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तीन बच्चों में मिला एईएस का लक्षण
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तीन बच्चों में मिला एईएस का लक्षण
पीआईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों के रक्त नमूने को जांच के लिए भेजा
जिला अस्पताल में 24 घंटे में पहुंचे बुखार और झटके से रोगग्रस्त आठ बच्चे
सात दिनों में भर्ती हुए 52 रोगी, बारिश के बाद तल्ख धूप से बढ़ा संक्रामक बुखार का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद तल्ख से धूप से दिमागी बुखार जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों में एईएस के लक्षण मिले हैं जिनके रक्त के नमूने जांच के लिए लैब में भिजवाया गया है।
जानकारी के मुताबिक 24 घंटे में बुखार के साथ शरीर में झटका आने से पीड़ित कम से कम आठ मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर बुखार से पीड़ित 52 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम बताई जा रही है। डॉक्टर बुखार आने पर तत्काल इलाज कराने और सफाई की सलाह दे रहे हैं।
बारिश के बाद तेज गर्मी से वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इससे सबसे अधिक बच्चे पीड़ित हो हो रहे हैं। पहले शरीर में तपन और सिरदर्द के साथ शुरू हुआ बुखार देखते ही देखते झटके के साथ शरीर में एठन शुरू हो जा रहा है जिसमें बच्चे बेहोश भी हो जा रहे हैं। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां प्रति 24 घंटे आठ बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। आंकड़े के मुताबिक 25 जुलाई से दो अगस्त की देर शाम तक बुखार से पीड़ित 52 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं। इसमें तीन बच्चों में एईएस का लक्षण पाया गया है। इसके बाद तीनों सेंपल जांच के लिए लैब में भेज दिया दिया गया है। इसमें एक बच्चे को डिस्जार्च कर दिया गया है, जबकि दो का इलाज अभी चल रहा है।
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ओपीडी में बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के कक्ष में प्रतिदिन औसतन 80 से 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें सभी बुखार से ग्रसित बताए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीजों को बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में जो भी सुविधाएं हैं, उसमें मरीजों के बेहतर इलाज की कोशिश की जा रही है। नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
इन बच्चों में मिला एईएस का लक्षण
आशीष गुप्ता पुत्र सुरजीत निवासी सेमरी थाना मोहाना जो अब देर शाम डिस्जार्च किया गया। मो. लतीफ पुत्र रियाज निवासी सूरज पुरवा थाना उसका बाजार, सयबा पुत्र लतीफ निवासी लहरा कोतवाली बांसी का अभी भी इलाज चल रहा है। इनके रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
बुखार होने पर चिकित्सक से लें सलाह
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि गर्मी के बाद बारिश होने के बाद संक्रामक रोग तेजी से फैल रहा है। यह रोग गंदगी से होता है। रोग से बचने के लिए आसपास सफाई की जरूरत है। साथ ही बाहर की वस्तुओं को न खाएं और न ही बच्चों को खिलाएं। पानी स्वच्छ पीएं। बुखार होने के बाद तत्काल चिकित्सक के पास जाएं। बिना डॉक्टर के सलाह की कोई दवा न खाएं।
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तीन बच्चों में मिला एईएस का लक्षण
पीआईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों के रक्त नमूने को जांच के लिए भेजा
जिला अस्पताल में 24 घंटे में पहुंचे बुखार और झटके से रोगग्रस्त आठ बच्चे
सात दिनों में भर्ती हुए 52 रोगी, बारिश के बाद तल्ख धूप से बढ़ा संक्रामक बुखार का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद तल्ख से धूप से दिमागी बुखार जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती तीन बच्चों में एईएस के लक्षण मिले हैं जिनके रक्त के नमूने जांच के लिए लैब में भिजवाया गया है।
जानकारी के मुताबिक 24 घंटे में बुखार के साथ शरीर में झटका आने से पीड़ित कम से कम आठ मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर बुखार से पीड़ित 52 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम बताई जा रही है। डॉक्टर बुखार आने पर तत्काल इलाज कराने और सफाई की सलाह दे रहे हैं।
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बारिश के बाद तेज गर्मी से वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इससे सबसे अधिक बच्चे पीड़ित हो हो रहे हैं। पहले शरीर में तपन और सिरदर्द के साथ शुरू हुआ बुखार देखते ही देखते झटके के साथ शरीर में एठन शुरू हो जा रहा है जिसमें बच्चे बेहोश भी हो जा रहे हैं। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां प्रति 24 घंटे आठ बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। आंकड़े के मुताबिक 25 जुलाई से दो अगस्त की देर शाम तक बुखार से पीड़ित 52 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं। इसमें तीन बच्चों में एईएस का लक्षण पाया गया है। इसके बाद तीनों सेंपल जांच के लिए लैब में भेज दिया दिया गया है। इसमें एक बच्चे को डिस्जार्च कर दिया गया है, जबकि दो का इलाज अभी चल रहा है।
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ओपीडी में बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के कक्ष में प्रतिदिन औसतन 80 से 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें सभी बुखार से ग्रसित बताए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीजों को बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में जो भी सुविधाएं हैं, उसमें मरीजों के बेहतर इलाज की कोशिश की जा रही है। नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
इन बच्चों में मिला एईएस का लक्षण
आशीष गुप्ता पुत्र सुरजीत निवासी सेमरी थाना मोहाना जो अब देर शाम डिस्जार्च किया गया। मो. लतीफ पुत्र रियाज निवासी सूरज पुरवा थाना उसका बाजार, सयबा पुत्र लतीफ निवासी लहरा कोतवाली बांसी का अभी भी इलाज चल रहा है। इनके रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
बुखार होने पर चिकित्सक से लें सलाह
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि गर्मी के बाद बारिश होने के बाद संक्रामक रोग तेजी से फैल रहा है। यह रोग गंदगी से होता है। रोग से बचने के लिए आसपास सफाई की जरूरत है। साथ ही बाहर की वस्तुओं को न खाएं और न ही बच्चों को खिलाएं। पानी स्वच्छ पीएं। बुखार होने के बाद तत्काल चिकित्सक के पास जाएं। बिना डॉक्टर के सलाह की कोई दवा न खाएं।