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नेपाल से आकर लूट करने के तीन आरोपी गिरफ्तार
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नेपाल से आकर लूट करने के तीन आरोपी गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। नेपाल से आकर चेन लूटने और छिनैती करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को एसओजी और ढेबरुआ थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह सीमा से सटे घरुआर गांव के पास से पकड़ा। पूछताछ करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। सीसी कैमरे से मिली फुटेज के सहारे पुलिस ने यह सफलता हासिल की। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद रावत ने यह जानकारी दी।
एएसपी ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे बढ़े कस्बे की एक महिला से 28 जून को मास्क लगाकर आए बदमाश ने चेन छीन ली थी। एक दुकान मेें लगे सीसी कैमरे में बदमाश की हरकत कैद हुई थी। मामले का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी और ढेबरुआ थाने की पुलिस को लगाया गया था। फुटेज के सहारे टीम, बदमाश की धरपकड़ में लगी थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि चेन छीनने वाले गिरोह के सदस्य सीमा से सटे भारतीय सीमा में स्थित घरुआर के पास मौजूद हैं और वे किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी और एसओ ढेबरुआ हरिओम कुशवाहा के साथ टीम तैयार करके मौके पर पहुंच गए। उसके बाद तीन संदिग्ध दिखे, जो पुलिस की गाड़ी को आता हुआ देखकर भागने लगे। जवानों से घेराबंदी करके तीनों को पकड़ लिया। मौके से दो बाइक बरामद की गई। जांच में पता चला कि बाइक चोरी की है। इसके साथ ही आठ हजार नेपाली और दो हजार रुपये भारतीय मुद्रा बरामद किया गया।
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पकड़े गए बदमाशों की पहचान अशोक यादव निवासी सिमरा थाना कृष्णानगर, शोभनाथ निवासी गुरचिहवा थाना कृष्णानगर, राहुल कश्यप निवासी सिमरा थाना कृष्णानगर जनपद कपिलवस्तु, नेपाल के रूप में हुई। इसमें गिरोह को सरगना अशोक है। वह नेपाल से भारत में आकर वारदात को अंजाम देता था। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि तीनों बदमाशाें को पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
जूते और मजदूर से हुई सगरना की पहचान
पुलिस केे मुताबिक, जब अशोक यादव को पकड़ा गया तो उसके जूते से यह पुख्ता हो गया कि उसी ने वारदात को अंजाम दिया था। कारण कैमरे की फुटेज और पहना हुआ जूता वही था। साथ ही महिला के घर काम करने वाले मजदूर भी उसे पहचान लिए। पूछताछ में उसने बताया कि भारत में उसकी कई रिश्तेदारियां हैं। समय- समय पर वह आता है और वारदात को अंजाम देने के बाद निकला था। यह गिरोह बाइक चोरी करने का भी कार्य करता है।
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सिद्धार्थनगर। नेपाल से आकर चेन लूटने और छिनैती करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को एसओजी और ढेबरुआ थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह सीमा से सटे घरुआर गांव के पास से पकड़ा। पूछताछ करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। सीसी कैमरे से मिली फुटेज के सहारे पुलिस ने यह सफलता हासिल की। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद रावत ने यह जानकारी दी।
एएसपी ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे बढ़े कस्बे की एक महिला से 28 जून को मास्क लगाकर आए बदमाश ने चेन छीन ली थी। एक दुकान मेें लगे सीसी कैमरे में बदमाश की हरकत कैद हुई थी। मामले का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी और ढेबरुआ थाने की पुलिस को लगाया गया था। फुटेज के सहारे टीम, बदमाश की धरपकड़ में लगी थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि चेन छीनने वाले गिरोह के सदस्य सीमा से सटे भारतीय सीमा में स्थित घरुआर के पास मौजूद हैं और वे किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी और एसओ ढेबरुआ हरिओम कुशवाहा के साथ टीम तैयार करके मौके पर पहुंच गए। उसके बाद तीन संदिग्ध दिखे, जो पुलिस की गाड़ी को आता हुआ देखकर भागने लगे। जवानों से घेराबंदी करके तीनों को पकड़ लिया। मौके से दो बाइक बरामद की गई। जांच में पता चला कि बाइक चोरी की है। इसके साथ ही आठ हजार नेपाली और दो हजार रुपये भारतीय मुद्रा बरामद किया गया।
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पकड़े गए बदमाशों की पहचान अशोक यादव निवासी सिमरा थाना कृष्णानगर, शोभनाथ निवासी गुरचिहवा थाना कृष्णानगर, राहुल कश्यप निवासी सिमरा थाना कृष्णानगर जनपद कपिलवस्तु, नेपाल के रूप में हुई। इसमें गिरोह को सरगना अशोक है। वह नेपाल से भारत में आकर वारदात को अंजाम देता था। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि तीनों बदमाशाें को पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
जूते और मजदूर से हुई सगरना की पहचान
पुलिस केे मुताबिक, जब अशोक यादव को पकड़ा गया तो उसके जूते से यह पुख्ता हो गया कि उसी ने वारदात को अंजाम दिया था। कारण कैमरे की फुटेज और पहना हुआ जूता वही था। साथ ही महिला के घर काम करने वाले मजदूर भी उसे पहचान लिए। पूछताछ में उसने बताया कि भारत में उसकी कई रिश्तेदारियां हैं। समय- समय पर वह आता है और वारदात को अंजाम देने के बाद निकला था। यह गिरोह बाइक चोरी करने का भी कार्य करता है।