर की। न्यायालय ने विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य सुसंगत दस्तावेजों व घटना के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर अभियुक्त पिंटू पाल एवं अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे को हत्या का दोषी करार दिया। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार त्रिपाठी एवं वादिनी की ओर से नियुक्त अधिवक्ता त्रिपाठी सहोदर भाई ने की। आरोपियों को न्यायालय से जमानत नहीं मिली थी, वे जेल से पेशी पर लाए जाते थे।
अंतिम चश्मदीद और सीसीटीवी फुटेज में मिला साम्य
कठेला बाजार निवासी संतोष कुमार ने इटवा से बिस्कोहर रोड पर एक बाइक पर पिंटू पाल, विकास गुप्ता, अतुल दुबे व पंकज गौतम को बैठकर 18 जनवरी चार से पांच बजे शाम के बीच जाते हुए देखा था। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज इटवा बिस्कोहर रोड पर स्थित दुकानों अग्रहरि इंटरप्राइजेज, फैशन माल तथा पप्पू ज्वेलर्स से प्राप्त हुआ था। सीसीटीवी फुटेज में बाइक का आगे का मडगार्ड टूटा हुआ था। जिस पर विकास गुप्ता को बैठाकर आरोपी इटवा से बिस्कोहर रोड की तरफ ले जाते हुए दिखे थे। इसकी पुष्टि पंचमोहनी निवासी रामू ने करते हुए सबका नाम पता बताया था।
अभियोजन पक्ष ने कराई 15 गवाहों की गवाही
कोर्ट में मृतक की माता, चाचा, पिता, टेंपो चलक, अंतिम बार देखने वाले सहित परिस्थितिजन्य साक्षियाें, दुकानदारों, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक व विवेचक सहित 15 गवाहों का अभियोजन पक्ष ने परीक्षण करावाया, जिसके आधार पर न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराया।