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Siddharthnagar News: नवरात्र व्रत की पूर्णाहुति आज, होगा कन्या पूजन
Sun, 22 Oct 2023 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:58 PM IST
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बढ़नी बाजार के आर्य नगर में स्थापित दुर्गा प्रतिमा। संवाद
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नौ दिन व्रत करने वाले आज हवन करेंगे, पारण मंगलवार को
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्र में रविवार को अष्टमी के अवसर पर काफी संख्या में लोगों ने देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन कया। नवमी तिथि सोमवार को व्रत की पूर्णाहुति होगी। नौ दिन व्रत करने वाले हवन करेंगे, जबकि मंगलवार को पारण होगा। मंदिरों व घरों में लोग देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन करेंगे।
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि नवरात्र में नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा कर लोग माता से मनोवांछित आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना होती है। मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों के सभी शोक, भय और रोग का नाश हो जाता है। श्रद्धापूर्वक माता की पूजा करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं। मां सिद्धिदात्री जीवन में होने वाली अनहोनी से भी रक्षा करती हैं। वह मोक्षदायिनी भी हैं। भगवान शिव भी मां सिद्धिदात्री का आराधना करते हैं।
हवन, कन्या भोजन के लिए तीन बजे तक समय
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि सोमवार को 3:14 बजे दोपहर तक हवन कर कन्या पूजन करने का समय है। लेकिन निर्णय सिंधु ग्रंथ के तहत जब दोपहर के बाद तक नवमी रहती है तो उस दिन पारण नहीं किया जाता है। इसलिए पारण मंगलवार को विजयदशमी को नौ बजे तक होगा।
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सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्र में रविवार को अष्टमी के अवसर पर काफी संख्या में लोगों ने देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन कया। नवमी तिथि सोमवार को व्रत की पूर्णाहुति होगी। नौ दिन व्रत करने वाले हवन करेंगे, जबकि मंगलवार को पारण होगा। मंदिरों व घरों में लोग देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन करेंगे।
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि नवरात्र में नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा कर लोग माता से मनोवांछित आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना होती है। मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों के सभी शोक, भय और रोग का नाश हो जाता है। श्रद्धापूर्वक माता की पूजा करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं। मां सिद्धिदात्री जीवन में होने वाली अनहोनी से भी रक्षा करती हैं। वह मोक्षदायिनी भी हैं। भगवान शिव भी मां सिद्धिदात्री का आराधना करते हैं।
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हवन, कन्या भोजन के लिए तीन बजे तक समय
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि सोमवार को 3:14 बजे दोपहर तक हवन कर कन्या पूजन करने का समय है। लेकिन निर्णय सिंधु ग्रंथ के तहत जब दोपहर के बाद तक नवमी रहती है तो उस दिन पारण नहीं किया जाता है। इसलिए पारण मंगलवार को विजयदशमी को नौ बजे तक होगा।
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