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Siddharthnagar News: विस्तारित क्षेत्र में भी जल्द दिखेगी विकास की चमक, बदलेगी तस्वीर
Sat, 13 Sep 2025 10:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Sep 2025 10:50 PM IST
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शहर के हनुमंत नगर का मुख्य मार्ग खड़ंजा। संवाद
सिद्धार्थनगर। तीन साल पहले शहरी बने ग्रामीण इलाकों के दिन अब बहुरने वाले हैं। अभी तक बिना सड़क, नाली और पेयजल आदि सुविधा के गुजर कर रहे यहां के लोग अब शहरी सुविधा से लैस होंगे। नगर पालिका की तरफ से तैयार की कार्ययोजना के अनुसार छह करोड़ रुपये लागत से इन क्षेत्रों का कायाकल्प होगा।
इससे जहां विस्तारित क्षेत्र में सड़कें व नालियां बनेंगी, वहीं विद्यालयों का भी कायाकल्प होगा। साथ ही इन विस्तारित क्षेत्रों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की तीन पेयजल योजना पर भी कार्य चल रहा है। अब नगर पालिका की तरफ से बनी कार्ययोजना में शहरी क्षेत्र में शामिल 70 हजार से अधिक आबादी को बेहतर सुविधा की उम्मीद बढ़ गई है।
शहर में शामिल हुए वह 20 से अधिक गांव जिनकी पहचान अब मोहल्लों के रूप में हो रही है, वहां मूलभूत सुविधाओं में अभी भी कोई बदलाव नहीं हो सका है। नगर पालिका के विस्तार में शामिल हुए पकड़ी, मधुकरपुर, थरौली, पिपरा पांडेय, भीमापार आदि गांवों की पहचान अब नए मोहल्ले में हो चुकी है। जबकि यहां सड़क, नाली व अन्य सुविधाएं गांवों की तरह बदहाल है।
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पूर्व में ग्राम पंचायत के दौरान यहां पर निर्मित खड़ंजा व कच्ची सड़क अथवा नाली ही अभी तक उपयोग में है। थरौली निवासी अमित त्रिपाठी व शत्रुहन का कहना है कि शहर में शामिल होने के बाद भी कच्ची सड़क व खड़ंजा पर आवागमन करना पड़ रहा है।
परसा शाह आलम निवासी पूर्व प्रधान श्याम नरायन मौर्या का कहना है कि नगर पालिका में शामिल गांवों में शहरी सुविधा की दरकार है।
यहां सड़कों व नालियों का होगा निर्माण : धेंसा। नगर पालिका के अटलनगर वार्ड (पिपरा पांडेय) में प्राथमिक विद्यालय तीन सौ मीटर खड़ंजा सड़क गांव में गई है। कई वर्ष पूर्व बने इस खड़ंजा मार्ग से ही प्राथमिक विद्यालय से जन आरोग्य मंदिर तक लोग आवागमन करते हैं, जिससे लोगों को दिक्कत होती है। गांव में नाली निर्माण भी अधूरे पड़े है।
शहर से सटे पिछड़े क्षेत्रों का होगा विकास : नगर पालिका विस्तार से पहले ही शहर से सटे होने के बावजूद थरौली जो अब सिहेंश्वरीपुरम और बाल्मिकीनगर मोहल्ला बन चुका है, विकास के लिए तरस रहा था। सिहेंश्वरीपुरम में बसी नई आबादी क्षेत्र में नवीन मंडी के सामने से खड़ंजा मार्ग है, यहां न तो पक्की सड़क है और न ही नाली का निर्माण हुआ है।
सरकारी विद्यालयों का होगा कायाकल्प : शहर के पूरब पड़ाव मोहल्ले में प्राथमिक तेतरी बाजार द्वितीय भवन जर्जर हो चुका है। यहां तक कि इसकी दीवार और छत में पड़ चुकी दरारों के चलते इस भवन के आसपास भी गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है।
वहीं शास्त्रीनगर में स्थित कंपोजिट विद्यालय तेतरी बाजार प्रथम और कृष्णानगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन भी जर्जर हो चुके हैं। नगर पालिका की तरफ से इन विद्यालय भवनों के कायाकल्प करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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इससे जहां विस्तारित क्षेत्र में सड़कें व नालियां बनेंगी, वहीं विद्यालयों का भी कायाकल्प होगा। साथ ही इन विस्तारित क्षेत्रों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की तीन पेयजल योजना पर भी कार्य चल रहा है। अब नगर पालिका की तरफ से बनी कार्ययोजना में शहरी क्षेत्र में शामिल 70 हजार से अधिक आबादी को बेहतर सुविधा की उम्मीद बढ़ गई है।
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शहर में शामिल हुए वह 20 से अधिक गांव जिनकी पहचान अब मोहल्लों के रूप में हो रही है, वहां मूलभूत सुविधाओं में अभी भी कोई बदलाव नहीं हो सका है। नगर पालिका के विस्तार में शामिल हुए पकड़ी, मधुकरपुर, थरौली, पिपरा पांडेय, भीमापार आदि गांवों की पहचान अब नए मोहल्ले में हो चुकी है। जबकि यहां सड़क, नाली व अन्य सुविधाएं गांवों की तरह बदहाल है।
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पूर्व में ग्राम पंचायत के दौरान यहां पर निर्मित खड़ंजा व कच्ची सड़क अथवा नाली ही अभी तक उपयोग में है। थरौली निवासी अमित त्रिपाठी व शत्रुहन का कहना है कि शहर में शामिल होने के बाद भी कच्ची सड़क व खड़ंजा पर आवागमन करना पड़ रहा है।
परसा शाह आलम निवासी पूर्व प्रधान श्याम नरायन मौर्या का कहना है कि नगर पालिका में शामिल गांवों में शहरी सुविधा की दरकार है।
यहां सड़कों व नालियों का होगा निर्माण : धेंसा। नगर पालिका के अटलनगर वार्ड (पिपरा पांडेय) में प्राथमिक विद्यालय तीन सौ मीटर खड़ंजा सड़क गांव में गई है। कई वर्ष पूर्व बने इस खड़ंजा मार्ग से ही प्राथमिक विद्यालय से जन आरोग्य मंदिर तक लोग आवागमन करते हैं, जिससे लोगों को दिक्कत होती है। गांव में नाली निर्माण भी अधूरे पड़े है।
शहर से सटे पिछड़े क्षेत्रों का होगा विकास : नगर पालिका विस्तार से पहले ही शहर से सटे होने के बावजूद थरौली जो अब सिहेंश्वरीपुरम और बाल्मिकीनगर मोहल्ला बन चुका है, विकास के लिए तरस रहा था। सिहेंश्वरीपुरम में बसी नई आबादी क्षेत्र में नवीन मंडी के सामने से खड़ंजा मार्ग है, यहां न तो पक्की सड़क है और न ही नाली का निर्माण हुआ है।
सरकारी विद्यालयों का होगा कायाकल्प : शहर के पूरब पड़ाव मोहल्ले में प्राथमिक तेतरी बाजार द्वितीय भवन जर्जर हो चुका है। यहां तक कि इसकी दीवार और छत में पड़ चुकी दरारों के चलते इस भवन के आसपास भी गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है।
वहीं शास्त्रीनगर में स्थित कंपोजिट विद्यालय तेतरी बाजार प्रथम और कृष्णानगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन भी जर्जर हो चुके हैं। नगर पालिका की तरफ से इन विद्यालय भवनों के कायाकल्प करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।