{"_id":"6ac158844b9fae488104a514","slug":"the-sound-of-a-tractor-agitates-the-langurs-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-165720-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: ट्रैक्टर की आवाज से बिगड़ जाता है लंगूरों का मिजाज... दूर तक करते हैं पीछा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: ट्रैक्टर की आवाज से बिगड़ जाता है लंगूरों का मिजाज... दूर तक करते हैं पीछा
Sun, 04 Oct 2026 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सकारपार। बांसी तहसील क्षेत्र के मिठवल ब्लॉक क्षेत्र के हसवापार गांव में लंगूर ट्रैक्टर चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ट्रैक्टर की आवाज सुनते ही वे हमलावर हो जा रहे हैं। लंगूर ट्रैक्टर पर चढ़ने की कोशिश करते हुए दूर तक पीछा करते हैं।
इनसे बचने में कई चालक और ट्रैक्टर पर सवार लोग घायल हो चुके हैं। गांव के लोग ट्रैक्टर लेकर खेतों की ओर निकलने में डरने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक हसवापार के साथ ही टोला खड़ियवा, मुंडार खुर्द और मुंडार बुजुर्ग के सिवान में कई महीने से रह रहे लंगूर पैदल राहगीरों और दूसरे वाहनों को परेशान नहीं करते। ट्रैक्टर की आवाज सुनते ही वह अचानक आक्रामक हो जाते हैं। ट्रैक्टर खेत में चल रहा हो या सड़क पर, लंगूर उसका पीछा करते हैं और उस पर चढ़ने का प्रयास करते हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि लंगूर से बचने के लिए चालक ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा देते हैं लेकिन वह दूर तक पीछा करते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। खेतों में कृषि कार्य शुरू होने के साथ ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही है।
विज्ञापन
कई किसानों की धान की फसल तैयार है। कंबाइन नहीं चलने से थ्रेसर से मड़ाई कराने की तैयारी है। खाली खेतों की जुताई कर सरसों, आलू समेत अन्य फसलें बोने का काम भी होना है।
ग्रामीणों के अनुसार लंगूरों के डर से दूसरे गांवों के ट्रैक्टर चालक यहां आने से कतरा रहे हैं। गांव के लोगों को लंगूर की आक्रामकता की जानकारी है, इसलिए वे ट्रैक्टर लेकर निकलते समय सतर्क रहते हैं। वहीं बाहर से आने वाले चालकों को इसकी जानकारी नहीं रहती। वहीं दूसरे गांवों से आने वाले चालक अचानक संकट में पड़ जाते हैं।
प्रशासक प्रतिनिधि भगवान दास ने बताया कि मामले की जानकारी है। ग्रामीण आए दिन समस्या बताते रहते हैं। कई बार फोन से तहसील के उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हुआ।क
इनसे बचने में कई चालक और ट्रैक्टर पर सवार लोग घायल हो चुके हैं। गांव के लोग ट्रैक्टर लेकर खेतों की ओर निकलने में डरने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक हसवापार के साथ ही टोला खड़ियवा, मुंडार खुर्द और मुंडार बुजुर्ग के सिवान में कई महीने से रह रहे लंगूर पैदल राहगीरों और दूसरे वाहनों को परेशान नहीं करते। ट्रैक्टर की आवाज सुनते ही वह अचानक आक्रामक हो जाते हैं। ट्रैक्टर खेत में चल रहा हो या सड़क पर, लंगूर उसका पीछा करते हैं और उस पर चढ़ने का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण बताते हैं कि लंगूर से बचने के लिए चालक ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा देते हैं लेकिन वह दूर तक पीछा करते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। खेतों में कृषि कार्य शुरू होने के साथ ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही है।
विज्ञापन
कई किसानों की धान की फसल तैयार है। कंबाइन नहीं चलने से थ्रेसर से मड़ाई कराने की तैयारी है। खाली खेतों की जुताई कर सरसों, आलू समेत अन्य फसलें बोने का काम भी होना है।
ग्रामीणों के अनुसार लंगूरों के डर से दूसरे गांवों के ट्रैक्टर चालक यहां आने से कतरा रहे हैं। गांव के लोगों को लंगूर की आक्रामकता की जानकारी है, इसलिए वे ट्रैक्टर लेकर निकलते समय सतर्क रहते हैं। वहीं बाहर से आने वाले चालकों को इसकी जानकारी नहीं रहती। वहीं दूसरे गांवों से आने वाले चालक अचानक संकट में पड़ जाते हैं।
प्रशासक प्रतिनिधि भगवान दास ने बताया कि मामले की जानकारी है। ग्रामीण आए दिन समस्या बताते रहते हैं। कई बार फोन से तहसील के उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हुआ।क