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Siddharthnagar News: सख्ती के बाद बदला तस्करी का ट्रेंड... अब नशीले इंजेक्शन का जाल

Sun, 04 Oct 2026 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 04 Oct 2026 03:00 AM IST
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The trend of smuggling has changed after strict measures... now there is a network of drug injections.

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सिद्धार्थनगर। नेपाल बाॅर्डर पर तस्करी को ट्रेंड बदल रहा है। धरपकड़ और सख्ती से बढ़ी तो सिरप और चरस के बजाय अब तस्करों ने नशीले इंजेक्शन की तस्करी की ओर रुख किया है। नेपाल के रुपनदेही पुलिस की हालिया कार्रवाई इस बात को पुख्ता कर रही है कि खाने और पीने वाले मादक पदार्थ के बजाय तस्कर अब सीधे इंजेक्शन से ड्रग की डोज दे रहे हैं। पकड़ से बचने के लिए अपनाया गया पैंतरा उनकी मोटी कमाई करा रहा है। बाॅर्डर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बाॅर्डर एरिया से यह इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और चुनिंदा तस्कर लेकर जाते हैं। डील पहले से तय रहती है।
आसपास के जनपद नेपाल से बाॅर्डर से लगते हैं। इसमें सिद्धार्थनगर के अलावा महराजगंज, बलरामपुर के अलावा कई जनपद नेपाल बाॅर्डर को भारतीय सीमा से जोड़ते हैं। खुली सीमा पर तस्करों की नजर रही है। जिस सामान की मांग रहती है, उसी की ही तस्करी शुरू हो जाती है। इसमें अधिक मुनाफा उसे तस्कर पकड़े लेते हैं। बाॅर्डर इलाके में सख्ती और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से धरपकड़ किए जाने के बाद तस्कर समय-समय पर सिर उठाते हैं। इस बार नेपाल के रूपनदेही जिले की पुलिस की कार्रवाई में तीन तस्कर पकड़े गए, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद कीं, जिनमें 1100-1100 एम्प्यूल फेनेरगन, डायजेपाम और ब्रूफिन बरामद हुआ है। यह दवाएं नेपाल में प्रतिबंधित हैं। तस्कर ड्रग की खेप पहुंचा रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि अब दवाओं की तस्करी शुरू हो गई है। ऐसा बाॅर्डर से जुड़े लोगों का कहना है।
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ककरहवा और अलीगढ़वा बार्डर एरिया से जुड़े कुछ लोगों ने बताया कि डिमांड नेपाल से होती है। इसके बाद यहां से आपूर्ति की जाती है। वहां पर ड्रग तस्करों का नेटवर्क है जो यहां से कनेक्ट है। पकड़ा गया यह गिरोह कहीं न कहीं पहले से ही कनेक्ट था और डिमांड के बाद आपूर्ति देने के लिए गया था, लेकिन सटीक मुखबिरी से कार्रवाई हुई और पकड़ में आ गए। जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है। दवाओं की तस्करी के मामले में यहां अकसर सामने आते हैं। इसमें कई चरण में तस्करों का नेटवर्क काम करता है। खरीद करने वाला कोई और होता है और डिलीवरी और नेटवर्क सेट करने वाला कोई और होता है।
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फिलहाल नेपाल पुलिस की टीम अबतक इसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि नेटवर्क की जड़ कहां से है? किसी जनपद से तस्कर सीमा पार करके नेपाल में डिलीवरी देने के लिए आए थे और किसे डिलीवरी देनी थी। बाॅर्डर इलाके के जानकर बताते हैं शराब सहित अन्य मादक पदार्थ की तस्करी पर सख्ती और धरपकड़ बढ़ी है तो दवाओं पर काम शुरू कर दिए हैं। इस प्रकार से पहले भी आ चुका है।
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तस्करी का ट्रेंड
सीमावर्ती इलाके लोगों के मुताबिक सीमा क्षेत्र के मेडिकल स्टोर से तस्करी करने वालों की पैठ है। पहले वे नेपाल में सेटिंग करते हैं, इसके बाद बाॅर्डर एरिया के दुकानदारों से सेटिंग कर रेट तय करते हैं और फिर डिमांड करते हैं। डिमांड मिलने के बाद यहां से डिलीवरी दी जाती है। बताया यह भी जा रहा है कि यह काम क्रेडिट पर होता है। यहां से लेकर जाकर बिक्री करते हैं और उससे मिलने वाली रकम में उनके तय रेट के हिसाब भुगतान करते हैं और बीच की कमाई उनकी होती है। इसके अलावा कुछ दुकानें ऐसी हैं जो नेपाली युवकों के भरोसे चलता है। वहां से लोग यहां आते हैं, नेपाल से दवा लेते हैं और फिर खाकर निकल जाते हैं। इस प्रकार से धंधा बड़े पैमाने पर चलता है। इसमें पूरा नेटवर्क काम करता है।
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बाॅर्डर पर पकड़ी गई थी कोडिनयुक्त कफ सिरप
माेहाना पुलिस ने करीब दो माह पहले बाॅर्डर पर चेकिंग के दौरान कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद की गई थी। इसमें एक नेपाल और दो भारतीय युवक पकड़े गए थे। पूछताछ में नेपाल में लेकर ऊंचे दाम पर बिक्री करने की बात स्वीकार की थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच में लगी थी कि प्रतिबंधित सिरप कहां से आया। कड़ी से कड़ी को जोड़ने में जुटी रही, जिससे बड़े नेटवर्क को तोड़ा जा सके। इसके अलावा बाॅर्डर पर नशे की गोली लगभग हर माह बरामद की जाती है। सबसे बड़ी रिकवरी नेपाल पुलिस की ओर से की जाती है। बाॅर्डर से निकलने के बाद अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई नेपाल पुलिस की ओर से करने की बात सामने आई है। जैसा कि हालिया घटनाओं में सामने आया है और उसके नेटवर्क सीमावर्ती जिलों से होना पाया गया है।
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तस्करी का नेटवर्क सक्रिय होने के संकेत
खुनुवां। नेपाल के रूपनदेही जिले में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को दबोच लिया। पकड़े गए तस्करों में दो पड़ोसी जनपद महरागंज के निवासी हैं जबकि, एक नेपाल का रहने वाला है। इनके कब्जे से नशीली दवाएं बरामद कीं, जिनमें 1100-1100 एम्प्यूल फेनेरगन, डायजेपाम और ब्रूफिन बरामद हुई थी। पुलिस ने मुठभेड़ में इन्हें दबोचा गया। पुलिस की घेराबंदी के बाद पुलिस के मुताबिक, जब जवानों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पहले एक राउंड हवाई फायरिंग की, फिर दो राउंड सीधे फायर किया, जिसमें रोहिणी ग्रामीण नगर पालिका नंबर दो खुरहुरिया निवासी विशाल यादव के बाएं पैर में गोली लग गई। उसे तत्काल भैरहवा स्थित भीम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में विशाल यादव के अलावा भारत के महाराजगंज जिले के अरुण कुमार (18) और विनय पांडेय (20) शामिल हैं। पुलिस अब कनेक्शन तलाश रही है कि वे ड्रग्स कहां से ला रहे थे और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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बोले जिम्मेदार
पुलिस टीम पूरी तरह से अलर्ट है। लगातार जांच की जा रही है। पकड़े गए तस्करों के जरिए नेटवर्क के बारे में जानकारी ली जा रही है, जिससे अन्य लोगों पर कार्रवाई की जा सके।
- कृष्ण कुमार चंद, प्रवक्ता, डीएसपी रूपनदेही जिला पुलिस कार्यालय
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