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कमजोर इम्युनिटी वालों को हो रहा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण

Sat, 15 May 2021 10:16 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 10:16 PM IST
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There is a facility of treatment of black fungus in the district
जिले में है ब्लैक फंगस के इलाज की सुविधा
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कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों में इसके संक्रमण का जोखिम
डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरा, शुगर लेवल रखें नियंत्रित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। कोविड एवं नान कोविड वार्ड में गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जिले में नेत्र और नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। ब्लैक फंगस के लिए दोनों डॉक्टर गाइडलाइन के अनुसार मुस्तैद हैं। हालांकि जिले में अभी एक भी मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित नहीं हुए हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें। कोविड के रोगियों में अगर बार-बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकत्ते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पड़ जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, कम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है। इसमें लापरवाही करने पर खतरा हो सकता है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ब्लैक फंगस के इलाज की तैयारी की गई है। जबकि, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एके झा ने बताया कि मरीजों के ब्लैक फंगस के लक्षणों की तलाश की जा रही है। जिसे भी तकलीफ हो, वे डॉक्टर को जरूर बताए। मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है, किसी को ब्लैक फंगस होगा तो जिले में ही इलाज हो जाएगा।
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कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
म्यूकोरमाइकोसिस आम तौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाता है जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है। इसलिए वह आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है। यह संक्रमण सांस द्वारा नाक के जरिए व्यक्ति के अंदर चला जाता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। उनको यह जकड़ लेता है। - डॉ. एके झा
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रोग प्रतिरोधक क्षमता न हो कम
कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है, जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंफेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इस संक्रमण को ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है। इसमें आंख से नाक, कान गला तक संक्रमण हो जाता है।

इन रोगियों में अधिक पाया गया
जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है। जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो। काफी देर आईसीयू में रहे रोगी। ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी।
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