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जिन्हें पाला, वहीं नहीं दे रहे सहारा
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जिन्हें पाला, वहीं नहीं दे रहे सहारा
बुजुर्ग को पहले भोजन कराया, फिर सुनी फरियाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बच्चों की अच्छी परवरिश और उनके बेहतर भविष्य के लिए एक पिता अपनी जिंदगी को समर्पित कर देता है। खुद भले भूखा रहे, लेकिन बच्चों के लिए सब कुछ करता है। मगर जब वहीं बेटा पिता को भोजन न दें, तो फिर किससे उम्मीद करे। एक ऐसा ही मामला बुधवार को भवानीगंज थाने में आया। बुजुर्ग फरियादी की दास्तान सुनकर पुलिस कर्मियों के दिल पसीज गए। बुजुर्ग को खाना खिलाया और फरियाद सुनी।
भवानीगंज थानाक्षेत्र के जुड़वनिया गांव निवासी मोहम्मद अली थाने पहुंचे। यहां उन्होंने शिकायत पत्र देते हुए बताया कहा कि पत्नी की बहुत पहले मौत हो चुकी है। उनके पास दो बेटे हैं, जो उन्हीं के साथ रहते हैं। मगर बेटे भी खाना नहीं दे रहे हैं। वह भूख से परेशान हैं। यह कहते हुए मोहम्मद अली की आंख डबडबा गई। वहां मौजूदा पुलिस कर्मियों ने बैठाकर मेस का खाना खिलाया। इसके बाद उपनिरीक्षक राजकेश्वर कुशवाहा और कांस्टेबल सुग्रीव प्रसाद ने गांव जाकर बेटे का समझाकर मामले का निस्तारण कराया। दोबारा परेशान करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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बुजुर्ग को पहले भोजन कराया, फिर सुनी फरियाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बच्चों की अच्छी परवरिश और उनके बेहतर भविष्य के लिए एक पिता अपनी जिंदगी को समर्पित कर देता है। खुद भले भूखा रहे, लेकिन बच्चों के लिए सब कुछ करता है। मगर जब वहीं बेटा पिता को भोजन न दें, तो फिर किससे उम्मीद करे। एक ऐसा ही मामला बुधवार को भवानीगंज थाने में आया। बुजुर्ग फरियादी की दास्तान सुनकर पुलिस कर्मियों के दिल पसीज गए। बुजुर्ग को खाना खिलाया और फरियाद सुनी।
भवानीगंज थानाक्षेत्र के जुड़वनिया गांव निवासी मोहम्मद अली थाने पहुंचे। यहां उन्होंने शिकायत पत्र देते हुए बताया कहा कि पत्नी की बहुत पहले मौत हो चुकी है। उनके पास दो बेटे हैं, जो उन्हीं के साथ रहते हैं। मगर बेटे भी खाना नहीं दे रहे हैं। वह भूख से परेशान हैं। यह कहते हुए मोहम्मद अली की आंख डबडबा गई। वहां मौजूदा पुलिस कर्मियों ने बैठाकर मेस का खाना खिलाया। इसके बाद उपनिरीक्षक राजकेश्वर कुशवाहा और कांस्टेबल सुग्रीव प्रसाद ने गांव जाकर बेटे का समझाकर मामले का निस्तारण कराया। दोबारा परेशान करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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