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होम आइसोलेट मरीज को खतरे की पहचान कराएगी टीम

Thu, 13 May 2021 10:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 May 2021 10:25 PM IST
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The team will alert the home isolate patient
होम आइसोलेट मरीज को सतर्क करेगी टीम
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कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी कर रहे कर्मियों को मिली ट्रेनिंग
दूरभाष संपर्क में मरीज को बताएंगे लक्षण, करेंगे सतर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी होम आइसोलेट मरीज को खतरे के लक्षण की पहचान कराएंगे। आइसोलेट मरीज से दूरभाष संपर्क में खतरे के लक्षण बताते हुए समय-समय पर दवा का सेवन करने की अपील करेंगे। यूनीसेफ के डीएमसी अमित शर्मा ने कंट्रोल रूम में होम आइसोलेट मरीजों को मॉनीटर कर रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के चिकित्सक-कर्मचारियों को इसके लिए ट्रेनिंग दी है।
डीएमसी अमित शर्मा ने बताया कि कोरोना का सेकेंड वेब अपेक्षाकृत खतरनाक है। होम आइसोलेशन में भी लोगों को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें हो रही हैं। कोविड कंट्रोल रूम से हर रोज पॉजिटिव लोगों से संपर्क कर हाल जाना जा रहा है, लेकिन अब इसका दायरा थोड़ा बढ़ा दिया गया है। आरबीएसके टीम पॉजिटिव से संपर्क के दौरान अच्छे तरीके से बात करें। उनकी समस्याओं व परेशानियों को ठीक से सुनें। उन्हें बातचीत के दौरान खानापूर्ति न महसूस हो, इसका जरूर ध्यान रखें। उन्हें जरा भी दिक्कत होने पर तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को सूचित कर घर पर विजिट कराना सुनिश्चित करें, ताकि उनकी समस्या का निदान हो सके। आरआरटी घरों पर विजिट के दौरान कोविड पॉजिटिव मरीज से अच्छे से बात करें। इसके लिए सभी टीम को सूचित कराना सुनिश्चित करें। इसके अलावा कांटेक्ट ट्रेसिंग पर भी आरआरटी जोर देते हुए 100 फीसदी विजिट सुनिश्चित करें। पॉजिटिव से कहें कि वह अपने पास रखे पल्स आक्सीमीटर व थर्मामीटर से दिन में दो से तीन बार बुखार व ऑक्सीजन, पल्स रेट आदि चेक करते रहें। डीईआईसी मैनेजर अनंत प्रकाश ने बताया कि यूनीसेफ द्वारा मिले ट्रेनिंग के बाद सभी को दी गई जानकारी के अनुसार कार्य करने के लिए कहा गया है।
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बताएं खतरे के लक्षण
पॉजिटिव से टेलीफोनिक संपर्क के दौरान बताना है कि सांस फूलने, चेहरे पर भारीपन महसूस होना, अचेतना का भाव महसूस होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आरआरटी या कोविड कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि टीम समय पर उपचार कर सके। समय पर सूचना देने पर जीवन सुरक्षित रहेगा।
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97 फीसदी दवा वितरण
जिले में होम आइसोलेट चल रहे 97 फीसदी मरीजों के घरों तक दवा पहुंच रहा है। कोविड कंट्रोल रूम में दवा वितरण के लिए संबंधित सीएचसी-पीएचसी व आरआरटी को सौ फीसदी होम आइसोलेट मरीज के घरों तक दवा पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस पर ध्यान देते हुए संबंधित को सूचना दें।
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