फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   then crops will burn...farmers will bear the brunt of lack of resources.

Siddharthnagar News: ...तो जलेंगी फसल...संसाधनों की कमी का खामियांजा भुगतेंगे किसान

Thu, 29 Feb 2024 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 29 Feb 2024 11:18 PM IST
विज्ञापन
then crops will burn...farmers will bear the brunt of lack of resources.
सिद्धार्थनगर। पांचों तहसीलों में अग्निशमन केंद्र स्थापित नहीं होने से लोग एक बार फिर से गर्मी के मौसम में अगलगी की घटनाओं की त्रासदी झेलेंगे। अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी का खामियाजा जिले के किसान हर साल भुगतते हैं। खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां ज्यों-ज्यों पककर तैयारी हो रही हैं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ती जा रही हैं। वह पिछले सालों में आग से जमापूंजी लगा तैयार की गई फसल के जलकर राख होने की घटना याद कर सिहर उठते है और फसल की सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं।
विज्ञापन

गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने के नाकाफी इंतजाम के चलते जिले के लोगों की अभी से सांसें अटकी हैं। पिछले वर्षों में आग की घटनाओं में लोगों के घर व संपत्ति की क्षति हुई, वहीं सर्वाधिक नुकसान किसान झेलते है। जिले में 1.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं समेत रवि की फसल बुवाई होती है। वर्ष 2019 में 17 हजार हेक्टेयर, 2020 में 19 हजार हेक्टेयर, 2021 में 15 हजार हेक्टेयर, 2022 में 16 हजार व 2023 में 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल खड़ी गेहूं की फसल आग से जलकर नष्ट हो गई थी। इस वर्ष भी 1.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल की बुवाई हुई है जो पककर तैयार होने के कगार पर पहुंच गई है। वही आग से फसल की सुरक्षा के लिए संसाधनों के अभाव के चलते चिंतित किसानों की सांस अटकी हुई है।
विज्ञापन

दायरा डेढ़ सौ किलोमीटर, संसाधन का अभाव
जिले के 2800 वर्ग किमी क्षेत्रफल में आग बुझाने के संसाधन नाकाफी है। जिले के पूर्वी हिस्से में स्थित लोटन ब्लॉक के जिगनिहवा, पिकापार से पश्चिम में भनवापुर ब्लॉक के सिंगारजोत, सिकंदरपुर गांव के बीच दूरी 150 किमी है। जिले के उत्तर में बढ़नी ब्लॉक के बनचौरा, लोहाटी गांव और दक्षिण में खेसरहा ब्लॉक के बेलवा, महुआ गांव के बीच की दूरी भी 150 किमी से अधिक है। ऐसे में जिले के 2800 वर्ग किमी क्षेत्रफल में आबादी और गैर आबादी में स्थित कृषि क्षेत्र को आग से बचाने के लिए संसाधनों की बेहद कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चार फायर टेंडर के भरोसे है बचाव कार्य
पांच तहसीलों में सिर्फ पुराने नौगढ़ एवं डुमरियागंज में ही अग्निशमन केंद्र स्थापित है। जिला मुख्यालय के पुराने नौगढ़ स्थित केंद्र पर एक 4500 लीटर क्षमता की फायर टेंडर व दो 2500-2500 लीटर क्षमता के फायर टेंडर है। इसके अलावा मौके पर पानी मिलने पर काम करने वाली दो बोलेरो पंपसेट उपलब्ध हैं। डुमरियागंज में स्थित केंद्र पर एक 4500 लीटर क्षमता का फायर टेंडर व एक 450 लीटर क्षमता का फायर टेंडर और मौके पर पानी मिलने पर आग बुझाने के लिए दो बोलेरो पंपसेट उपलब्ध हैं।
तीन तहसीलों में नहीं है संसाधन, कर्मियों की भी कमी
जिले के पांच तहसीलों में तीन तहसीलों बांसी, इटवा और शोहरतगढ़ में न तो अग्निशमन केंद्र है और न ही यहां पर आग बुझाने का कोई संसाधन है। सभी तहसीलों में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की योजना के तहत अब तक इन तीनों तहसीलों में भूमि उपलब्ध हो चुकी है। बांसी को छाेड़ इटवा व शोहरतगढ़ में निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की भी कमी है। यहां पांच हवलदार तैनात हैं जबकि 36 के सापेक्ष मात्र 26 फायरमैन और छह की जगह चार ड्राइवर उपलब्ध हैं।
बिजली तारों के शाॅर्ट सर्किट से लगती है आग
पिछले साल गर्मी में 419 घटनाओं में कई हेक्टेयर फसल जल गई थी और किसान बर्बाद हो गए थे। इनमें ज्यादातर स्थानों पर बिजली की चिंगारी से आग लगी थी, इसके बावजूद भी बिजली के तार दुरुस्त नहीं हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब चार दशक पुराने तारों से बिजली आपूर्ति दी जा रही है, इन जर्जर और ढीले तारों के कारण गर्मी में तार टूटकर गिरते हैं और फसल में आग लग जाती है। वहीं पुरानी नौगढ़ व डुमरियागंज केंद्र से दमकल गाड़ियों के 60 से 70 किमी दूर जाकर आग बुझाने की चुनौती होती है।

नष्ट फसल का मुआवजा नाकाफी
पिछले साल अगलगी के घटना में खेत में खड़ी 10 बीघा गेहूं फसल जलकर राख हो गई थी, जिसका मुआवजा अभी तक नही मिला।
मनोज कुमार उर्फ मोनू चौधरी, पिपरा गोसाई, डुमरियागंज

पिछले साल अप्रैल में 11 बीघा गेहूं फसल जल कर राख हो गया था, ढाई हजार रुपये प्रति बीघा दर से मिला मुआवजा नाकाफी था।
-कमाल अहमद, परसा रानी, भारतभारी
पांच तहसील क्षेत्र के बड़े दायरे में आबादी एवं खेत की फसल को आग से बचाव के लिए जरूरी पांच बड़े फायर टेंडर के सापेक्ष विभाग के पास मात्र चार फायर टेंडर उपलब्ध है। आग लगने की घटना की सूचना पर उपलब्ध संसाधन से ही तत्काल बचाव कार्य किए जाते हैं।
-नासरूद्दीन खान, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed