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Siddharthnagar News: हाई रिस्क वाले 612 गांवों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर, घर-घर होगी जांच

Tue, 19 May 2026 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 19 May 2026 12:15 AM IST
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The health department is monitoring 612 high-risk villages, conducting door-to-door testing.
सिद्धार्थनगर। जनपद को टीबी की हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है। राज्य स्तर से हुए मॉनिटरिंग के बाद जिले की 1136 ग्राम पंचायत में 612 ग्राम पंचायतों को हाई रिस्क श्रेणी में चिह्नित किया गया है। जहां 100 दिवसीय टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, जांच और इलाज के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। लगातार खांसी, बुखार, कमजोरी और वजन कम होने जैसे लक्षण वाले लोगों की तत्काल जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जाएगी और उनके इलाज की नियमित मॉनिटरिंग की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। यह गांव में शासन की मॉनिटरिंग में रहेंगे, यहां विशेष देखभाल की जाएगी।
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सरकार टीबी की निशुल्क जांच और दवा देने के साथ ही उसे जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाती है। करीब 30 लाख की आबादी वाले इस जनपद की गिनती देश के अति पिछड़े जनपदों की श्रेणी में रखा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं लेकर समस्या है, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष काम किया जाता है। जनपद में राज्य स्तर से हुई मॉनिटरिंग में 1136 ग्राम पंचायतों में 612 गांवों को टीबी संभावित मरीजों के लिए हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है।
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इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिये गांवों में ही जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शिविरों में एक्स-रे के साथ बीपी, शुगर और अन्य स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।
सिसवा ग्रांट में आयोजित शिविर का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जांच कराने की अपील की।

अधिकारियों के अनुसार अभियान चार जुलाई 2026 तक चलेगा। दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, कमजोरी या तेजी से वजन कम होने की शिकायत हो, उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए।
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